
सभा के बयान से बढ़ा विवाद Rakesh Singh BJP lathicharge Kolkata Port Assembly: कोलकाता पोर्ट विधानसभा क्षेत्र में बीजेपी (BJP) उम्मीदवार राकेश सिंह की चुनावी सभा उस समय विवादों में घिर गई, जब नमाज़ को लेकर दिए गए उनके एक बयान पर स्थानीय लोगों से तीखी बहसबाज़ी हो गई। सभा स्थल पर हुई इस नोकझोंक के बाद माहौल तेज़ी से गरमाया और बीजेपी (BJP) तथा टीएमसी (TMC) कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए। स्थिति बेकाबू होते देख दोनों दलों के कार्यकर्ताओं ने मिलकर एकबालपुर पुलिस स्टेशन का घेराव कर दिया। Rakesh Singh Lathicharge in Kolkata | नमाज बयान पर विवाद#Kolkata #RakeshSingh

सभा के बयान से बढ़ा विवाद Rakesh Singh BJP lathicharge Kolkata Port Assembly: कोलकाता पोर्ट विधानसभा क्षेत्र में बीजेपी (BJP) उम्मीदवार राकेश सिंह की चुनावी सभा उस समय विवादों में घिर गई, जब नमाज़ को लेकर दिए गए उनके एक बयान पर स्थानीय लोगों से तीखी बहसबाज़ी हो गई। सभा स्थल पर हुई इस नोकझोंक के बाद माहौल तेज़ी से गरमाया और बीजेपी (BJP) तथा टीएमसी (TMC) कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए। स्थिति बेकाबू होते देख दोनों दलों के कार्यकर्ताओं ने मिलकर एकबालपुर पुलिस स्टेशन का घेराव कर दिया। Rakesh Singh Lathicharge in Kolkata | नमाज बयान पर विवाद#Kolkata #RakeshSingh

नामांकन के दौरान दिया गया खास संदेश कोलकाता। जेल से रिहाई के बाद भारतीय जनता पार्टी ने बंदर विधानसभा क्षेत्र से राकेश सिंह को अपना प्रत्याशी घोषित किया है। गुरुवार को राकेश सिंह ने अपनी माँ को साथ लेकर और ईश्वर चंद्र विद्यासागर की मूर्ति की तस्वीर गोद में थामे नामांकन दाखिल किया। नामांकन से पहले राकेश सिंह ने कहा कि जब कोलकाता में विद्यासागर की मूर्ति तोड़ी गई थी, उस वक्त वे शहर में मौजूद नहीं थे। इसके बावजूद उन पर उस घटना का आरोप लगाकर जेल भेजा गया। उनका दावा है कि उन्हें झूठे मामले में फँसाया गया।

नामांकन के दौरान दिया गया खास संदेश कोलकाता। जेल से रिहाई के बाद भारतीय जनता पार्टी ने बंदर विधानसभा क्षेत्र से राकेश सिंह को अपना प्रत्याशी घोषित किया है। गुरुवार को राकेश सिंह ने अपनी माँ को साथ लेकर और ईश्वर चंद्र विद्यासागर की मूर्ति की तस्वीर गोद में थामे नामांकन दाखिल किया। नामांकन से पहले राकेश सिंह ने कहा कि जब कोलकाता में विद्यासागर की मूर्ति तोड़ी गई थी, उस वक्त वे शहर में मौजूद नहीं थे। इसके बावजूद उन पर उस घटना का आरोप लगाकर जेल भेजा गया। उनका दावा है कि उन्हें झूठे मामले में फँसाया गया।