
चक्रवात दित्वाह पर तमिलनाडु सरकार की तैयारी तमिलनाडु में आने वाले चक्रवात दित्वाह को देखते हुए राज्य सरकार ने पूरी तैयारी कर ली है। मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने कहा है कि राज्य के दक्षिणी हिस्सों और कावेरी डेल्टा क्षेत्र में भारी वर्षा की आशंका है, इसलिए प्रशासन को पहले से सतर्क कर दिया गया है। सरकार ने यह भी बताया कि ज़रूरत पड़ने पर और टीमों की मदद ली जाएगी, ताकि किसी भी स्थिति में लोगों को सुरक्षित रखा जा सके। राहत और बचाव दलों की तैनाती मुख्यमंत्री स्टालिन के अनुसार, राज्य में 12 एनडीआरएफ टीमें और 16 एसडीआरएफ

चक्रवात दित्वाह पर तमिलनाडु सरकार की तैयारी तमिलनाडु में आने वाले चक्रवात दित्वाह को देखते हुए राज्य सरकार ने पूरी तैयारी कर ली है। मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने कहा है कि राज्य के दक्षिणी हिस्सों और कावेरी डेल्टा क्षेत्र में भारी वर्षा की आशंका है, इसलिए प्रशासन को पहले से सतर्क कर दिया गया है। सरकार ने यह भी बताया कि ज़रूरत पड़ने पर और टीमों की मदद ली जाएगी, ताकि किसी भी स्थिति में लोगों को सुरक्षित रखा जा सके। राहत और बचाव दलों की तैनाती मुख्यमंत्री स्टालिन के अनुसार, राज्य में 12 एनडीआरएफ टीमें और 16 एसडीआरएफ

तमिलनाडु और पुडुचेरी में भारी बारिश तमिलनाडु और पुडुचेरी में पिछले 24 घंटों से लगातार बारिश हो रही है, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ है। चेन्नई में स्कूलों को बंद करने का निर्णय लिया गया है। मौसम विभाग के अनुसार, बारिश का यह सिलसिला अगले 24 घंटों तक जारी रहने की संभावना है। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती तूफान के कारण तटीय जिलों में भारी वर्षा हो रही है। समुद्र भी उफान पर है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने पहले ही तमिलनाडु तटों के लिए रेड अलर्ट जारी किया था। भारी बारिश के आंकड़े मौसम विभाग

तमिलनाडु और पुडुचेरी में भारी बारिश तमिलनाडु और पुडुचेरी में पिछले 24 घंटों से लगातार बारिश हो रही है, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ है। चेन्नई में स्कूलों को बंद करने का निर्णय लिया गया है। मौसम विभाग के अनुसार, बारिश का यह सिलसिला अगले 24 घंटों तक जारी रहने की संभावना है। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती तूफान के कारण तटीय जिलों में भारी वर्षा हो रही है। समुद्र भी उफान पर है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने पहले ही तमिलनाडु तटों के लिए रेड अलर्ट जारी किया था। भारी बारिश के आंकड़े मौसम विभाग

तमिलनाडु की करूर त्रासदी पर सियासी तूफान — स्टालिन ने विजय और आयोजकों को ठहराया जिम्मेदार तमिलनाडु की राजनीति उस समय हिल गई जब करूर जिले में अभिनेता से नेता बने विजय की रैली में भगदड़ मचने से 41 लोगों की जान चली गई। इस हादसे पर राज्य के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने विधानसभा में बयान देते हुए कहा कि यह त्रासदी भीड़ प्रबंधन की गंभीर विफलता और आयोजकों की लापरवाही का परिणाम थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि विजय लगभग सात घंटे देर से पहुंचे, जिससे भीड़ बेकाबू हो गई और अफरातफरी मच गई। उन्होंने कहा, “करूर की घटना ने

तमिलनाडु की करूर त्रासदी पर सियासी तूफान — स्टालिन ने विजय और आयोजकों को ठहराया जिम्मेदार तमिलनाडु की राजनीति उस समय हिल गई जब करूर जिले में अभिनेता से नेता बने विजय की रैली में भगदड़ मचने से 41 लोगों की जान चली गई। इस हादसे पर राज्य के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने विधानसभा में बयान देते हुए कहा कि यह त्रासदी भीड़ प्रबंधन की गंभीर विफलता और आयोजकों की लापरवाही का परिणाम थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि विजय लगभग सात घंटे देर से पहुंचे, जिससे भीड़ बेकाबू हो गई और अफरातफरी मच गई। उन्होंने कहा, “करूर की घटना ने

M.K. Stalin सरकार हिंदी पर रोक लगाने वाला विधेयक लाने की तैयारी में चेन्नई। तमिलनाडु की DMK सरकार, मुख्यमंत्री M.K. Stalin के नेतृत्व में, राज्य विधानसभा में एक नया विधेयक पेश करने की योजना बना रही है। इस विधेयक का उद्देश्य सार्वजनिक प्रदर्शन, विज्ञापन, फिल्मों और गीतों में हिंदी सामग्री पर प्रतिबंध लगाना है। सरकार का तर्क है कि यह कदम तमिल सांस्कृतिक पहचान की सुरक्षा के लिए आवश्यक है, क्योंकि राज्य में लंबे समय से हिंदी भाषा के जबरन प्रचार के खिलाफ ऐतिहासिक विरोध रहा है। विधेयक के पीछे की वजह यह प्रस्ताव हाल ही में केंद्र सरकार द्वारा

M.K. Stalin सरकार हिंदी पर रोक लगाने वाला विधेयक लाने की तैयारी में चेन्नई। तमिलनाडु की DMK सरकार, मुख्यमंत्री M.K. Stalin के नेतृत्व में, राज्य विधानसभा में एक नया विधेयक पेश करने की योजना बना रही है। इस विधेयक का उद्देश्य सार्वजनिक प्रदर्शन, विज्ञापन, फिल्मों और गीतों में हिंदी सामग्री पर प्रतिबंध लगाना है। सरकार का तर्क है कि यह कदम तमिल सांस्कृतिक पहचान की सुरक्षा के लिए आवश्यक है, क्योंकि राज्य में लंबे समय से हिंदी भाषा के जबरन प्रचार के खिलाफ ऐतिहासिक विरोध रहा है। विधेयक के पीछे की वजह यह प्रस्ताव हाल ही में केंद्र सरकार द्वारा