कठिन समुद्री सफर में ईश्वरी ने दिखाई अद्भुत हिम्मत
Blind swimmer Ishwari Pandey Palk Strait crossing: नागपुर की 17 वर्षीय दृष्टिहीन तैराक ईश्वरी कमलेश पांडे ने 6 अप्रैल 2026 को इतिहास रच दिया। वह पाल्क जलडमरूमध्य (Palk Strait) को सफलतापूर्वक पार करने वाली विश्व की पहली पूर्णतः दृष्टिहीन तैराक बन गई हैं।
11 घंटे 15 मिनट की ऐतिहासिक यात्रा
ईश्वरी ने सुबह 4:00 बजे श्रीलंका के तलाईमन्नार के निकट उरमालाई पॉइंट से अपनी तैराकी यात्रा आरंभ की। लगातार संघर्ष करते हुए वह दोपहर 3:15 बजे भारत के धनुष्कोडी स्थित अरिचलमुनई तट पर पहुंचीं। यह पूरी दूरी उन्होंने मात्र 11 घंटे 15 मिनट में तय की।
इस दौरान उन्हें समुद्र की तेज धाराओं, ऊंची लहरों और जेलीफिश जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ा। इन सबके बावजूद उन्होंने असाधारण धैर्य, सहनशक्ति और मानसिक दृढ़ता का परिचय दिया।
11 घंटे में पूरा किया ऐतिहासिक तैराकी का सफर
राष्ट्रीय स्तर पर पहले भी साबित किया दम
जन्म से दृष्टिहीन ईश्वरी राष्ट्रीय स्तर की पैरालंपिक तैराक हैं और स्वर्ण पदक विजेता भी। इससे पहले भी वह खुले पानी में अपनी असाधारण क्षमता प्रदर्शित कर चुकी हैं।
परिवार और अकादमी का अहम योगदान
इस उपलब्धि में उनके माता-पिता श्री कमलेश पांडे और श्रीमती अरुणा पांडे का निरंतर सहयोग महत्वपूर्ण रहा। यह अभियान ओपन वॉटर स्विमिंग अकादमी, थेनी द्वारा आयोजित किया गया था, जिसमें सुरक्षा के संपूर्ण इंतजाम किए गए थे।
नागपुर की इस बेटी की उपलब्धि न केवल महाराष्ट्र, बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है। आने वाले दिनों में उनके सम्मान में नागपुर में कार्यक्रम आयोजित किए जाने की संभावना है।
रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र