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बंगाल की नगरपालिकाओं में कर चोरी से पेंशन संकट, अब डिजिटल डैशबोर्ड से रखी जाएगी नजर

बंगाल की नगरपालिकाओं में कर चोरी से पेंशन संकट, अब डिजिटल डैशबोर्ड से रखी जाएगी नजर
West Bengal municipality tax evasion pension crisis: बंगाल की नगरपालिकाओं में टैक्स चोरी से पेंशन संकट गहराया। अब डिजिटल सिस्टम से रखी जाएगी नजर, जानें पूरी जानकारी। (File Photo)

बंगाल की नगरपालिकाओं में टैक्स चोरी से पेंशन संकट गहराया। अब डिजिटल सिस्टम से रखी जाएगी नजर, जानें पूरी जानकारी।

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Shinki Singh
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आसनसोल और दुर्गापुर निगमों में वित्तीय बदहाली

पश्चिम बंगाल की नगरपालिकाओं की आर्थिक हालत बहुत खराब हो चुकी है। इसी वजह से आसनसोल, दुर्गापुर और बर्धमान जैसे बड़े शहरों में भी कर्मचारियों को पेंशन मिलने को लेकर संकट खड़ा हो गया है। राज्य के शहरी विकास विभाग का मानना है कि इसकी सबसे बड़ी वजह करोड़ों रुपये की टैक्स चोरी है। आरोप है कि कई मामलों में स्थानीय नेताओं या अधिकारियों की मिलीभगत से व्यापारी और बड़ी कंपनियां करोड़ों रुपये का नगरपालिका टैक्स नहीं भर रही हैं। बिना नक्शा पास कराए बड़ी-बड़ी इमारतें बन रही हैं, और होर्डिंग तथा पार्किंग के ठेकों में भी बड़ी गड़बड़ियां सामने आ रही हैं।

पेंशन संकट से निपटने के लिए तकनीक का सहारा

इस बड़ी समस्या से निपटने के लिए अब नगर विभाग ने राज्य की सभी 120 नगरपालिकाओं पर सीधी और डिजिटल नजर रखने का फैसला किया है। इसके लिए एक ऐसा सॉफ्टवेयर तैयार किया जा रहा है जिससे कंप्यूटर पर एक क्लिक करते ही किसी भी नगरपालिका की पूरी जानकारी सामने आ जाएगी । वहां कितना टैक्स वसूला गया, कितना बाकी है और पार्किंग या होर्डिंग से कितना पैसा आया। अधिकारियों का कहना है कि इस नई व्यवस्था के बाद टैक्स चोरी करने का कोई रास्ता नहीं बचेगा।

1700 दुकानों पर टैक्स बकाया,500 करोड़ का जुर्माना अटका

आसनसोल नगर निगम में अकेले करीब 1700 दुकानों और कंपनियों पर टैक्स बाकी है। इसके अलावा जामुड़िया औद्योगिक क्षेत्र में गैरकानूनी निर्माण को लेकर करीब 500 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया था जो अब तक वसूला नहीं जा सका। दो बड़े औद्योगिक शहर होने के बावजूद आसनसोल और दुर्गापुर दोनों नगर निगमों की आर्थिक हालत खराब है। हालात ऐसे हैं कि पंचायत कर्मचारियों की पूरी पेंशन सरकार देती है, जबकि नगर कर्मचारियों की पेंशन का 60 प्रतिशत हिस्सा राज्य सरकार और 40 प्रतिशत हिस्सा नगरपालिकाओं को खुद के पैसे से देना पड़ता है, जो वे नहीं दे पा रही हैं।

अग्निमित्रा पाल ने भ्रष्टाचार पर उठाए सवाल

शहरी विकास मंत्री अग्निमित्रा पाल ने सख्त लहजे में कहा कि पिछली सरकार के समय हुआ भ्रष्टाचार अगर सामने आ गया, तो गिनीज बुक में रिकॉर्ड बन जाएगा। उन्होंने कहा कि शहरी इलाकों में टैक्स चोरी आम बात बन गई थी, जिसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस डिजिटल सिस्टम के जरिए अब कोई भी भ्रष्ट अधिकारी किसी को गलत फायदा नहीं पहुंचा पाएगा और टैक्स वसूली पूरी तरह पारदर्शी तरीके से होगी।


रिपोर्ट: शिंकी सिंह, कोलकाता

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शिंकी सिंह (Shinki Singh) पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग एक दशक का अनुभव रखती हैं। उन्होंने वर्ष 2017 में दैनिक सन्मार्ग से अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत की, जहाँ कई वर्षों तक फील्ड रिपोर्टिंग और न्यूज़ डेस्क की जिम्मेदारियाँ निभाईं। इस दौरान उन्होंने राजनीति, सामाजिक सरोकारों, महिला मुद्दों और जनहित से जुड़े विषयों पर व्यापक रिपोर्टिंग की। इसके साथ ही न्यूज़ एंकरिंग और वीडियो एडिटिंग का व्यावहारिक अनुभव भी प्राप्त किया, जिससे डिजिटल और मल्टीमीडिया पत्रकारिता की उनकी समझ और अधिक सशक्त हुई। इसके बाद उन्होंने प्रभात खबर से जुड़कर हार्ड न्यूज़, समसामयिक घटनाओं और लाइफस्टाइल पत्रकारिता सहित विभिन्न विषयों पर रिपोर्टिंग और लेखन किया। तथ्यपरक, निष्पक्ष और संतुलित पत्रकारिता में विश्वास रखते हुए वे प्रत्येक समाचार को विश्वसनीय स्रोतों, तथ्यों के सत्यापन और गहन अध्ययन के आधार पर प्रस्तुत करने को प्राथमिकता देती हैं। वर्तमान में शिंकी सिंह राष्ट्र भारत से जुड़ी हैं, जहाँ वे राष्ट्रीय, राजनीतिक, सामाजिक और जनहित से जुड़े विषयों पर समाचार, विश्लेषण और विशेष रिपोर्ट तैयार कर रही हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक सटीक, प्रमाणिक और भरोसेमंद जानकारी पहुँचाना है। शैक्षणिक रूप से उन्होंने महार्षि दयानंद विश्वविद्यालय (MDU), रोहतक से बी.एड. की शिक्षा प्राप्त की है। इसके अतिरिक्त इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (IGNOU) से इतिहास एवं अंग्रेज़ी विषयों में स्नातकोत्तर (Master's) की डिग्री हासिल की है। वे पत्रकारिता में निरंतर सीखने, बदलते मीडिया परिदृश्य के अनुरूप स्वयं को अपडेट रखने तथा तथ्यों की पुष्टि के बाद ही समाचार प्रकाशित करने में विश्वास रखती हैं।