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Pawan Singh News

Pawan Singh’s Political Power in Shahabad – उपेन्द्र कुशवाह के साथ गठबंधन से एनडीए को मजबूती

शाहाबाद में पवन सिंह की राजनीतिक ताकत: उपेंद्र कुशवाहा के साथ मिलकर बदलेंगे चुनावी समीकरण

शाहाबाद में पवन सिंह की राजनीतिक ताकत कंचन किशोर, आरा। शाहाबाद में राजनीति का नया समीकरण बनता दिख रहा है, जहाँ पवन सिंह और उपेंद्र कुशवाहा की साझेदारी चुनावी रंग बदल सकती है। पिछले लोकसभा चुनाव में पवन सिंह ने काराकाट सीट से स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में 2 लाख 74 हजार से अधिक वोट हासिल कर एनडीए को बड़ा झटका दिया था। पावर स्टार का चुनावी प्रभाव पवन सिंह की लोकप्रियता केवल फिल्म इंडस्ट्री तक सीमित नहीं रही, बल्कि राजनीति में भी उनका पावर स्टार फैक्टर काम आया। शाहाबाद के चारों जिलों में एनडीए की पिछली हार में उनका

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Pawan Singh Rejoins BJP Ahead of Bihar Elections 2025, Viral Post Sparks Political Buzz

‘दिल पर आज ई फोटो देख के सांप लोट रहा होगा’ – पवन सिंह की वायरल पोस्ट से बिहार की सियासत में हलचल

डिजिटल डेस्क, पटना | अपडेटेड: 30 सितम्बर 2025 बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले भोजपुरी सुपरस्टार पवन सिंह ने एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी (BJP) में वापसी कर राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। मंगलवार को उन्होंने फेसबुक पर पार्टी के शीर्ष नेताओं के साथ अपनी तस्वीरें साझा करते हुए एक पोस्ट किया, जिसने देखते ही देखते सोशल मीडिया पर बवंडर खड़ा कर दिया। फेसबुक पोस्ट से गरमाई राजनीति पवन सिंह ने फेसबुक पर गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा संग तस्वीरें साझा करते हुए लिखा –

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Pawan Singh Court Appearance: आचार संहिता उल्लंघन मामले में Fans की भारी भीड़

भोजपुरी Star Pawan Singh की Court Pesh, आचार संहिता उल्लंघन मामले में उमड़ी Fans की भीड़

भोजपुरी सिनेमा के सुपरस्टार और लोकप्रिय गायक Pawan Singh शुक्रवार को रोहतास जिले के बिक्रमगंज न्यायालय में पेश हुए। यह पेशी एक पुराने Model Code of Conduct Violation Case यानी आचार संहिता उल्लंघन से जुड़े मामले के सिलसिले में हुई। लोकसभा चुनाव से जुड़ा पुराना मामला गौरतलब है कि पवन सिंह ने पिछले Lok Sabha Elections में काराकाट सीट से Independent Candidate के रूप में चुनाव लड़ा था। चुनाव प्रचार के दौरान स्थानीय प्रशासन ने उन पर आचार संहिता उल्लंघन का मामला दर्ज किया था। आरोप यह था कि प्रचार के दौरान निर्धारित नियमों का पालन नहीं किया गया, जिसे

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