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झारखंड राज्यसभा चुनाव: परिमल नथवानी के नामांकन पर बवाल! विधानसभा के बाहर भिड़े कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ता

झारखंड राज्यसभा चुनाव: परिमल नथवानी के नामांकन पर बवाल! विधानसभा के बाहर भिड़े कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ता
परिमल नथवानी के नामांकन पर बवाल! विधानसभा के बाहर भिड़े कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ता (Pic Credit- X @bandhu_tirkey)

झारखंड राज्यसभा चुनाव से पहले परिमल नथवानी के नामांकन को लेकर राजनीतिक विवाद गहरा गया है। कांग्रेस ने नामांकन पत्र में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है, जबकि भाजपा इसे राजनीति से प्रेरित बता रही है। इस मुद्दे पर विधानसभा के बाहर दोनों दलों के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए।

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Dipali Kumari
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Jharkhand Politics: झारखंड में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी माहौल गर्म हो गया है। भाजपा समर्थित उम्मीदवार परिमल नथवानी के नामांकन पत्र को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच विवाद गहराता जा रहा है। नामांकन पत्रों की जांच (स्क्रूटनी) के दौरान कुछ कथित विसंगतियां सामने आने के बाद नथवानी के नामांकन को फिलहाल होल्ड पर रखा गया है। इसके बाद दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।

बुधवार को झारखंड विधानसभा परिसर के बाहर कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने विधानसभा के मुख्य द्वार पर चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन किया और नारेबाजी की। कांग्रेस का आरोप है कि परिमल नथवानी के नामांकन पत्र में गंभीर त्रुटियां हैं, इसके बावजूद उन्हें सुधार का समय दिया जा रहा है।

 मुख्य निर्वाचन आयुक्त पर कांग्रेस में लगाये गंभीर आरोप

कांग्रेस नेताओं का कहना है कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार भाजपा समर्थित उम्मीदवार को फायदा पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। पार्टी का दावा है कि नथवानी के शपथ पत्र में अलग-अलग जगहों पर अलग-अलग नाम दर्ज किए गए हैं, जो नियमों का उल्लंघन है। इसके अलावा कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया है कि हिंदू अविभाजित परिवार (HUF) से जुड़ा आवश्यक दस्तावेज भी जमा नहीं किया गया है। कांग्रेस ने इस संबंध में आधिकारिक आपत्ति दर्ज कराते हुए नामांकन रद्द करने की मांग की है।

कांग्रेस क़ानूनी लड़ाई के लिए भी तैयार

इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने कानूनी लड़ाई की भी तैयारी कर ली है। पार्टी का पक्ष रखने के लिए वरिष्ठ अधिवक्ता और पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद रांची पहुंच रहे हैं। उनके स्वागत के लिए स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी और मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की एयरपोर्ट पहुंचे।

राज्य सरकार के खिलाफ भाजपा का प्रदर्शन

राज्य सरकार के खिलाफ भाजपा का प्रदर्शन
राज्य सरकार के खिलाफ भाजपा का प्रदर्शन

वहीं दूसरी ओर भाजपा ने कांग्रेस के आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया है। विधानसभा के बाहर भाजपा कार्यकर्ताओं ने भी प्रदर्शन किया और राज्य सरकार तथा कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी की। भाजपा का कहना है कि कांग्रेस चुनावी हार की आशंका से बेबुनियाद आरोप लगा रही है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने प्रेस वार्ता में आरोप लगाया कि भाजपा कार्यकर्ताओं को विधानसभा गेट तक पहुंचने से रोका गया। उन्होंने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष को पूरे मामले पर संज्ञान लेना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि किसी भी राजनीतिक दल के कार्यकर्ताओं के साथ भेदभाव न हो।

झारखंड का राजनीतिक माहौल गर्म

फिलहाल परिमल नथवानी के नामांकन को लेकर अंतिम फैसला निर्वाचन प्रक्रिया के तहत लिया जाएगा। लेकिन इस विवाद ने राज्यसभा चुनाव से पहले झारखंड की राजनीति को पूरी तरह गरमा दिया है और आने वाले दिनों में यह मुद्दा और अधिक चर्चा का विषय बन सकता है।[

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Dipali Kumari

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दीपाली कुमारी सक्रिय पत्रकार और हिंदी कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में तीन वर्षों का अनुभव है। उन्होंने रांची के गोस्सनर कॉलेज से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। सामाजिक सरोकारों, जन-जागरूकता और जमीनी मुद्दों पर तथ्यपरक एवं संवेदनशील लेखन उनकी प्रमुख पहचान है। आम लोगों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाना और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत करना उनकी पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य है। अनुभव : पिछले तीन वर्षों से वे सक्रिय पत्रकारिता और डिजिटल कंटेंट लेखन से जुड़ी हुई हैं। इस दौरान उन्होंने सामाजिक मुद्दों, जनहित विषयों और स्थानीय समस्याओं पर लगातार लेखन किया है। उनकी रिपोर्टिंग और लेखन शैली जमीनी समझ, स्पष्ट प्रस्तुति और पाठक-केंद्रित दृष्टिकोण को दर्शाती है। वर्तमान फोकस : वे समाज, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, जन-जागरूकता और सामाजिक बदलाव से जुड़े विषयों पर लेखन करती हैं। उनकी प्राथमिकता ऐसी खबरें और लेख तैयार करना है, जो आम लोगों से सीधे जुड़ाव बनाएं और सकारात्मक सामाजिक प्रभाव उत्पन्न करें। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • सामाजिक मुद्दों पर लेखन : जनहित, सामाजिक बदलाव और आम लोगों से जुड़े विषयों पर संवेदनशील और प्रभावशाली रिपोर्टिंग। • जमीनी रिपोर्टिंग : स्थानीय समस्याओं और वास्तविक परिस्थितियों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। • जन-जागरूकता आधारित कंटेंट : शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता से जुड़े विषयों पर जानकारीपूर्ण लेखन। • हिंदी कंटेंट निर्माण : पाठकों के लिए सहज, विश्वसनीय और प्रभावी हिंदी कंटेंट तैयार करने में विशेषज्ञता। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : जमीनी मुद्दों की गहरी समझ, निष्पक्ष दृष्टिकोण और समाज-केंद्रित लेखन शैली ने दीपाली कुमारी को एक संवेदनशील और भरोसेमंद हिंदी पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। जनहित से जुड़े विषयों पर उनकी निरंतर सक्रियता और तथ्यपरक लेखन उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाते हैं।