
राज्यसभा में एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने जोरदार भाषण से सदन का ध्यान अपनी ओर खींचा। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर लाए गए धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री ने विपक्षी दल कांग्रेस को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कांग्रेस की पुरानी कार्यशैली और नीतियों की कमियों को उजागर करते हुए एक दिलचस्प किस्सा सुनाया जो पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी से जुड़ा था। इस किस्से के जरिए पीएम मोदी ने यह बताने की कोशिश की कि कांग्रेस के शासनकाल में किस तरह की समस्याएं थीं और कैसे वर्तमान सरकार उन गलतियों को सुधारने में लगी है।

राज्यसभा में एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने जोरदार भाषण से सदन का ध्यान अपनी ओर खींचा। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर लाए गए धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री ने विपक्षी दल कांग्रेस को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कांग्रेस की पुरानी कार्यशैली और नीतियों की कमियों को उजागर करते हुए एक दिलचस्प किस्सा सुनाया जो पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी से जुड़ा था। इस किस्से के जरिए पीएम मोदी ने यह बताने की कोशिश की कि कांग्रेस के शासनकाल में किस तरह की समस्याएं थीं और कैसे वर्तमान सरकार उन गलतियों को सुधारने में लगी है।

इंदिरा गांधी शांति पुरस्कार को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच नया राजनीतिक विवाद छिड़ गया है। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग की पूर्व प्रमुख मिशेल बैचलेट को यह पुरस्कार मिलने के बाद भाजपा ने कांग्रेस के इस फैसले को भारत विरोधी कदम करार दिया है। भाजपा का आरोप है कि बैचलेट ने धारा 370 हटाने, एनआरसी लागू करने और कश्मीर नीतियों पर भारत सरकार की आलोचना की थी, इसलिए कांग्रेस द्वारा उन्हें सम्मानित करना देश की संप्रभुता के खिलाफ खड़ा होना है। इंदिरा गांधी पुरस्कार पर राजनीतिक टकराव बढ़ा बीते बुधवार कांग्रेस की संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी ने

इंदिरा गांधी शांति पुरस्कार को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच नया राजनीतिक विवाद छिड़ गया है। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग की पूर्व प्रमुख मिशेल बैचलेट को यह पुरस्कार मिलने के बाद भाजपा ने कांग्रेस के इस फैसले को भारत विरोधी कदम करार दिया है। भाजपा का आरोप है कि बैचलेट ने धारा 370 हटाने, एनआरसी लागू करने और कश्मीर नीतियों पर भारत सरकार की आलोचना की थी, इसलिए कांग्रेस द्वारा उन्हें सम्मानित करना देश की संप्रभुता के खिलाफ खड़ा होना है। इंदिरा गांधी पुरस्कार पर राजनीतिक टकराव बढ़ा बीते बुधवार कांग्रेस की संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी ने

इंदिरा गांधी की जन्म-जयंती पर राहुल गांधी का श्रद्धांजलि संदेश राष्ट्र की तीसरी प्रधानमंत्री और भारत की लौह महिला कही जाने वाली इंदिरा गांधी की जयंती के अवसर पर, कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बुधवार को नई दिल्ली में श्रद्धासुमन अर्पित किए। अपने संदेश में उन्होंने कहा कि उनकी दादी इंदिरा गांधी का साहस, राष्ट्रनिष्ठा और नैतिक मूल्य आज भी उन्हें अन्याय के विरुद्ध दृढ़ता से खड़े रहने की प्रेरणा प्रदान करते हैं। राहुल गांधी ने सामाजिक मंच एक्स पर लिखा कि उनकी दादी से उन्हें निर्भीक निर्णय लेने की प्रेरणा मिली है और

इंदिरा गांधी की जन्म-जयंती पर राहुल गांधी का श्रद्धांजलि संदेश राष्ट्र की तीसरी प्रधानमंत्री और भारत की लौह महिला कही जाने वाली इंदिरा गांधी की जयंती के अवसर पर, कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बुधवार को नई दिल्ली में श्रद्धासुमन अर्पित किए। अपने संदेश में उन्होंने कहा कि उनकी दादी इंदिरा गांधी का साहस, राष्ट्रनिष्ठा और नैतिक मूल्य आज भी उन्हें अन्याय के विरुद्ध दृढ़ता से खड़े रहने की प्रेरणा प्रदान करते हैं। राहुल गांधी ने सामाजिक मंच एक्स पर लिखा कि उनकी दादी से उन्हें निर्भीक निर्णय लेने की प्रेरणा मिली है और

पी. चिदंबरम का ऑपरेशन ब्लू स्टार पर बयान वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने कासौली में आयोजित खुशवंत सिंह लिटरेरी फेस्टिवल में कहा कि 1984 का ऑपरेशन ब्लू स्टार गोल्डन टेम्पल से मिलिटेंट्स हटाने के लिए गलत तरीका था। उन्होंने इसे 1988 के ऑपरेशन ब्लैक थंडर से तुलना की, जिसमें पंजाब पुलिस की भूमिका सफल रही थी। वेब स्टोरी: चिदंबरम ने यह भी स्पष्ट किया कि ऑपरेशन का निर्णय केवल इंदिरा गांधी का नहीं था, बल्कि सेना, पुलिस और खुफिया एजेंसियों की सामूहिक योजना थी। ऑपरेशन के कुछ महीने बाद इंदिरा गांधी की हत्या हो गई थी, जिसका खामियाजा उन्होंने

पी. चिदंबरम का ऑपरेशन ब्लू स्टार पर बयान वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने कासौली में आयोजित खुशवंत सिंह लिटरेरी फेस्टिवल में कहा कि 1984 का ऑपरेशन ब्लू स्टार गोल्डन टेम्पल से मिलिटेंट्स हटाने के लिए गलत तरीका था। उन्होंने इसे 1988 के ऑपरेशन ब्लैक थंडर से तुलना की, जिसमें पंजाब पुलिस की भूमिका सफल रही थी। वेब स्टोरी: चिदंबरम ने यह भी स्पष्ट किया कि ऑपरेशन का निर्णय केवल इंदिरा गांधी का नहीं था, बल्कि सेना, पुलिस और खुफिया एजेंसियों की सामूहिक योजना थी। ऑपरेशन के कुछ महीने बाद इंदिरा गांधी की हत्या हो गई थी, जिसका खामियाजा उन्होंने