Rashtra Bharat Logo

शेयर बाजार में भारी तबाही! एक दिन में डूबे 11 लाख करोड़ रुपये; IT शेयरों में सबसे बड़ी गिरावट

शेयर बाजार में भारी तबाही! एक दिन में डूबे 11 लाख करोड़ रुपये; IT शेयरों में सबसे बड़ी गिरावट
शेयर बाजार में भारी तबाही! एक दिन में डूबे 11 लाख करोड़ रुपये; IT शेयरों में सबसे बड़ी गिरावट

ईरान-अमेरिका तनाव और पश्चिम एशिया संकट के कारण भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स 1500 अंक टूटा और निवेशकों के 11 लाख करोड़ रुपये डूब गए। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों, रुपये की कमजोरी और आईटी-ज्वेलरी सेक्टर में बिकवाली से बाजार पर दबाव और बढ़ गया।

Updated:
·by
Dipali Kumari
Dipali Kumari
Share:

विषयसूची

Stock Market: दुनियाभर में बढ़ते तनाव का असर अब भारतीय शेयर बाजार पर भी साफ दिखाई देने लगा है। ईरान और अमेरिका के बीच फिर से बढ़ते तनाव और पश्चिम एशिया में बिगड़ते हालात ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। इसका असर आज मंगलवार को भारतीय बाजार में बड़ी गिरावट के रूप में देखने को मिला।

करीब 11 लाख करोड़ रुपये डूबे

सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन शेयर बाजार में भारी बिकवाली हुई। BSE Sensex करीब 1500 अंक टूटकर 74,559 पर बंद हुआ, जबकि NIFTY 50 436 अंक गिरकर 23,380 के स्तर पर पहुंच गया। बाजार में आई इस तेज गिरावट से निवेशकों को बड़ा नुकसान उठाना पड़ा। सिर्फ एक दिन में निवेशकों के करीब 11 लाख करोड़ रुपये डूब गए।

आईटी सेक्टर में भारी नुकसान

सबसे ज्यादा दबाव आईटी सेक्टर पर देखने को मिला। आईटी कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट आई और पूरा सेक्टर 3.5 प्रतिशत से ज्यादा टूट गया। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, टेक महिंद्रा और एचसीएलटेक जैसी बड़ी कंपनियों के शेयर लाल निशान में बंद हुए। इसके अलावा रियल एस्टेट और ज्वेलरी सेक्टर में भी बिकवाली जारी रही।

क्यों आई इतनी बड़ी गिरावट ?

विशेषज्ञों का कहना है कि बाजार में गिरावट की सबसे बड़ी वजह ईरान-अमेरिका तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें हैं। ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत बढ़कर 106 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है। भारत जैसे देश के लिए यह चिंता की बात है क्योंकि देश अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से आयात करता है। तेल महंगा होने से महंगाई बढ़ने का खतरा रहता है और इसका सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ सकता है।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बयान से बढ़ी चिंता

इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बयान ने भी बाजार की चिंता बढ़ा दी। उन्होंने कहा कि ईरान के साथ युद्धविराम की स्थिति बेहद नाजुक है। इससे निवेशकों में डर का माहौल बन गया।

पीएम मोदी का बयान भी बना वजह

वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील का असर भी बाजार पर देखने को मिला। पश्चिम एशिया संकट के बीच ईंधन बचाने को लेकर पीएम मोदी ने लोगों से एक साल तक सोने की खरीद कम करने और जहां संभव हो वहां घर से काम करने की अपील की थी। इसके बाद ज्वेलरी और रियल एस्टेट शेयरों में लगातार दूसरे दिन गिरावट दर्ज की गई।

भारतीय रुपये भी गिरा

सिर्फ शेयर बाजार ही नहीं, भारतीय रुपये पर भी दबाव बढ़ा। डॉलर के मुकाबले रुपया 95.63 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर पश्चिम एशिया का तनाव आगे और बढ़ता है, तो आने वाले दिनों में बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।

Rashtra Bharat
Rashtra Bharat पर पढ़ें ताज़ा खेल, राजनीति, विश्व, मनोरंजन, धर्म और बिज़नेस की अपडेटेड हिंदी खबरें।

Dipali Kumari

Dipali Kumari

दीपाली कुमारी सक्रिय पत्रकार और हिंदी कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में तीन वर्षों का अनुभव है। उन्होंने रांची के गोस्सनर कॉलेज से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। सामाजिक सरोकारों, जन-जागरूकता और जमीनी मुद्दों पर तथ्यपरक एवं संवेदनशील लेखन उनकी प्रमुख पहचान है। आम लोगों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाना और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत करना उनकी पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य है। अनुभव : पिछले तीन वर्षों से वे सक्रिय पत्रकारिता और डिजिटल कंटेंट लेखन से जुड़ी हुई हैं। इस दौरान उन्होंने सामाजिक मुद्दों, जनहित विषयों और स्थानीय समस्याओं पर लगातार लेखन किया है। उनकी रिपोर्टिंग और लेखन शैली जमीनी समझ, स्पष्ट प्रस्तुति और पाठक-केंद्रित दृष्टिकोण को दर्शाती है। वर्तमान फोकस : वे समाज, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, जन-जागरूकता और सामाजिक बदलाव से जुड़े विषयों पर लेखन करती हैं। उनकी प्राथमिकता ऐसी खबरें और लेख तैयार करना है, जो आम लोगों से सीधे जुड़ाव बनाएं और सकारात्मक सामाजिक प्रभाव उत्पन्न करें। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • सामाजिक मुद्दों पर लेखन : जनहित, सामाजिक बदलाव और आम लोगों से जुड़े विषयों पर संवेदनशील और प्रभावशाली रिपोर्टिंग। • जमीनी रिपोर्टिंग : स्थानीय समस्याओं और वास्तविक परिस्थितियों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। • जन-जागरूकता आधारित कंटेंट : शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता से जुड़े विषयों पर जानकारीपूर्ण लेखन। • हिंदी कंटेंट निर्माण : पाठकों के लिए सहज, विश्वसनीय और प्रभावी हिंदी कंटेंट तैयार करने में विशेषज्ञता। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : जमीनी मुद्दों की गहरी समझ, निष्पक्ष दृष्टिकोण और समाज-केंद्रित लेखन शैली ने दीपाली कुमारी को एक संवेदनशील और भरोसेमंद हिंदी पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। जनहित से जुड़े विषयों पर उनकी निरंतर सक्रियता और तथ्यपरक लेखन उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाते हैं।