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अब मोबाइल से खुद भर सकेंगे जनगणना फॉर्म, रांची में 1 मई से शुरू होगी स्व-गणना; जानिए जरूरी बातें

अब मोबाइल से खुद भर सकेंगे जनगणना फॉर्म, रांची में 1 मई से शुरू होगी स्व-गणना; जानिए जरूरी बातें
अब मोबाइल से खुद भर सकेंगे जनगणना फॉर्म, रांची में 1 मई से शुरू होगी स्व-गणना; जानिए जरूरी बातें

रांची में जनगणना 2027 के तहत 1 मई से 15 मई तक नागरिक मोबाइल के जरिए खुद ऑनलाइन स्व-गणना कर सकेंगे। इसके बाद 16 मई से 14 जून तक मकान सूचीकरण होगा। पूरी प्रक्रिया डिजिटल, सुरक्षित और आसान होगी, जिसमें ओटीपी या संवेदनशील जानकारी नहीं मांगी जाएगी।

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Dipali Kumari
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Census 2027: राजधानी रांची के लोगों के लिए एक बड़ी और जरूरी खबर है। दरअसल जनगणना 2027 को लेकर रांची नगर निगम ने कल बुधवार को अहम जानकारी साझा की। मालूम हो इस बार जनगणना पहले से काफी अलग और आसान होने वाली है, क्योंकि अब लोग घर बैठे अपने मोबाइल फोन से खुद अपनी जानकारी भर सकेंगे। यानी पहली बार जनगणना में आम नागरिकों की सीधी भागीदारी डिजिटल तरीके से होगी।

रांची नगर निगम में आयोजित प्रेस वार्ता में महापौर रौशनी खलखो, उप महापौर नीरज कुमार, नगर आयुक्त सुशांत गौरव और अपर नगर आयुक्त संजय कुमार मौजूद रहे। अधिकारियों ने बताया कि जनगणना 2027 को सरल, पारदर्शी और तेज बनाने के लिए स्व-गणना यानी स्वयं विवरण भरने की सुविधा दी जा रही है।

1 -15 मई तक भर सकते हैं ऑनलाइन जानकारी

इसके तहत रांची के नागरिक 1 मई से 15 मई तक अपने मोबाइल या इंटरनेट की मदद से आधिकारिक वेबसाइट https://se.census.gov.in/ पर जाकर अपनी और अपने परिवार की जानकारी खुद भर सकेंगे। इससे लोगों को घर बैठे सुविधा मिलेगी और समय की भी बचत होगी। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम इसलिए भी खास है ताकि सही और सटीक आंकड़े आसानी से जुटाए जा सकें।

16 मई से शुरू होगा मकान सूचीकरण

15 मई के बाद स्व-गणना की सुविधा बंद हो जाएगी। इसके बाद 16 मई से 14 जून तक मकान सूचीकरण यानी घर-घर जाकर मकानों का विवरण जुटाने का काम किया जाएगा। इस दौरान हर घर से जरूरी जानकारी ली जाएगी ताकि जनसंख्या और आवास से जुड़ी सही तस्वीर सामने आ सके।

न तो कोई OTP न ही बैंक से संबंधित सवाल

नगर आयुक्त सुशांत गौरव ने साफ किया कि पूरी प्रक्रिया पूरी तरह सुरक्षित रहेगी। लोगों से किसी भी तरह का ओटीपी, बैंक डिटेल या निजी संवेदनशील जानकारी नहीं मांगी जाएगी। फॉर्म में केवल जरूरी जनगणना संबंधी सवाल होंगे। मकान गणना के दौरान कुल 34 सवाल पूछे जाएंगे और अच्छी बात यह है कि फॉर्म 16 भाषाओं में उपलब्ध रहेगा, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग आसानी से इसे भर सकें।

महापौर रौशनी खलखो ने लोगों से अपील की कि वे इस राष्ट्रीय जिम्मेदारी में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें। उन्होंने कहा कि सही जनगणना से ही सरकार भविष्य की योजनाएं बेहतर बना सकती है, चाहे वह सड़क हो, स्कूल हो या अस्पताल।

टोल फ्री नंबर 1855 पर मिलेगी सभी जानकारी

अधिकारियों ने यह भी कहा कि किसी अफवाह पर ध्यान न दें। कोई अधिकारी फोन करके ओटीपी या दस्तावेज नहीं मांगेगा। अगर किसी को जानकारी चाहिए तो इसके लिए टोल फ्री नंबर 1855 जारी किया गया है।

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Dipali Kumari

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दीपाली कुमारी सक्रिय पत्रकार और हिंदी कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में तीन वर्षों का अनुभव है। उन्होंने रांची के गोस्सनर कॉलेज से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। सामाजिक सरोकारों, जन-जागरूकता और जमीनी मुद्दों पर तथ्यपरक एवं संवेदनशील लेखन उनकी प्रमुख पहचान है। आम लोगों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाना और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत करना उनकी पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य है। अनुभव : पिछले तीन वर्षों से वे सक्रिय पत्रकारिता और डिजिटल कंटेंट लेखन से जुड़ी हुई हैं। इस दौरान उन्होंने सामाजिक मुद्दों, जनहित विषयों और स्थानीय समस्याओं पर लगातार लेखन किया है। उनकी रिपोर्टिंग और लेखन शैली जमीनी समझ, स्पष्ट प्रस्तुति और पाठक-केंद्रित दृष्टिकोण को दर्शाती है। वर्तमान फोकस : वे समाज, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, जन-जागरूकता और सामाजिक बदलाव से जुड़े विषयों पर लेखन करती हैं। उनकी प्राथमिकता ऐसी खबरें और लेख तैयार करना है, जो आम लोगों से सीधे जुड़ाव बनाएं और सकारात्मक सामाजिक प्रभाव उत्पन्न करें। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • सामाजिक मुद्दों पर लेखन : जनहित, सामाजिक बदलाव और आम लोगों से जुड़े विषयों पर संवेदनशील और प्रभावशाली रिपोर्टिंग। • जमीनी रिपोर्टिंग : स्थानीय समस्याओं और वास्तविक परिस्थितियों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। • जन-जागरूकता आधारित कंटेंट : शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता से जुड़े विषयों पर जानकारीपूर्ण लेखन। • हिंदी कंटेंट निर्माण : पाठकों के लिए सहज, विश्वसनीय और प्रभावी हिंदी कंटेंट तैयार करने में विशेषज्ञता। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : जमीनी मुद्दों की गहरी समझ, निष्पक्ष दृष्टिकोण और समाज-केंद्रित लेखन शैली ने दीपाली कुमारी को एक संवेदनशील और भरोसेमंद हिंदी पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। जनहित से जुड़े विषयों पर उनकी निरंतर सक्रियता और तथ्यपरक लेखन उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाते हैं।