नागपुर के मानकापुर श्मशान घाट का जर्जर भवन दे रहा हादसे को न्योता, श्रद्धांजलि देने वालों की सुरक्षा पर चिंता

नागपुर मानकापुर श्मशान घाट के जर्जर भवन से खतरा: नागपुर के मानकापुर श्मशान घाट का एक प्रमुख हॉल जर्जर हालत में है। छत और दीवारों में दरारें हैं, प्लास्टर टूट चुका है और सरिया बाहर दिखाई दे रही है। अंतिम संस्कार और श्रद्धांजलि के समय यहां बड़ी संख्या में लोग जुटते हैं। नागरिकों ने भवन का तत्काल निरीक्षण कर खतरे वाले हिस्से की मरम्मत या पुनर्निर्माण की मांग की है।
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मानकापुर श्मशान घाट के जर्जर भवन से बढ़ी सुरक्षा की चिंता
नागपुर मानकापुर श्मशान घाट के जर्जर भवन से खतरा: पश्चिम नागपुर के मानकापुर स्थित श्मशान घाट की जर्जर हालत ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिसर में बना प्रमुख हॉल लंबे समय से बदहाल स्थिति में है, जबकि यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में नागरिक अंतिम विदाई देने पहुंचते हैं।
भवन की छत में जगह-जगह दरारें पड़ चुकी हैं। कई हिस्सों का प्लास्टर टूटकर गिर गया है और लोहे की सरिया खुले तौर पर दिखाई दे रही है। इससे यहां आने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता बनी हुई है।
मानकापुर श्मशान घाट का उपयोग सदर, छावनी, मानकापुर, गिट्टीखदान, बोरगांव, सिमनेरी हिल, गोधनी, झिंगाबाई टाकली और ओमनगर सहित आसपास के कई इलाकों के नागरिक अंतिम संस्कार के लिए करते हैं। अंतिम संस्कार और श्रद्धांजलि कार्यक्रमों के दौरान बड़ी संख्या में लोग इसी हॉल और परिसर में एकत्र होते हैं, जिससे जर्जर भवन किसी भी समय दुर्घटना का कारण बन सकता है।
नागरिकों ने जल्द निरीक्षण और मरम्मत की मांग की
परिसर में बना यह सीमेंट-कंक्रीट हॉल वर्षों पुराना बताया जा रहा है। छत और दीवारों पर दिखाई दे रही दरारें भवन की कमजोर स्थिति को दर्शाती हैं। बारिश के दौरान स्थिति और गंभीर होने की आशंका जताई जा रही है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि श्मशान घाट जैसे संवेदनशील और सार्वजनिक स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन को तत्काल ध्यान देना चाहिए। उनका सुझाव है कि किसी हादसे के बाद कार्रवाई करने के बजाय पहले ही जर्जर हिस्से की तकनीकी जांच कराकर आवश्यक मरम्मत या पुनर्निर्माण किया जाना चाहिए।
नागरिकों ने संबंधित विभाग से मांग की है कि भवन की स्थिति का तत्काल निरीक्षण कराया जाए और खतरे वाले हिस्से की मरम्मत की जाए, ताकि अंतिम विदाई के समय किसी अप्रिय घटना की आशंका न रहे।
अब देखना यह है कि प्रशासन इस मांग पर कितनी तेजी से संज्ञान लेता है।
रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र

