
दिल्ली उच्च न्यायालय ने ‘ओआरएस’ शब्द पर एफएसएसएआई की रोक को सही ठहराया नई दिल्ली, 31 अक्टूबर — दिल्ली उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को यह स्पष्ट किया कि वह भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के उस आदेश में कोई हस्तक्षेप नहीं करेगा, जिसमें पेय पदार्थों और अन्य उत्पादों में “ओआरएस” (Oral Rehydration Solution) शब्द के प्रयोग पर रोक लगाई गई है। न्यायमूर्ति सच्चिन दत्ता की पीठ ने कहा कि यह आदेश सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़ा हुआ है और अदालत इस पर रोक या ढील नहीं दे सकती। अदालत ने यह भी कहा कि अगर दवा कंपनी ‘डॉ. रेड्डीज़

दिल्ली उच्च न्यायालय ने ‘ओआरएस’ शब्द पर एफएसएसएआई की रोक को सही ठहराया नई दिल्ली, 31 अक्टूबर — दिल्ली उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को यह स्पष्ट किया कि वह भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के उस आदेश में कोई हस्तक्षेप नहीं करेगा, जिसमें पेय पदार्थों और अन्य उत्पादों में “ओआरएस” (Oral Rehydration Solution) शब्द के प्रयोग पर रोक लगाई गई है। न्यायमूर्ति सच्चिन दत्ता की पीठ ने कहा कि यह आदेश सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़ा हुआ है और अदालत इस पर रोक या ढील नहीं दे सकती। अदालत ने यह भी कहा कि अगर दवा कंपनी ‘डॉ. रेड्डीज़

FSSAI के प्रतिबंध पर दिल्ली हाई कोर्ट की रोक दिल्ली हाई कोर्ट ने FSSAI (भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण) द्वारा मीठे ORSL ड्रिंक्स पर लगाए गए प्रतिबंध पर अंतरिम रोक लगा दी है।कोर्ट का यह फैसला उपभोक्ता स्वास्थ्य और औद्योगिक हितों के बीच संतुलन बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है। यह मामला उस समय चर्चा में आया जब FSSAI ने 14 अक्टूबर 2025 को ‘ORS’ लेबल का प्रयोग मीठे पेयों पर प्रतिबंधित कर दिया था।यह निर्णय बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सिवरांजनी संतोष की आठ वर्ष लंबी मुहिम के बाद लिया गया था, जिन्होंने इन उत्पादों में

FSSAI के प्रतिबंध पर दिल्ली हाई कोर्ट की रोक दिल्ली हाई कोर्ट ने FSSAI (भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण) द्वारा मीठे ORSL ड्रिंक्स पर लगाए गए प्रतिबंध पर अंतरिम रोक लगा दी है।कोर्ट का यह फैसला उपभोक्ता स्वास्थ्य और औद्योगिक हितों के बीच संतुलन बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है। यह मामला उस समय चर्चा में आया जब FSSAI ने 14 अक्टूबर 2025 को ‘ORS’ लेबल का प्रयोग मीठे पेयों पर प्रतिबंधित कर दिया था।यह निर्णय बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सिवरांजनी संतोष की आठ वर्ष लंबी मुहिम के बाद लिया गया था, जिन्होंने इन उत्पादों में