
Stock Market: दुनियाभर में बढ़ते तनाव का असर अब भारतीय शेयर बाजार पर भी साफ दिखाई देने लगा है। ईरान और अमेरिका के बीच फिर से बढ़ते तनाव और पश्चिम एशिया में बिगड़ते हालात ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। इसका असर आज मंगलवार को भारतीय बाजार में बड़ी गिरावट के रूप में देखने को मिला। करीब 11 लाख करोड़ रुपये डूबे सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन शेयर बाजार में भारी बिकवाली हुई। BSE Sensex करीब 1500 अंक टूटकर 74,559 पर बंद हुआ, जबकि NIFTY 50 436 अंक गिरकर 23,380 के स्तर पर पहुंच गया। बाजार में आई इस

Stock Market: दुनियाभर में बढ़ते तनाव का असर अब भारतीय शेयर बाजार पर भी साफ दिखाई देने लगा है। ईरान और अमेरिका के बीच फिर से बढ़ते तनाव और पश्चिम एशिया में बिगड़ते हालात ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। इसका असर आज मंगलवार को भारतीय बाजार में बड़ी गिरावट के रूप में देखने को मिला। करीब 11 लाख करोड़ रुपये डूबे सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन शेयर बाजार में भारी बिकवाली हुई। BSE Sensex करीब 1500 अंक टूटकर 74,559 पर बंद हुआ, जबकि NIFTY 50 436 अंक गिरकर 23,380 के स्तर पर पहुंच गया। बाजार में आई इस

Rupee Fall Today: आज 30 अप्रैल की सुबह बाजार खुलते ही भारतीय रुपये ने एक बार फिर लोगों की चिंता बढ़ा दी। रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले कमजोर होकर अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया। कारोबार शुरू होते ही रुपया करीब 95 रुपये प्रति डॉलर के नीचे फिसल गया और कुछ ही देर में 95.33 के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया। यानी अब 1 डॉलर खरीदने के लिए पहले से ज्यादा रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। सरल शब्दों में समझें तो रुपया कमजोर होने का मतलब है कि भारत के लिए विदेश से सामान खरीदना और महंगा हो

Rupee Fall Today: आज 30 अप्रैल की सुबह बाजार खुलते ही भारतीय रुपये ने एक बार फिर लोगों की चिंता बढ़ा दी। रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले कमजोर होकर अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया। कारोबार शुरू होते ही रुपया करीब 95 रुपये प्रति डॉलर के नीचे फिसल गया और कुछ ही देर में 95.33 के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया। यानी अब 1 डॉलर खरीदने के लिए पहले से ज्यादा रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। सरल शब्दों में समझें तो रुपया कमजोर होने का मतलब है कि भारत के लिए विदेश से सामान खरीदना और महंगा हो

भारतीय रुपया शुक्रवार को अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 17 पैसे गिरकर 91.99 पर आ गया। यह भारतीय मुद्रा के इतिहास में एक नया रिकॉर्ड निचला स्तर है। हालांकि दिन की शुरुआत में रुपये ने कुछ बेहतर प्रदर्शन किया था। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड को लेकर यूरोप के खिलाफ अपने टैरिफ के रुख में नरमी दिखाई थी। इससे व्यापार युद्ध की आशंका कुछ कम हुई थी। विदेशी मुद्रा व्यापारियों का कहना है कि अमेरिकी राष्ट्रपति के रुख में बदलाव से निकट भविष्य की भू-राजनीतिक चिंताएं कम हुईं। जैसे-जैसे निवेशकों की जोखिम

भारतीय रुपया शुक्रवार को अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 17 पैसे गिरकर 91.99 पर आ गया। यह भारतीय मुद्रा के इतिहास में एक नया रिकॉर्ड निचला स्तर है। हालांकि दिन की शुरुआत में रुपये ने कुछ बेहतर प्रदर्शन किया था। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड को लेकर यूरोप के खिलाफ अपने टैरिफ के रुख में नरमी दिखाई थी। इससे व्यापार युद्ध की आशंका कुछ कम हुई थी। विदेशी मुद्रा व्यापारियों का कहना है कि अमेरिकी राष्ट्रपति के रुख में बदलाव से निकट भविष्य की भू-राजनीतिक चिंताएं कम हुईं। जैसे-जैसे निवेशकों की जोखिम