फरवरी में होने वाला अग्नि वलय सूर्य ग्रहण पूरी दुनिया के वैज्ञानिकों के लिए खास होने जा रहा है। 17 फरवरी को जब चंद्रमा सूर्य के बीच आकर एक चमकदार अग्नि वलय बनाएगा, तब धरती के कई हिस्सों में लोग इस अद्भुत दृश्य को देखेंगे। लेकिन इस बार असली और सबसे भरोसेमंद जानकारी धरती से नहीं, बल्कि अंतरिक्ष से आने वाली है। यह जानकारी भारत के सूर्य मिशन आदित्य एल-1 से मिलेगी। भारत की अंतरिक्ष एजेंसी इसरो का आदित्य एल-1 उपग्रह धरती से करीब 15 लाख किलोमीटर दूर एक खास जगह पर तैनात है। यह जगह सूर्य और धरती के