
छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की कार्रवाई रायपुर, 10 अक्टूबर 2025। छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने राज्य के दो प्रमुख जिलों में एक साथ कार्रवाई करते हुए दो सरकारी कर्मचारियों को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। एसीबी की यह कार्रवाई सूरजपुर और बिलासपुर जिलों में हुई, जिसमें एक सहकारी शक्कर कारखाना के असिस्टेंट इंजीनियर और आदिम जाति विकास विभाग के क्लर्क शामिल थे। अधिकारियों ने बताया कि दोनों मामलों में शिकायत मिलने के बाद जांच कर आरोपियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। सूरजपुर में सहकारी शक्कर कारखाना इंजीनियर की गिरफ्तारी सूरजपुर जिले के लटोरी तहसील निवासी

छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की कार्रवाई रायपुर, 10 अक्टूबर 2025। छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने राज्य के दो प्रमुख जिलों में एक साथ कार्रवाई करते हुए दो सरकारी कर्मचारियों को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। एसीबी की यह कार्रवाई सूरजपुर और बिलासपुर जिलों में हुई, जिसमें एक सहकारी शक्कर कारखाना के असिस्टेंट इंजीनियर और आदिम जाति विकास विभाग के क्लर्क शामिल थे। अधिकारियों ने बताया कि दोनों मामलों में शिकायत मिलने के बाद जांच कर आरोपियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। सूरजपुर में सहकारी शक्कर कारखाना इंजीनियर की गिरफ्तारी सूरजपुर जिले के लटोरी तहसील निवासी

Bihar Government Corruption Arrest: जहानाबाद में राजस्व कर्मचारी अविनाश कुमार गिरफ्तार जहानाबाद से बड़ी खबर है। बिहार में सरकारी कर्मचारियों में भ्रष्टाचार की घटनाओं ने एक बार फिर सुर्खियां बटोरी हैं। सदर प्रखंड में तैनात राजस्व कर्मचारी अविनाश कुमार को निगरानी विभाग की टीम ने 5 हजार रुपए रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। इस मामले ने प्रशासनिक तंत्र में हड़कंप मचा दिया है और आम जनता में सवाल खड़े कर दिए हैं कि क्या “सुशासन” केवल शब्दों में ही रह गया है। सूत्रों के अनुसार, अविनाश कुमार ने दाखिल-खारिज (mutation) के नाम पर स्थानीय नागरिक से रिश्वत मांगी

Bihar Government Corruption Arrest: जहानाबाद में राजस्व कर्मचारी अविनाश कुमार गिरफ्तार जहानाबाद से बड़ी खबर है। बिहार में सरकारी कर्मचारियों में भ्रष्टाचार की घटनाओं ने एक बार फिर सुर्खियां बटोरी हैं। सदर प्रखंड में तैनात राजस्व कर्मचारी अविनाश कुमार को निगरानी विभाग की टीम ने 5 हजार रुपए रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। इस मामले ने प्रशासनिक तंत्र में हड़कंप मचा दिया है और आम जनता में सवाल खड़े कर दिए हैं कि क्या “सुशासन” केवल शब्दों में ही रह गया है। सूत्रों के अनुसार, अविनाश कुमार ने दाखिल-खारिज (mutation) के नाम पर स्थानीय नागरिक से रिश्वत मांगी