बिहार में सियासी समीकरण उलझे, जनता की खामोशी से बढ़ी बेचैनी बिहार में चुनावी सरगर्मी तेज हो चुकी है। पोस्टर, नारे और वादों के बीच सबसे बड़ा सवाल मतदाताओं की खामोशी का है। इस बार जनता कुछ बोल नहीं रही, जिससे प्रत्याशियों की चिंता बढ़ गई है। खामोश मतदाता बना चुनाव का केंद्रबिंदु समस्तीपुर में चुनावी माहौल पूरे उफान पर है, पर मतदाता मौन हैं। न कोई खुलकर समर्थन दे रहा है, न विरोध। हर कोई अपने मन की बात छुपा रहा है। यही खामोशी प्रत्याशियों को बेचैन कर रही है। सभाओं में भीड़ है, तालियां हैं, पर मतदाताओं के