
Bihar assembly NDA seat distribution: 8 अक्टूबर को होगा फाइनल बंटवारा बिहार विधानसभा चुनाव की घोषणा के बाद NDA गठबंधन में सीटों के बंटवारे को लेकर हलचल अपने चरम पर है। इस बीच बिहार के सहकारिता मंत्री डॉ. प्रेम कुमार ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि 8 अक्टूबर को सीटों का फाइनल बंटवारा कर दिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि NDA एक परिवार है, और परिवार में मतभेद होना स्वाभाविक है, लेकिन “सब मिल बैठकर रास्ता निकाल लेंगे।” “Bihar assembly NDA seat distribution” पर 8 अक्टूबर को फैसला डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि NDA की लगातार बैठकें चल

Bihar assembly NDA seat distribution: 8 अक्टूबर को होगा फाइनल बंटवारा बिहार विधानसभा चुनाव की घोषणा के बाद NDA गठबंधन में सीटों के बंटवारे को लेकर हलचल अपने चरम पर है। इस बीच बिहार के सहकारिता मंत्री डॉ. प्रेम कुमार ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि 8 अक्टूबर को सीटों का फाइनल बंटवारा कर दिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि NDA एक परिवार है, और परिवार में मतभेद होना स्वाभाविक है, लेकिन “सब मिल बैठकर रास्ता निकाल लेंगे।” “Bihar assembly NDA seat distribution” पर 8 अक्टूबर को फैसला डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि NDA की लगातार बैठकें चल

बिहार की राजनीति में हलचल तब बढ़ गई जब केंद्रीय एमएसएमई मंत्री और हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतन राम मांझी ने सहरसा जिले के सिमरी बख्तियारपुर में आयोजित मिलन कार्यक्रम में अपनी Jeetan Ram Manjhi Political Strategy 2025 का खुलासा किया। मांझी ने साफ कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में उनकी पार्टी का लक्ष्य कम से कम 20 सीटें जीतना है। सदन में उपेक्षा की पीड़ा मांझी ने कहा कि वर्तमान समय में उनकी पार्टी के पास सिर्फ चार विधायक हैं और इसी वजह से विधानसभा में उनकी आवाज़ को गंभीरता से नहीं लिया जाता। उन्होंने

बिहार की राजनीति में हलचल तब बढ़ गई जब केंद्रीय एमएसएमई मंत्री और हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतन राम मांझी ने सहरसा जिले के सिमरी बख्तियारपुर में आयोजित मिलन कार्यक्रम में अपनी Jeetan Ram Manjhi Political Strategy 2025 का खुलासा किया। मांझी ने साफ कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में उनकी पार्टी का लक्ष्य कम से कम 20 सीटें जीतना है। सदन में उपेक्षा की पीड़ा मांझी ने कहा कि वर्तमान समय में उनकी पार्टी के पास सिर्फ चार विधायक हैं और इसी वजह से विधानसभा में उनकी आवाज़ को गंभीरता से नहीं लिया जाता। उन्होंने