अमेरिका का 40% पारगमन शुल्क: भारत और आसियान देशों की कंपनियों के लिए नई चुनौती नई दिल्ली: अमेरिका द्वारा 31 जुलाई 2025 को घोषित 40% पारगमन शुल्क (trans-shipment tariff) से भारत और आसियान देशों की कंपनियों के लिए नई चुनौतियाँ उत्पन्न हो सकती हैं। रेटिंग एजेंसी मूडीज के अनुसार, इस शुल्क का विशेष असर मशीनरी, बिजली उपकरण और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों पर पड़ने की संभावना है। यह शुल्क उन वस्तुओं पर लागू होगा जो तीसरे देशों के माध्यम से अमेरिका भेजी जाती हैं, जिससे आपूर्ति श्रृंखला (supply chain) में जटिलताएँ उत्पन्न हो सकती हैं। पारगमन शुल्क की परिभाषा और उद्देश्य