
देशभर में लाखों वेतनभोगी करदाता इन दिनों अपने आयकर रिफंड का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन उनके रिफंड रुक गए हैं। आयकर विभाग ने कई मामलों में रिफंड की प्रक्रिया को अस्थायी रूप से रोक दिया है। इसकी मुख्य वजह फॉर्म 16 और आयकर रिटर्न में दर्शाई गई छूट के दावों में अंतर है। विभाग ने सीधे करदाताओं को ईमेल भेजकर इस बारे में जानकारी दी है और बताया है कि असामान्य रूप से अधिक रिफंड के दावों की जांच शुरू की गई है। आयकर विभाग के मुताबिक, आईटीआर में किए गए छूट के दावे और फॉर्म 16 के अनेक्सर-2

देशभर में लाखों वेतनभोगी करदाता इन दिनों अपने आयकर रिफंड का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन उनके रिफंड रुक गए हैं। आयकर विभाग ने कई मामलों में रिफंड की प्रक्रिया को अस्थायी रूप से रोक दिया है। इसकी मुख्य वजह फॉर्म 16 और आयकर रिटर्न में दर्शाई गई छूट के दावों में अंतर है। विभाग ने सीधे करदाताओं को ईमेल भेजकर इस बारे में जानकारी दी है और बताया है कि असामान्य रूप से अधिक रिफंड के दावों की जांच शुरू की गई है। आयकर विभाग के मुताबिक, आईटीआर में किए गए छूट के दावे और फॉर्म 16 के अनेक्सर-2

आयकर विभाग ने देशभर में फर्जी कर कटौती और छूट के दावों की सुविधा देने वाले एजेंटों के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। इस नेटवर्क के जरिए करदाता गलत तरीके से अपनी कर देनदारी कम करके अवैध रिफंड हासिल कर रहे थे। विभाग ने चेतावनी दी है कि ऐसे मामलों में 200 फीसदी तक जुर्माना और जेल की सजा हो सकती है। आयकर विभाग के बयान के मुताबिक, जांच में पता चला है कि कुछ बिचौलियों ने पूरे देश में एजेंटों का नेटवर्क बनाया था। ये एजेंट कमीशन के आधार पर आयकर रिटर्न दाखिल करते थे और इसमें

आयकर विभाग ने देशभर में फर्जी कर कटौती और छूट के दावों की सुविधा देने वाले एजेंटों के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। इस नेटवर्क के जरिए करदाता गलत तरीके से अपनी कर देनदारी कम करके अवैध रिफंड हासिल कर रहे थे। विभाग ने चेतावनी दी है कि ऐसे मामलों में 200 फीसदी तक जुर्माना और जेल की सजा हो सकती है। आयकर विभाग के बयान के मुताबिक, जांच में पता चला है कि कुछ बिचौलियों ने पूरे देश में एजेंटों का नेटवर्क बनाया था। ये एजेंट कमीशन के आधार पर आयकर रिटर्न दाखिल करते थे और इसमें