भारत में जीवनशैली तेजी से बदल रही है। लोग सुबह से शाम तक कुर्सी पर बैठे रहते हैं, कंप्यूटर स्क्रीन पर झुके काम करते हैं और रात को फोन स्क्रीन देखते-देखते नींद में डूब जाते हैं। ऐसे में रीढ़ की हड्डी पर दबाव बढ़ता है, कमर दर्द बढ़ता है और धीरे-धीरे शरीर अपना बैलेंस खोने लगता है। यह समस्या सिर्फ बुजुर्गों में ही नहीं, बल्कि 18 से 35 वर्ष के युवाओं में भी तेजी से बढ़ रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि कमर दर्द का सबसे बड़ा कारण कमजोर कोर मांसपेशियां, खराब पॉस्चर और लगातार बैठने की आदत है।