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नागपुर के बाढ़ नियोजन पर उठे सवाल, अभिजीत झा की आपत्ति के बाद सलाहकार नियुक्ति का प्रस्ताव प्रशासन को वापस

नागपुर के बाढ़ नियोजन पर उठे सवाल, अभिजीत झा की आपत्ति के बाद सलाहकार नियुक्ति का प्रस्ताव प्रशासन को वापस
Nagpur Flood Planning Abhijit Jha Objection: नागपुर के बाढ़ नियोजन पर उठे सवाल, अभिजीत झा की आपत्ति के बाद सलाहकार नियुक्ति का प्रस्ताव प्रशासन को वापस (Image: AI)

Nagpur Flood Planning Abhijit Jha Objection: नागपुर में बाढ़ नियोजन और बारिश के पानी की निकासी के लिए सलाहकार नियुक्ति के प्रस्ताव पर अभिजीत झा ने सवाल उठाए। उन्होंने 2023 की बाढ़ के बाद किए गए कामों की पूरी रिपोर्ट मांगी और सरकारी तकनीकी संस्थाओं की मदद लेने पर जोर दिया। चर्चा के बाद स्थायी समिति ने प्रस्ताव को सुधार के लिए प्रशासन को वापस भेज दिया।

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Asfi Shadab
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2023 की बाढ़ के बाद किए गए कामों पर उठे सवाल

Nagpur Flood Planning Abhijit Jha Objection: नागपुर महानगरपालिका की स्थायी समिति की बैठक में शहर के वर्षा जल निकासी और बाढ़ नियोजन से जुड़े प्रस्ताव पर कांग्रेस पार्षद एवं समिति सदस्य अभिजीत झा ने कड़ी आपत्ति जताई, जिसके बाद अध्यक्ष ने प्रस्ताव प्रशासन को वापस भेज दिया।

झा ने 2023 की भीषण बाढ़ का हवाला देते हुए पूछा कि उसके बाद तीन वर्षों में महानगरपालिका ने कौन-से ठोस उपाय किए, किन नालों को चौड़ा या गहरा किया गया और जलग्रहण क्षेत्रों का अध्ययन हुआ या नहीं। इसकी पूरी कार्रवाई रिपोर्ट पहले समिति के सामने रखने की मांग उन्होंने की।

उन्होंने निजी सलाहकार पर निर्भरता का विरोध करते हुए कहा कि वीएनआईटी नागपुर, नीरी, सीडब्ल्यूपीआरएस पुणे, आईआईटी मुंबई और सीओईपी जैसी सरकारी संस्थाओं की विशेषज्ञ मदद ली जानी चाहिए।

सरकारी तकनीकी संस्थाओं की मदद से बाढ़ योजना बनाने की मांग

बैठक में जलप्रदाय विभाग की उपायुक्त श्वेता बैनर्जी ने महानगरपालिका में विशेषज्ञ अभियंताओं की कमी स्वीकार की, जिस पर झा ने कहा, “महानगरपालिका के पास विशेषज्ञ नहीं हैं, तो सरकारी विशेषज्ञ संस्थाओं की मदद लेना अधिक उचित है।”

झा ने यह भी कहा, “2023 की बाढ़ नागपुर के लिए एक गंभीर चेतावनी थी। उसके बाद तीन वर्ष बीत चुके हैं। इस दौरान प्रशासन ने आखिर क्या किया, इसका जवाब पहले मिलना चाहिए।”

उन्होंने बाढ़ नियोजन को केवल महानगरपालिका सीमा तक सीमित न रखते हुए पूरे जलग्रहण क्षेत्र, जिला प्रशासन, जल संसाधन विभाग और लोक निर्माण विभाग को साथ लेकर दीर्घकालीन योजना बनाने की सिफारिश की।

चर्चा के बाद अध्यक्ष ने प्रस्ताव में आवश्यक सुधार कर दोबारा समिति के समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश प्रशासन को दिए। संशोधित प्रस्ताव अगली बैठक में सामने आने की उम्मीद है।


रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र

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