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मालदा के 105 वर्षीय रसिक चंद्र मंडल को मिली पूरी रिहाई, सुप्रीम कोर्ट ने बाकी उम्रकैद की सजा की माफ

मालदा के 105 वर्षीय रसिक चंद्र मंडल को मिली पूरी रिहाई, सुप्रीम कोर्ट ने बाकी उम्रकैद की सजा की माफ
Malda Rasik Chandra Mondal 105 year old prisoner released Supreme Court: मालदा के 105 वर्षीय रसिक चंद्र मंडल को मिली पूरी रिहाई, सुप्रीम कोर्ट ने बाकी उम्रकैद की सजा की माफ (Photo: RB / Ekbal)

Malda Rasik Chandra Mondal 105 year old prisoner released Supreme Court: मालदा के मानिकचक निवासी 105 वर्षीय रसिक चंद्र मंडल को सुप्रीम कोर्ट से पूरी रिहाई मिल गई है। हत्या के मामले में उन्हें 1994 में उम्रकैद की सजा मिली थी। बढ़ती उम्र और खराब सेहत को देखते हुए अदालत ने उनकी बाकी सजा माफ कर दी। नवंबर 2024 से वह अंतरिम जमानत या पैरोल पर जेल से बाहर थे।

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Asfi Shadab
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105 साल की उम्र में रसिक चंद्र मंडल को मिली पूरी रिहाई

Malda Rasik Chandra Mondal 105 year old prisoner released Supreme Court: मालदा के मानिकचक ब्लॉक स्थित पश्चिम नारायणपुर गांव के निवासी 105 वर्षीय रसिक चंद्र मंडल को सुप्रीम कोर्ट ने पूर्ण मुक्ति दे दी है। उनकी उम्र और बिगड़ती सेहत को देखते हुए शीर्ष अदालत ने उनकी बाकी बची उम्रकैद की सजा माफ कर दी। इस फैसले से परिवार में खुशी की लहर है।

मामला करीब चार दशक पुराना है। 1988 में संपत्ति विवाद को लेकर रसिक चंद्र पर अपने भाई सुरेश मंडल की हत्या का आरोप लगा था। 1994 में अदालत ने उन्हें दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई, उस समय उनकी उम्र 74 वर्ष थी।

लंबे समय तक जेल में रहने के बाद 2018 में उन्होंने रिहाई के लिए कलकत्ता हाईकोर्ट का रुख किया, लेकिन वहां राहत नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में गुहार लगाई। शीर्ष अदालत ने भी शुरुआत में सजा रद्द नहीं की, लेकिन बढ़ती उम्र के साथ उनकी सेहत लगातार बिगड़ती गई। 2020 में, 99 वर्ष की आयु में, उन्होंने बुढ़ापे और उम्र संबंधी बीमारियों का हवाला देते हुए समय पूर्व रिहाई के लिए आवेदन किया।

Malda Rasik Chandra Mondal 105 year old prisoner released Supreme Court: मालदा के 105 वर्षीय रसिक चंद्र मंडल को मिली पूरी रिहाई, सुप्रीम कोर्ट ने बाकी उम्रकैद की सजा की माफ
Malda Rasik Chandra Mondal 105 year old prisoner released Supreme Court: मालदा के 105 वर्षीय रसिक चंद्र मंडल को मिली पूरी रिहाई, सुप्रीम कोर्ट ने बाकी उम्रकैद की सजा की माफ (Photo: RB / Ekbal)
Malda Rasik Chandra Mondal 105 year old prisoner released Supreme Court: मालदा के 105 वर्षीय रसिक चंद्र मंडल को मिली पूरी रिहाई, सुप्रीम कोर्ट ने बाकी उम्रकैद की सजा की माफ
Malda Rasik Chandra Mondal 105 year old prisoner released Supreme Court: मालदा के 105 वर्षीय रसिक चंद्र मंडल को मिली पूरी रिहाई, सुप्रीम कोर्ट ने बाकी उम्रकैद की सजा की माफ (Photo: RB / Ekbal)

उम्र और खराब सेहत को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने माफ की बाकी सजा

मई 2021 में सुप्रीम कोर्ट ने इस आवेदन पर पश्चिम बंगाल सरकार से जवाब मांगा, और मामला वर्षों तक चलता रहा। नवंबर 2024 में शीर्ष अदालत ने उन्हें अंतरिम जमानत या पैरोल पर रिहा करने का आदेश दिया, तभी से वे जेल के बाहर थे।

पिछले शुक्रवार तीन जजों की बेंच ने मामले का अंतिम निपटारा करते हुए कहा कि रसिक चंद्र की उम्र को देखते हुए उन्हें बाकी सजा नहीं भुगतनी होगी। अब वे परिवार के साथ अपनी इच्छानुसार बाकी जीवन बिता सकेंगे। बताया जा रहा है कि उनकी याददाश्त अब काफी कमजोर हो चुकी है और वे ठीक से बोल भी नहीं पाते।

Malda Rasik Chandra Mondal 105 year old prisoner released Supreme Court: मालदा के 105 वर्षीय रसिक चंद्र मंडल को मिली पूरी रिहाई, सुप्रीम कोर्ट ने बाकी उम्रकैद की सजा की माफ
Malda Rasik Chandra Mondal 105 year old prisoner released Supreme Court: मालदा के 105 वर्षीय रसिक चंद्र मंडल को मिली पूरी रिहाई, सुप्रीम कोर्ट ने बाकी उम्रकैद की सजा की माफ (Photo: RB / Ekbal)
Malda Rasik Chandra Mondal 105 year old prisoner released Supreme Court: मालदा के 105 वर्षीय रसिक चंद्र मंडल को मिली पूरी रिहाई, सुप्रीम कोर्ट ने बाकी उम्रकैद की सजा की माफ
Malda Rasik Chandra Mondal 105 year old prisoner released Supreme Court: मालदा के 105 वर्षीय रसिक चंद्र मंडल को मिली पूरी रिहाई, सुप्रीम कोर्ट ने बाकी उम्रकैद की सजा की माफ (Photo: RB / Ekbal)

रिपोर्ट: एकबाल, पश्चिम बंगाल

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असफ़ी शादाब राष्ट्र भारत में कंटेंट एडिटर और न्यूज़ राइटर हैं। वे क्राइम, राजनीति, सरकारी योजनाओं, खेल, राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय घटनाओं से संबंधित समाचारों का संपादन, तथ्य सत्यापन और प्रकाशन कार्य संभालते हैं। उनकी जिम्मेदारी विभिन्न राज्यों से प्राप्त समाचारों को आधिकारिक स्रोतों, उपलब्ध दस्तावेजों और विश्वसनीय जानकारी के आधार पर व्यवस्थित एवं स्पष्ट रूप में पाठकों तक पहुंचाना है। राष्ट्र भारत में वे महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, बिहार और अन्य राज्यों से प्राप्त समाचारों का संपादन करते हैं तथा उन्हें सरल, सटीक और पाठक-केंद्रित भाषा में प्रस्तुत करने का कार्य करते हैं। वे यह सुनिश्चित करते हैं कि प्रकाशित सामग्री संपादकीय मानकों, तथ्यात्मक शुद्धता और विश्वसनीय स्रोतों के अनुरूप हो। मुख्य कार्यक्षेत्र (Core Responsibilities): क्राइम, राजनीति, सरकारी योजनाओं और समसामयिक समाचारों का संपादन। विभिन्न संवाददाताओं और विश्वसनीय समाचार स्रोतों से प्राप्त सामग्री का तथ्य सत्यापन। आधिकारिक प्रेस विज्ञप्तियों, सरकारी दस्तावेजों एवं विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर समाचारों का संपादन। स्पष्ट, संतुलित और पाठक-अनुकूल भाषा में समाचार प्रस्तुत करना। राष्ट्र भारत की संपादकीय नीतियों और पत्रकारिता मानकों के अनुरूप सामग्री प्रकाशित करना। संपादकीय दृष्टिकोण (Editorial Approach): असफ़ी शादाब का उद्देश्य पाठकों तक तथ्यात्मक, संतुलित और स्पष्ट समाचार पहुंचाना है। वे प्रकाशित होने वाली प्रत्येक सामग्री की भाषा, संदर्भ और उपलब्ध स्रोतों की समीक्षा करते हैं ताकि समाचार संपादकीय गुणवत्ता और विश्वसनीयता के मानकों पर खरा उतर सके।