WB Kalighat Temple: सुरक्षा घेरे में आया प्रसिद्ध कालीघाट मंदिर, परिसर में नई पुलिस फाड़ी के गठन का ऐलान

WB Kalighat Temple : कोलकाता पुलिस ने सुरक्षा के मद्देनजर बड़ा कदम उठाते हुए कालीघाट मंदिर परिसर में नई पुलिस चौकी बनाने का फैसला किया है। तैनात होंगे 20 विशेष जवान।
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सुरक्षा घेरे में आया प्रसिद्ध कालीघाट मंदिर
WB Kalighat Temple: पश्चिम बंगाल में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक चाक-चौबंद करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। राज्य के विभिन्न इलाकों में हाल के दिनों में सामने आए संदिग्ध सुरक्षा खतरों और खुफिया इनपुट को ध्यान में रखते हुए कोलकाता पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। इसी कड़ी में शहर के अति-संवेदनशील और प्रसिद्ध कालीघाट मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह से अपग्रेड करते हुए मंदिर परिसर के भीतर ही एक नई पुलिस चौकी (फाड़ी) स्थापित करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है।
लालबाजार ने जारी की आधिकारिक अधिसूचना
पुलिस मुख्यालय लालबाजार के उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक, देश-विदेश से रोजाना आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की भीड़, वीवीआईपी दौरों और मंदिर के धार्मिक व रणनीतिक महत्व को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। कोलकाता पुलिस कमिश्नर ने इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना भी जारी कर दी है। अब तक मंदिर की सुरक्षा का जिम्मा स्थानीय कालीघाट थाने के पास था, लेकिन बढ़ती सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए मंदिर के लिए एक अलग और समर्पित पुलिस विंग तैयार किया जा रहा है।
20 पुलिसकर्मियों की विशेष टीम संभालेगी मोर्चा
नई कालीघाट पुलिस चौकी पर कानून-व्यवस्था और सुरक्षा की कमान संभालने के लिए कुल 20 प्रशिक्षित कर्मियों को तैनात किया जाएगा जो चौबीसों घंटे मुस्तैद रहेंगे।
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चौकी प्रभारी: एक अनुभवी इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारी इस पूरी यूनिट का नेतृत्व करेंगे।
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सब-ऑर्डिनेट अधिकारी: व्यवस्था संभालने के लिए 2 सब-इंस्पेक्टर या सार्जेंट और 4 असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर तैनात होंगे।
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सुरक्षा बल: सुरक्षा और गश्त के लिए 8 कांस्टेबल और महिला श्रद्धालुओं की सुविधा व सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 5 महिला कांस्टेबलों की नियुक्ति की गई है। यह नई पुलिस चौकी स्थानीय कालीघाट थाने के साथ मिलकर काम करेगी और साउथ डिवीजन के डीसीपी के सीधे निर्देशों के तहत संचालित होगी।
क्यों पड़ी इस स्वतंत्र पुलिस चौकी की जरूरत
विशेषज्ञों का मानना है कि कालीघाट मंदिर में पर्व-त्योहारों के दौरान भारी भीड़ उमड़ती है जिससे स्थानीय थाने पर अतिरिक्त दबाव आ जाता था। मंदिर परिसर के अंदर ही अलग से पुलिस फाड़ी होने से किसी भी आपात स्थिति संदिग्ध गतिविधि या भगदड़ जैसी अनहोनी से तुरंत और प्रभावी ढंग से निपटा जा सकेगा।
रिपोर्ट: शिंकी सिंह, कोलकाता



