
बंबई उच्च न्यायालय ने नागपुर व्यवसायी के सोना न मिलने के आरोप खारिज किए नागपुर व्यवसायी के खिलाफ आदेश का सारांश नागपुर के प्रमुख व्यवसायी आशुतोष नटवर मुंदड़ा द्वारा कोलकत्ता स्थित कंपनियों बांका बुलियंस और जी. के. ट्रेक्सिम के खिलाफ 4.31 करोड़ रुपये के सोने न देने के आरोप को बंबई उच्च न्यायालय ने खारिज कर दिया है। न्यायमूर्ति उर्मिला जोशी फाल्के और न्यायमूर्ति नंदेश देशपांडे की नागपुर पीठ ने इस मामले में कंपनियों के पाँच निदेशकों के खिलाफ दायर शिकायत को रद्द करने का आदेश पारित किया। मुंदड़ा का आरोप था कि उन्होंने 12 नवंबर 2016 से 5 दिसंबर

बंबई उच्च न्यायालय ने नागपुर व्यवसायी के सोना न मिलने के आरोप खारिज किए नागपुर व्यवसायी के खिलाफ आदेश का सारांश नागपुर के प्रमुख व्यवसायी आशुतोष नटवर मुंदड़ा द्वारा कोलकत्ता स्थित कंपनियों बांका बुलियंस और जी. के. ट्रेक्सिम के खिलाफ 4.31 करोड़ रुपये के सोने न देने के आरोप को बंबई उच्च न्यायालय ने खारिज कर दिया है। न्यायमूर्ति उर्मिला जोशी फाल्के और न्यायमूर्ति नंदेश देशपांडे की नागपुर पीठ ने इस मामले में कंपनियों के पाँच निदेशकों के खिलाफ दायर शिकायत को रद्द करने का आदेश पारित किया। मुंदड़ा का आरोप था कि उन्होंने 12 नवंबर 2016 से 5 दिसंबर

अवैध निर्माण का इतिहास मेरठ के शास्त्रीनगर क्षेत्र में स्थित सेंट्रल मार्केट का विवादित व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स लंबे समय से प्रशासन और व्यापारियों के बीच मुद्दा बना हुआ था। यह भूखंड 1986 में केवल आवासीय उपयोग के लिए आवंटित किया गया था, लेकिन वर्षों के दौरान यहां अवैध रूप से व्यावसायिक निर्माण विकसित हो गया। 1990 में आवास विकास परिषद ने इसे ध्वस्त करने के लिए नोटिस जारी किया था, लेकिन कानूनी प्रक्रिया लंबी और जटिल होने के कारण कार्रवाई स्थगित होती रही। व्यापारियों की याचिकाओं और स्थगन के अनुरोधों के कारण यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुँच गया। सुप्रीम कोर्ट

अवैध निर्माण का इतिहास मेरठ के शास्त्रीनगर क्षेत्र में स्थित सेंट्रल मार्केट का विवादित व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स लंबे समय से प्रशासन और व्यापारियों के बीच मुद्दा बना हुआ था। यह भूखंड 1986 में केवल आवासीय उपयोग के लिए आवंटित किया गया था, लेकिन वर्षों के दौरान यहां अवैध रूप से व्यावसायिक निर्माण विकसित हो गया। 1990 में आवास विकास परिषद ने इसे ध्वस्त करने के लिए नोटिस जारी किया था, लेकिन कानूनी प्रक्रिया लंबी और जटिल होने के कारण कार्रवाई स्थगित होती रही। व्यापारियों की याचिकाओं और स्थगन के अनुरोधों के कारण यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुँच गया। सुप्रीम कोर्ट

Supreme Court Shoe Attack: सुप्रीम कोर्ट में जूता फेंकने की घटना पर CJI गवै की प्रतिक्रिया सुप्रीम कोर्ट में हुई असाधारण घटना नई दिल्ली: भारत के सर्वोच्च न्यायालय में अक्टूबर 6, 2025 को हुई जूता फेंकने की घटना ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया। मुख्य न्यायाधीश भारत रत्न बी. आर. गवै ने बुधवार को इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह इस अप्रत्याशित कृत्य से “आश्चर्यचकित” थे, लेकिन अब इसे “भूला हुआ अध्याय” माना जाता है। घटना का विवरण घटना उस समय हुई जब CJI गवै न्यायमूर्ति के. विनोद चंद्रन के साथ बैठकर मामलों की सुनवाई कर

Supreme Court Shoe Attack: सुप्रीम कोर्ट में जूता फेंकने की घटना पर CJI गवै की प्रतिक्रिया सुप्रीम कोर्ट में हुई असाधारण घटना नई दिल्ली: भारत के सर्वोच्च न्यायालय में अक्टूबर 6, 2025 को हुई जूता फेंकने की घटना ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया। मुख्य न्यायाधीश भारत रत्न बी. आर. गवै ने बुधवार को इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह इस अप्रत्याशित कृत्य से “आश्चर्यचकित” थे, लेकिन अब इसे “भूला हुआ अध्याय” माना जाता है। घटना का विवरण घटना उस समय हुई जब CJI गवै न्यायमूर्ति के. विनोद चंद्रन के साथ बैठकर मामलों की सुनवाई कर