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‘गांव वहीं उद्यमी’ पहल से महाराष्ट्र में रोजगार और कौशल को मिलेगा बढ़ावा

‘गांव वहीं उद्यमी’ पहल से महाराष्ट्र में रोजगार और कौशल को मिलेगा बढ़ावा
Nagpur University Apprenticeship Embedded Degree Program: नागपुर विश्वविद्यालय में ‘गांव वहीं उद्यमी’ पहल पर बड़ा कार्यक्रम आयोजित (Image: AI)

Nagpur University Apprenticeship Embedded Degree Program: नागपुर विश्वविद्यालय में नई शिक्षा नीति 2020 के तहत विद्यार्थियों को उद्योगों से जोड़ने के लिए परिसंवाद आयोजित किया गया। कार्यक्रम में अप्रेंटिसशिप एम्बेडेड डिग्री प्रोग्राम और ऑन जॉब ट्रेनिंग पर चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने कहा कि ‘गांव वहीं उद्यमी’ पहल से ग्रामीण युवाओं को रोजगार और प्रशिक्षण के नए अवसर मिलेंगे।

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Asfi Shadab
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नई शिक्षा नीति से विद्यार्थियों को मिलेगा उद्योगों का अनुभव

Nagpur University Apprenticeship Embedded Degree Program: नागपुर, 30 अप्रैल 2026। राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय में 28 अप्रैल 2026 को नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति एनईपी (NEP 2020) के अंतर्गत एक दिवसीय परिसंवाद आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को उद्योगों से सीधे जोड़ना और व्यावहारिक प्रशिक्षण के अवसर उपलब्ध कराना है।

यह कार्यक्रम विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर व्यवसाय प्रबंधन विभाग, महाराष्ट्र चेंबर ऑफ कॉमर्स इंडस्ट्री एंड एग्रीकल्चर तथा इनोव्हर्सिटी के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ। कुलगुरु डॉ. मनाली क्षीरसागर के मार्गदर्शन में आयोजित इस परिसंवाद में इनोव्हर्सिटी के संस्थापक श्री मनीष पाटील, एटू डिजिटल के बिजनेस हेड श्री पराग यादव तथा विभिन्न विद्याशाखाओं के अधिष्ठाता उपस्थित रहे।

प्रास्ताविक भाषण में विभाग की ओर से डॉ. मेधा कानेटकर ने बताया कि एनईपी (NEP 2020) के अनुसार विद्यार्थियों को अप्रेंटिसशिप एम्बेडेड डिग्री प्रोग्राम एनईपी (AEDP) तथा ऑन जॉब ट्रेनिंग ओजेटी (OJT) के माध्यम से उद्योगों में व्यावहारिक अनुभव दिया जाएगा। इससे विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालयों को भी सीधा लाभ मिलेगा।

ग्रामीण युवाओं को रोजगार से जोड़ने पर दिया गया जोर

इनोव्हर्सिटी के संस्थापक श्री मनीष पाटील ने कहा, “ग्रामीण क्षेत्रों में उद्यमी तैयार कर नया महाराष्ट्र निर्माण किया जा सकता है।” उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र में 7 लाख से अधिक उद्योग इस योजना से जुड़े हैं, जिससे विद्यार्थियों को प्रशिक्षण और रोजगार के व्यापक अवसर मिलेंगे। एईडीपी (AEDP) के अंतर्गत विद्यार्थी 22 क्रेडिट अंक अर्जित कर सकेंगे।

श्री पाटील ने यह भी स्पष्ट किया कि इस योजना से विद्यार्थियों में कौशल विकास होगा, उद्योगों को प्रशिक्षित मानव संसाधन मिलेगा और शिक्षकों का भी प्रशिक्षण किया जाएगा। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित प्रतिभागियों के प्रश्नों का समाधान भी किया गया।

विश्वविद्यालय इस कार्यक्रम को संबद्ध महाविद्यालयों तक विस्तारित करने की दिशा में आगे कदम बढ़ाएगा।


रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र

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