
Sheohar News: शिवहर में विधानसभा चुनाव हेतु सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद, एसपी शैलेश कुमार सिन्हा ने थामी कमान मतदान से पूर्व पुलिस प्रशासन हुआ एक्शन मोड में शिवहर। आगामी 11 नवंबर को होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर जिले में तैयारियां जोरों पर हैं। जैसे-जैसे मतदान का दिन नजदीक आ रहा है, वैसे-वैसे प्रशासनिक सक्रियता बढ़ती जा रही है। रविवार की शाम शिवहर के पुलिस अधीक्षक शैलेश कुमार सिन्हा ने स्वयं सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभालते हुए जिले के विभिन्न इलाकों का व्यापक निरीक्षण किया। उन्होंने सीमावर्ती थानों और चेकपोस्टों पर तैनात पुलिस बल से मुलाकात की तथा सुरक्षा की दृष्टि

Sheohar News: शिवहर में विधानसभा चुनाव हेतु सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद, एसपी शैलेश कुमार सिन्हा ने थामी कमान मतदान से पूर्व पुलिस प्रशासन हुआ एक्शन मोड में शिवहर। आगामी 11 नवंबर को होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर जिले में तैयारियां जोरों पर हैं। जैसे-जैसे मतदान का दिन नजदीक आ रहा है, वैसे-वैसे प्रशासनिक सक्रियता बढ़ती जा रही है। रविवार की शाम शिवहर के पुलिस अधीक्षक शैलेश कुमार सिन्हा ने स्वयं सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभालते हुए जिले के विभिन्न इलाकों का व्यापक निरीक्षण किया। उन्होंने सीमावर्ती थानों और चेकपोस्टों पर तैनात पुलिस बल से मुलाकात की तथा सुरक्षा की दृष्टि

“जंजीरों में जकड़ा उम्मीदवार” — शिवहर में संजय संघर्ष सिंह का अनोखा प्रचार बना चर्चा का विषय शिवहर (बिहार)। बिहार विधानसभा चुनाव में इस बार शिवहर विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय प्रत्याशी संजय संघर्ष सिंह अपने अनोखे और प्रतीकात्मक प्रचार के कारण सुर्खियों में हैं। उन्होंने अपने शरीर को गले से लेकर पैरों तक लोहे की जंजीरों में जकड़ रखा है, और इसी रूप में गांव-गांव जाकर लोगों से समर्थन की अपील कर रहे हैं। संघर्ष का प्रतीक बना “जंजीर चुनाव चिन्ह” संजय संघर्ष सिंह का यह तरीका केवल प्रचार का स्टाइल नहीं बल्कि एक स्थानीय जनसमस्या का प्रतीक है। वे

“जंजीरों में जकड़ा उम्मीदवार” — शिवहर में संजय संघर्ष सिंह का अनोखा प्रचार बना चर्चा का विषय शिवहर (बिहार)। बिहार विधानसभा चुनाव में इस बार शिवहर विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय प्रत्याशी संजय संघर्ष सिंह अपने अनोखे और प्रतीकात्मक प्रचार के कारण सुर्खियों में हैं। उन्होंने अपने शरीर को गले से लेकर पैरों तक लोहे की जंजीरों में जकड़ रखा है, और इसी रूप में गांव-गांव जाकर लोगों से समर्थन की अपील कर रहे हैं। संघर्ष का प्रतीक बना “जंजीर चुनाव चिन्ह” संजय संघर्ष सिंह का यह तरीका केवल प्रचार का स्टाइल नहीं बल्कि एक स्थानीय जनसमस्या का प्रतीक है। वे