
केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशन पाने वालों के लिए महंगाई भत्ता यानी डीए हमेशा एक अहम मुद्दा रहा है। बढ़ती महंगाई के बीच यही भत्ता उनकी आमदनी को कुछ हद तक संभालता है। लेकिन सातवें वेतन आयोग के दौरान डीए की बढ़ोतरी की रफ्तार काफी धीमी रही है। जानकार मानते हैं कि यही धीमी चाल आगे चलकर आठवें वेतन आयोग में बड़ी राहत बन सकती है। महंगाई भत्ता का मकसद ही यही होता है कि बाजार में बढ़ती कीमतों का असर कर्मचारियों की जेब पर कम पड़े। हर साल जनवरी और जुलाई से डीए बढ़ाया जाता है, जिसकी घोषणा

केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशन पाने वालों के लिए महंगाई भत्ता यानी डीए हमेशा एक अहम मुद्दा रहा है। बढ़ती महंगाई के बीच यही भत्ता उनकी आमदनी को कुछ हद तक संभालता है। लेकिन सातवें वेतन आयोग के दौरान डीए की बढ़ोतरी की रफ्तार काफी धीमी रही है। जानकार मानते हैं कि यही धीमी चाल आगे चलकर आठवें वेतन आयोग में बड़ी राहत बन सकती है। महंगाई भत्ता का मकसद ही यही होता है कि बाजार में बढ़ती कीमतों का असर कर्मचारियों की जेब पर कम पड़े। हर साल जनवरी और जुलाई से डीए बढ़ाया जाता है, जिसकी घोषणा

इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रीज के सस्ते शेयर में लगातार दूसरी बार अपर सर्किट देश के शेयर बाजार में मल्टीबैगर स्टॉक्स की दौड़ में शामिल इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रीज ने एक बार फिर निवेशकों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है। 30 रुपये से भी कम मूल्य वाले इस शेयर में शुक्रवार को लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में 5 प्रतिशत का अपर सर्किट लगा, जिसके बाद इसका भाव बीएसई में 28.09 रुपये के इंट्रा-डे उच्च स्तर पर पहुंच गया। इससे पहले गुरुवार को भी इसी स्टॉक में 5 प्रतिशत की उछाल ने निवेशकों की उत्सुकता बढ़ाई थी। इस तेजी का प्रमुख कारण कंपनी द्वारा फंड

इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रीज के सस्ते शेयर में लगातार दूसरी बार अपर सर्किट देश के शेयर बाजार में मल्टीबैगर स्टॉक्स की दौड़ में शामिल इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रीज ने एक बार फिर निवेशकों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है। 30 रुपये से भी कम मूल्य वाले इस शेयर में शुक्रवार को लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में 5 प्रतिशत का अपर सर्किट लगा, जिसके बाद इसका भाव बीएसई में 28.09 रुपये के इंट्रा-डे उच्च स्तर पर पहुंच गया। इससे पहले गुरुवार को भी इसी स्टॉक में 5 प्रतिशत की उछाल ने निवेशकों की उत्सुकता बढ़ाई थी। इस तेजी का प्रमुख कारण कंपनी द्वारा फंड

Nirmala Sitharaman on F&O: फ्यूचर्स और ऑप्शंस पर सरकार की मंशा स्पष्ट नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने हालिया विवादों के बीच फ्यूचर्स और ऑप्शंस (Futures and Options) ट्रेडिंग को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य प्रतिबंध लगाना नहीं बल्कि निवेश माहौल को मजबूत करना है। मुंबई में आयोजित 12वें SBI बैंकिंग और इकोनॉमिक्स कॉन्क्लेव 2025 के दौरान उन्होंने कहा कि “सरकार यहां किसी चीज़ पर रोक लगाने के लिए नहीं, बल्कि सुधार लाने और रुकावटें दूर करने के लिए है।” उन्होंने कहा कि फ्यूचर्स और ऑप्शंस मार्केट में निवेश करने वालों को

Nirmala Sitharaman on F&O: फ्यूचर्स और ऑप्शंस पर सरकार की मंशा स्पष्ट नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने हालिया विवादों के बीच फ्यूचर्स और ऑप्शंस (Futures and Options) ट्रेडिंग को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य प्रतिबंध लगाना नहीं बल्कि निवेश माहौल को मजबूत करना है। मुंबई में आयोजित 12वें SBI बैंकिंग और इकोनॉमिक्स कॉन्क्लेव 2025 के दौरान उन्होंने कहा कि “सरकार यहां किसी चीज़ पर रोक लगाने के लिए नहीं, बल्कि सुधार लाने और रुकावटें दूर करने के लिए है।” उन्होंने कहा कि फ्यूचर्स और ऑप्शंस मार्केट में निवेश करने वालों को