
पश्चिम बंगाल की राजनीति में 2026 के विधानसभा चुनाव को लेकर हलचल तेज हो गई है। जनता दल यूनाइटेड ने साफ कर दिया है कि अगर एनडीए गठबंधन के साथ सीटों के बंटवारे पर समझौता नहीं हुआ तो पार्टी 25 से 30 सीटों पर अपने दम पर चुनाव लड़ेगी। बुधवार को पश्चिम बंगाल जदयू के राज्य महासचिव सुभाष सिंह ने पटना से लौटने के बाद यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मंगलवार को पटना मुख्यालय में हुई बैठक में चुनाव की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की गई। यह घटनाक्रम बंगाल की राजनीति में एक नए मोड़ का संकेत देता

पश्चिम बंगाल की राजनीति में 2026 के विधानसभा चुनाव को लेकर हलचल तेज हो गई है। जनता दल यूनाइटेड ने साफ कर दिया है कि अगर एनडीए गठबंधन के साथ सीटों के बंटवारे पर समझौता नहीं हुआ तो पार्टी 25 से 30 सीटों पर अपने दम पर चुनाव लड़ेगी। बुधवार को पश्चिम बंगाल जदयू के राज्य महासचिव सुभाष सिंह ने पटना से लौटने के बाद यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मंगलवार को पटना मुख्यालय में हुई बैठक में चुनाव की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की गई। यह घटनाक्रम बंगाल की राजनीति में एक नए मोड़ का संकेत देता

पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर तनाव की स्थिति देखने को मिली है। राज्य में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी की गाड़ी को प्रदर्शनकारियों ने घेर लिया। यह घटना पश्चिम मेदिनीपुर जिले के चंद्रकोणा रोड इलाके में घटित हुई। पुरुलिया से वापस लौटते समय शुभेंदु अधिकारी को इस स्थिति का सामना करना पड़ा। इस घटना के बाद भाजपा नेता ने गारबेटा थाने के अंतर्गत आने वाली चंद्रकोणा रोड पुलिस चौकी पर धरना देकर अपना विरोध जताया। साथ ही भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने भी पुलिस थाने के बाहर जमकर प्रदर्शन किया। घटना का पूरा विवरण सूत्रों के अनुसार,

पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर तनाव की स्थिति देखने को मिली है। राज्य में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी की गाड़ी को प्रदर्शनकारियों ने घेर लिया। यह घटना पश्चिम मेदिनीपुर जिले के चंद्रकोणा रोड इलाके में घटित हुई। पुरुलिया से वापस लौटते समय शुभेंदु अधिकारी को इस स्थिति का सामना करना पड़ा। इस घटना के बाद भाजपा नेता ने गारबेटा थाने के अंतर्गत आने वाली चंद्रकोणा रोड पुलिस चौकी पर धरना देकर अपना विरोध जताया। साथ ही भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने भी पुलिस थाने के बाहर जमकर प्रदर्शन किया। घटना का पूरा विवरण सूत्रों के अनुसार,

पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में राजनीतिक गतिविधियों ने एक नया मोड़ ले लिया है। विधायक हुमायूं कबीर की नई राजनीतिक पार्टी ने बैष्णबनगर विधानसभा क्षेत्र से अपने उम्मीदवार का नाम घोषित कर दिया है। इस बार उम्मीदवार के रूप में चुनी गई हैं मुजकेरा बीबी, जो पहले एक सिविक स्वयंसेवक के रूप में काम करती थीं। उम्मीदवार घोषित होते ही उन्हें अपनी नौकरी से हटा दिया गया है, लेकिन इसके बावजूद वह चुनाव जीतने को लेकर पूरी तरह आशावादी हैं। राजनीति में नया कदम मुजकेरा बीबी बैष्णबनगर के बिननगर एक ग्राम पंचायत की रहने वाली हैं। उनके पति कुरबान

पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में राजनीतिक गतिविधियों ने एक नया मोड़ ले लिया है। विधायक हुमायूं कबीर की नई राजनीतिक पार्टी ने बैष्णबनगर विधानसभा क्षेत्र से अपने उम्मीदवार का नाम घोषित कर दिया है। इस बार उम्मीदवार के रूप में चुनी गई हैं मुजकेरा बीबी, जो पहले एक सिविक स्वयंसेवक के रूप में काम करती थीं। उम्मीदवार घोषित होते ही उन्हें अपनी नौकरी से हटा दिया गया है, लेकिन इसके बावजूद वह चुनाव जीतने को लेकर पूरी तरह आशावादी हैं। राजनीति में नया कदम मुजकेरा बीबी बैष्णबनगर के बिननगर एक ग्राम पंचायत की रहने वाली हैं। उनके पति कुरबान

पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक नया मोड़ तब आया जब राज्य के मंत्री पार्थ भौमिक ने हुमायूँ कबीर और भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी के बीच के संबंधों को लेकर चौंकाने वाला बयान दिया। पत्रकारों के सवालों के जवाब में उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनावों में हुमायूँ कबीर अपेक्षित परिणाम दे पाएंगे या नहीं, यह सवाल शुभेंदु अधिकारी से पूछा जाना चाहिए क्योंकि दोनों के बीच अच्छे संबंध हैं। यह टिप्पणी राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाओं को जन्म दे रही है। आमता में विरोध सभा का आयोजन आज आमता फुटबॉल मैदान में निर्मल विधायक माझी के नेतृत्व में एक विशाल

पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक नया मोड़ तब आया जब राज्य के मंत्री पार्थ भौमिक ने हुमायूँ कबीर और भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी के बीच के संबंधों को लेकर चौंकाने वाला बयान दिया। पत्रकारों के सवालों के जवाब में उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनावों में हुमायूँ कबीर अपेक्षित परिणाम दे पाएंगे या नहीं, यह सवाल शुभेंदु अधिकारी से पूछा जाना चाहिए क्योंकि दोनों के बीच अच्छे संबंध हैं। यह टिप्पणी राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाओं को जन्म दे रही है। आमता में विरोध सभा का आयोजन आज आमता फुटबॉल मैदान में निर्मल विधायक माझी के नेतृत्व में एक विशाल

पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सी वी आनंद बोस ने एक अनोखा कदम उठाया है। उन्होंने राज्य का मतदाता बनने के लिए आधिकारिक तौर पर आवेदन किया है। यह घटना तब हुई जब मतदाता सूची में नाम जुड़वाने की अंतिम तारीख थी। राज्यपाल ने लोकभवन में बीएलओ और सुपरवाइजर्स के पास अपना आवेदन पत्र जमा किया। इस मौके पर उन्होंने भावुक शब्दों में कहा कि वह बंगाल के दत्तक पुत्र बनना चाहते हैं। सी वी आनंद बोस ने अपने आवेदन के समय कहा कि रवींद्रनाथ टैगोर ने जिस हवा में सांस ली थी, उसी बंगाल में वह मतदाता बनना चाहते हैं।

पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सी वी आनंद बोस ने एक अनोखा कदम उठाया है। उन्होंने राज्य का मतदाता बनने के लिए आधिकारिक तौर पर आवेदन किया है। यह घटना तब हुई जब मतदाता सूची में नाम जुड़वाने की अंतिम तारीख थी। राज्यपाल ने लोकभवन में बीएलओ और सुपरवाइजर्स के पास अपना आवेदन पत्र जमा किया। इस मौके पर उन्होंने भावुक शब्दों में कहा कि वह बंगाल के दत्तक पुत्र बनना चाहते हैं। सी वी आनंद बोस ने अपने आवेदन के समय कहा कि रवींद्रनाथ टैगोर ने जिस हवा में सांस ली थी, उसी बंगाल में वह मतदाता बनना चाहते हैं।

पश्चिम बंगाल में बूथ-स्तरीय अधिकारी (BLOs) की तरफ से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को एक याचिका भेजे जाने की खबर ने राजनीतिक और प्रशासकीय हलकों में गहरी हलचल मचा दी है। इन अधिकारियों ने अपने पत्र में यह सवाल उठाया है कि चुनाव आयोग द्वारा उन्हें दी गई जिम्मेदारियों को पूरा करने में मदद के लिए आंकड़ा प्रविष्टि (डेटा एंट्री) परिचालकों की व्यवस्था क्यों नहीं की गई। उनका कहना है कि लगातार बढ़ता कार्यभार और मानसिक दबाव BLOs के स्वास्थ्य और जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रहा है। बूथ-स्तरीय अधिकारी कौन हैं और उनकी भूमिका क्या है? बूथ-स्तरीय अधिकारी (BLOs) वे

पश्चिम बंगाल में बूथ-स्तरीय अधिकारी (BLOs) की तरफ से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को एक याचिका भेजे जाने की खबर ने राजनीतिक और प्रशासकीय हलकों में गहरी हलचल मचा दी है। इन अधिकारियों ने अपने पत्र में यह सवाल उठाया है कि चुनाव आयोग द्वारा उन्हें दी गई जिम्मेदारियों को पूरा करने में मदद के लिए आंकड़ा प्रविष्टि (डेटा एंट्री) परिचालकों की व्यवस्था क्यों नहीं की गई। उनका कहना है कि लगातार बढ़ता कार्यभार और मानसिक दबाव BLOs के स्वास्थ्य और जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रहा है। बूथ-स्तरीय अधिकारी कौन हैं और उनकी भूमिका क्या है? बूथ-स्तरीय अधिकारी (BLOs) वे