
Delhi Pollution: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण लगातार बढ़ता जा रहा है, और इसे नियंत्रित करने के लिए दिल्ली सरकार ने गुरुवार (18 दिसंबर) से कई कड़े नियम लागू किए हैं। राजधानी में बढ़ते प्रदूषण ने लोगों की स्वास्थ्य सुरक्षा को चुनौती दी है, जिसके चलते सरकार ने वाहनों, दफ्तरों और दैनिक जीवन पर असर डालने वाले निर्णय लिए हैं। अब राजधानी में बिना वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUCC) वाले वाहनों को पेट्रोल पंपों से ईंधन नहीं मिलेगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रदूषण फैलाने वाले वाहन शहर में न चलें। इसके अलावा, दिल्ली से बाहर पंजीकृत

Delhi Pollution: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण लगातार बढ़ता जा रहा है, और इसे नियंत्रित करने के लिए दिल्ली सरकार ने गुरुवार (18 दिसंबर) से कई कड़े नियम लागू किए हैं। राजधानी में बढ़ते प्रदूषण ने लोगों की स्वास्थ्य सुरक्षा को चुनौती दी है, जिसके चलते सरकार ने वाहनों, दफ्तरों और दैनिक जीवन पर असर डालने वाले निर्णय लिए हैं। अब राजधानी में बिना वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUCC) वाले वाहनों को पेट्रोल पंपों से ईंधन नहीं मिलेगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रदूषण फैलाने वाले वाहन शहर में न चलें। इसके अलावा, दिल्ली से बाहर पंजीकृत

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को लेकर अब प्रधानमंत्री कार्यालय ने सीधे तौर पर हस्तक्षेप करना शुरू कर दिया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के निर्देश पर पीएमओ ने दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण के लिए काम कर रही 19 विभिन्न एजेंसियों से एक्शन टेकन रिपोर्ट मांगी है। इस कदम से साफ संकेत मिलता है कि केंद्र सरकार दिल्ली की गंभीर समस्याओं को लेकर अब पहले से ज्यादा गंभीर है। दिल्ली सरकार के पर्यावरण विभाग ने 25 नवंबर को सभी संबंधित विभागों और एजेंसियों को पत्र भेजकर उनसे प्रदूषण रोकने के लिए उठाए गए कदमों की विस्तृत जानकारी मांगी है।

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को लेकर अब प्रधानमंत्री कार्यालय ने सीधे तौर पर हस्तक्षेप करना शुरू कर दिया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के निर्देश पर पीएमओ ने दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण के लिए काम कर रही 19 विभिन्न एजेंसियों से एक्शन टेकन रिपोर्ट मांगी है। इस कदम से साफ संकेत मिलता है कि केंद्र सरकार दिल्ली की गंभीर समस्याओं को लेकर अब पहले से ज्यादा गंभीर है। दिल्ली सरकार के पर्यावरण विभाग ने 25 नवंबर को सभी संबंधित विभागों और एजेंसियों को पत्र भेजकर उनसे प्रदूषण रोकने के लिए उठाए गए कदमों की विस्तृत जानकारी मांगी है।

राजधानी में प्रदूषण का बढ़ता संकट राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में प्रदूषण का स्तर इस समय गंभीर स्थिति में पहुँच चुका है। हर साल की तरह इस वर्ष भी सर्दियों के मौसम में वायु प्रदूषण में वृद्धि होने लगी है। विशेषज्ञों के अनुसार, धूल, वाहन धुआँ, निर्माण कार्यों और जलने वाले कचरे के कारण हवा में हानिकारक तत्व बढ़ रहे हैं। दिल्ली सरकार का निर्णय दिल्ली सरकार ने इस गंभीर समस्या को देखते हुए महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। सरकार ने सभी सरकारी कार्यालयों और प्राइवेट दफ्तरों को निर्देश दिया है कि केवल 50 प्रतिशत कर्मचारियों के साथ कार्यालय संचालन करें। बाकी

राजधानी में प्रदूषण का बढ़ता संकट राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में प्रदूषण का स्तर इस समय गंभीर स्थिति में पहुँच चुका है। हर साल की तरह इस वर्ष भी सर्दियों के मौसम में वायु प्रदूषण में वृद्धि होने लगी है। विशेषज्ञों के अनुसार, धूल, वाहन धुआँ, निर्माण कार्यों और जलने वाले कचरे के कारण हवा में हानिकारक तत्व बढ़ रहे हैं। दिल्ली सरकार का निर्णय दिल्ली सरकार ने इस गंभीर समस्या को देखते हुए महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। सरकार ने सभी सरकारी कार्यालयों और प्राइवेट दफ्तरों को निर्देश दिया है कि केवल 50 प्रतिशत कर्मचारियों के साथ कार्यालय संचालन करें। बाकी

दिल्ली एनसीआर में प्रदूषण नियंत्रण हेतु ग्रैप नियमों में व्यापक संशोधन दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए एक बड़ा प्रशासनिक और नीतिगत परिवर्तन किया गया है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) में व्यापक संशोधन करते हुए प्रदूषण से निपटने के उपायों को अब एक स्तर पहले लागू करने का निर्णय लिया है। इस बदलाव के तहत, जो प्रतिबंध अब तक बेहद खराब एक्यूआई स्थिति यानी ग्रैप-IV के दौरान लागू किए जाते थे, वे अब ग्रैप-III स्तर पर ही लागू कर दिए जाएंगे। इससे प्रतीत होता है कि

दिल्ली एनसीआर में प्रदूषण नियंत्रण हेतु ग्रैप नियमों में व्यापक संशोधन दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए एक बड़ा प्रशासनिक और नीतिगत परिवर्तन किया गया है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) में व्यापक संशोधन करते हुए प्रदूषण से निपटने के उपायों को अब एक स्तर पहले लागू करने का निर्णय लिया है। इस बदलाव के तहत, जो प्रतिबंध अब तक बेहद खराब एक्यूआई स्थिति यानी ग्रैप-IV के दौरान लागू किए जाते थे, वे अब ग्रैप-III स्तर पर ही लागू कर दिए जाएंगे। इससे प्रतीत होता है कि