
EOU Raid Siwan: भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, करोड़ों की Illegal Property का खुलासा सिवान, 24 सितंबर।बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे अभियान को आज एक बड़ी सफलता मिली, जब Economic Offences Unit (EOU) और साइबर अपराध इकाई ने संयुक्त रूप से सिवान जिले में बिजली विभाग के Engineer विवेकानंद के तीन ठिकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई सुबह 11 बजे से शुरू होकर शाम 4 बजे तक चली और इसमें करोड़ों रुपये की अवैध संपत्ति (Illegal Property) का खुलासा हुआ। कार्रवाई की पूरी कहानी आर्थिक अपराध इकाई के अधिकारियों ने बताया कि विवेकानंद, जो वर्तमान में विद्युत अधीक्षण

EOU Raid Siwan: भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, करोड़ों की Illegal Property का खुलासा सिवान, 24 सितंबर।बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे अभियान को आज एक बड़ी सफलता मिली, जब Economic Offences Unit (EOU) और साइबर अपराध इकाई ने संयुक्त रूप से सिवान जिले में बिजली विभाग के Engineer विवेकानंद के तीन ठिकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई सुबह 11 बजे से शुरू होकर शाम 4 बजे तक चली और इसमें करोड़ों रुपये की अवैध संपत्ति (Illegal Property) का खुलासा हुआ। कार्रवाई की पूरी कहानी आर्थिक अपराध इकाई के अधिकारियों ने बताया कि विवेकानंद, जो वर्तमान में विद्युत अधीक्षण

कैमूर में Vigilance Bureau की कार्रवाई Kaimur Polytechnic College Principal Bribery Case: कैमूर जिले से गुरुवार को एक बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आई। Vigilance Bureau (निगरानी अन्वेषण ब्यूरो) की विशेष टीम ने मोहनिया प्रखंड के मछनहट्टा स्थित Polytechnic College के Principal डॉ. अजय कुमार को ₹60,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई उच्चस्तरीय योजना और पहले से की गई शिकायत की पुष्टि के बाद अंजाम दी गई। ⸻ रिश्वत का मामला कैसे सामने आया? निगरानी विभाग के पुलिस उपाधीक्षक विप्लव कुमार ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि कॉलेज में कार्यरत एक

कैमूर में Vigilance Bureau की कार्रवाई Kaimur Polytechnic College Principal Bribery Case: कैमूर जिले से गुरुवार को एक बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आई। Vigilance Bureau (निगरानी अन्वेषण ब्यूरो) की विशेष टीम ने मोहनिया प्रखंड के मछनहट्टा स्थित Polytechnic College के Principal डॉ. अजय कुमार को ₹60,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई उच्चस्तरीय योजना और पहले से की गई शिकायत की पुष्टि के बाद अंजाम दी गई। ⸻ रिश्वत का मामला कैसे सामने आया? निगरानी विभाग के पुलिस उपाधीक्षक विप्लव कुमार ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि कॉलेज में कार्यरत एक

बिहार की धरती पर भ्रष्टाचार की जड़ें कितनी गहरी हैं, इसका ताज़ा सबूत “Bihar Bribery Scandal” बनकर सामने आया है।रोहतास ज़िले के बिक्रमगंज अनुमंडल कार्यालय में एक मामूली-सा चपरासी लाखों का खिलाड़ी बन बैठा। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो (Vigilance Bureau) की टीम ने चपरासी विनोद कुमार ठाकुर को ₹1.16 लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ लिया। आरोप है कि उसने जमीन विवाद सुलझाने के नाम पर ₹1.60 लाख की मांग की थी। Bihar Bribery Scandal: चपरासी बना लाखों का खिलाड़ी आमतौर पर Peon यानी चपरासी की नौकरी को सबसे निचले स्तर का माना जाता है। लेकिन बिहार का हाल यह

बिहार की धरती पर भ्रष्टाचार की जड़ें कितनी गहरी हैं, इसका ताज़ा सबूत “Bihar Bribery Scandal” बनकर सामने आया है।रोहतास ज़िले के बिक्रमगंज अनुमंडल कार्यालय में एक मामूली-सा चपरासी लाखों का खिलाड़ी बन बैठा। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो (Vigilance Bureau) की टीम ने चपरासी विनोद कुमार ठाकुर को ₹1.16 लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ लिया। आरोप है कि उसने जमीन विवाद सुलझाने के नाम पर ₹1.60 लाख की मांग की थी। Bihar Bribery Scandal: चपरासी बना लाखों का खिलाड़ी आमतौर पर Peon यानी चपरासी की नौकरी को सबसे निचले स्तर का माना जाता है। लेकिन बिहार का हाल यह