महाराष्ट्र के नागपुर जिले के नरखेड तालुका स्थित दिंदरगांव में हाल ही में घटित एक घटना ने एक बार फिर पुलिस व्यवस्था और मानवाधिकारों के मुद्दे को सामने ला दिया है। तीन नाबालिग आदिवासी बच्चों के साथ जलालखेडा पुलिस स्टेशन में कथित रूप से हुई मारपीट का मामला न केवल कानून का उल्लंघन है बल्कि मानवीयता पर भी एक बड़ा सवाल खड़ा करता है। इस गंभीर मामले का महाराष्ट्र राज्य अनुसूचित जाति-जनजाति आयोग ने स्वतः संज्ञान लिया है और त्वरित कार्रवाई की शुरुआत की है। घटना का विवरण और पृष्ठभूमि स्थानीय समाचार पत्रों में प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार, दिंदरगांव के