
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज गोवा में भारतीय तटरक्षक बल के पहले स्वदेशी रूप से डिजाइन और निर्मित प्रदूषण नियंत्रण जहाज ‘समुद्र प्रताप’ को राष्ट्र को समर्पित किया। यह जहाज समुद्री प्रदूषण नियंत्रण, समुद्री कानून लागू करने, खोज और बचाव कार्य तथा देश के विशेष आर्थिक क्षेत्र की सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में काम करेगा। यह पहला स्वदेशी प्रदूषण नियंत्रण जहाज है जिसमें 70 प्रतिशत से अधिक घरेलू सामग्री का उपयोग किया गया है। समुद्र प्रताप के कमीशन समारोह में रक्षा मंत्री ने इस जहाज को देश के सामूहिक संकल्प और समुद्री आत्मविश्वास का प्रतीक

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज गोवा में भारतीय तटरक्षक बल के पहले स्वदेशी रूप से डिजाइन और निर्मित प्रदूषण नियंत्रण जहाज ‘समुद्र प्रताप’ को राष्ट्र को समर्पित किया। यह जहाज समुद्री प्रदूषण नियंत्रण, समुद्री कानून लागू करने, खोज और बचाव कार्य तथा देश के विशेष आर्थिक क्षेत्र की सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में काम करेगा। यह पहला स्वदेशी प्रदूषण नियंत्रण जहाज है जिसमें 70 प्रतिशत से अधिक घरेलू सामग्री का उपयोग किया गया है। समुद्र प्रताप के कमीशन समारोह में रक्षा मंत्री ने इस जहाज को देश के सामूहिक संकल्प और समुद्री आत्मविश्वास का प्रतीक

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को लेकर अब प्रधानमंत्री कार्यालय ने सीधे तौर पर हस्तक्षेप करना शुरू कर दिया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के निर्देश पर पीएमओ ने दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण के लिए काम कर रही 19 विभिन्न एजेंसियों से एक्शन टेकन रिपोर्ट मांगी है। इस कदम से साफ संकेत मिलता है कि केंद्र सरकार दिल्ली की गंभीर समस्याओं को लेकर अब पहले से ज्यादा गंभीर है। दिल्ली सरकार के पर्यावरण विभाग ने 25 नवंबर को सभी संबंधित विभागों और एजेंसियों को पत्र भेजकर उनसे प्रदूषण रोकने के लिए उठाए गए कदमों की विस्तृत जानकारी मांगी है।

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को लेकर अब प्रधानमंत्री कार्यालय ने सीधे तौर पर हस्तक्षेप करना शुरू कर दिया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के निर्देश पर पीएमओ ने दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण के लिए काम कर रही 19 विभिन्न एजेंसियों से एक्शन टेकन रिपोर्ट मांगी है। इस कदम से साफ संकेत मिलता है कि केंद्र सरकार दिल्ली की गंभीर समस्याओं को लेकर अब पहले से ज्यादा गंभीर है। दिल्ली सरकार के पर्यावरण विभाग ने 25 नवंबर को सभी संबंधित विभागों और एजेंसियों को पत्र भेजकर उनसे प्रदूषण रोकने के लिए उठाए गए कदमों की विस्तृत जानकारी मांगी है।