
Census 2027: राजधानी रांची के लोगों के लिए एक बड़ी और जरूरी खबर है। दरअसल जनगणना 2027 को लेकर रांची नगर निगम ने कल बुधवार को अहम जानकारी साझा की। मालूम हो इस बार जनगणना पहले से काफी अलग और आसान होने वाली है, क्योंकि अब लोग घर बैठे अपने मोबाइल फोन से खुद अपनी जानकारी भर सकेंगे। यानी पहली बार जनगणना में आम नागरिकों की सीधी भागीदारी डिजिटल तरीके से होगी। रांची नगर निगम में आयोजित प्रेस वार्ता में महापौर रौशनी खलखो, उप महापौर नीरज कुमार, नगर आयुक्त सुशांत गौरव और अपर नगर आयुक्त संजय कुमार मौजूद रहे। अधिकारियों

Census 2027: राजधानी रांची के लोगों के लिए एक बड़ी और जरूरी खबर है। दरअसल जनगणना 2027 को लेकर रांची नगर निगम ने कल बुधवार को अहम जानकारी साझा की। मालूम हो इस बार जनगणना पहले से काफी अलग और आसान होने वाली है, क्योंकि अब लोग घर बैठे अपने मोबाइल फोन से खुद अपनी जानकारी भर सकेंगे। यानी पहली बार जनगणना में आम नागरिकों की सीधी भागीदारी डिजिटल तरीके से होगी। रांची नगर निगम में आयोजित प्रेस वार्ता में महापौर रौशनी खलखो, उप महापौर नीरज कुमार, नगर आयुक्त सुशांत गौरव और अपर नगर आयुक्त संजय कुमार मौजूद रहे। अधिकारियों

Census 2027: देश की जनसंख्या, सामाजिक संरचना और आर्थिक स्थिति की सबसे प्रामाणिक तस्वीर सामने लाने वाली प्रक्रिया जनगणना एक बार फिर शुरू होने जा रही है। केंद्र सरकार ने भारत की जनगणना 2027 के पहले चरण की अधिसूचना जारी कर दी है। यह केवल आंकड़े जुटाने की कवायद नहीं है, बल्कि यह वह आधार है, जिस पर आने वाले वर्षों की योजनाएं, नीतियां और संसाधनों का बंटवारा तय होता है। सरकार की अधिसूचना के अनुसार, इस वर्ष 1 अप्रैल से 30 सितंबर के बीच देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में घर-घर जाकर जनगणना का कार्य किया

Census 2027: देश की जनसंख्या, सामाजिक संरचना और आर्थिक स्थिति की सबसे प्रामाणिक तस्वीर सामने लाने वाली प्रक्रिया जनगणना एक बार फिर शुरू होने जा रही है। केंद्र सरकार ने भारत की जनगणना 2027 के पहले चरण की अधिसूचना जारी कर दी है। यह केवल आंकड़े जुटाने की कवायद नहीं है, बल्कि यह वह आधार है, जिस पर आने वाले वर्षों की योजनाएं, नीतियां और संसाधनों का बंटवारा तय होता है। सरकार की अधिसूचना के अनुसार, इस वर्ष 1 अप्रैल से 30 सितंबर के बीच देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में घर-घर जाकर जनगणना का कार्य किया

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने देश में होने वाली अगली जनगणना के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने जनगणना 2027 के लिए 11,718 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दे दी है। यह जनगणना देश के इतिहास में पहली बार पूरी तरह से डिजिटल तरीके से होगी। नई दिल्ली में आज मीडिया को जानकारी देते हुए सूचना और प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस फैसले की घोषणा की। मंत्री ने बताया कि जनगणना 2027 को दो चरणों में पूरा किया जाएगा। पहला चरण और दूसरा चरण मिलकर इस बड़े काम को अंजाम देंगे। यह भारत की 16वीं जनगणना होगी और

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने देश में होने वाली अगली जनगणना के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने जनगणना 2027 के लिए 11,718 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दे दी है। यह जनगणना देश के इतिहास में पहली बार पूरी तरह से डिजिटल तरीके से होगी। नई दिल्ली में आज मीडिया को जानकारी देते हुए सूचना और प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस फैसले की घोषणा की। मंत्री ने बताया कि जनगणना 2027 को दो चरणों में पूरा किया जाएगा। पहला चरण और दूसरा चरण मिलकर इस बड़े काम को अंजाम देंगे। यह भारत की 16वीं जनगणना होगी और