
सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने एक बार फिर सख्त रुख अपनाया है। नशे में वाहन चलाने वालों के खिलाफ एक विशेष अभियान शुरू किया गया है जो रात भर जारी रहेगा और सुबह पांच बजे तक चलता रहेगा। इस कार्रवाई का मुख्य मकसद सड़कों पर सुरक्षा बढ़ाना और आम नागरिकों की जान-माल की रक्षा करना है। नशे की हालत में गाड़ी चलाना न सिर्फ चालक के लिए खतरनाक है, बल्कि सड़क पर मौजूद अन्य लोगों की जिंदगी के लिए भी गंभीर खतरा बनता है। देश भर में हर साल हजारों लोग सड़क दुर्घटनाओं में अपनी जान गंवा देते हैं।

सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने एक बार फिर सख्त रुख अपनाया है। नशे में वाहन चलाने वालों के खिलाफ एक विशेष अभियान शुरू किया गया है जो रात भर जारी रहेगा और सुबह पांच बजे तक चलता रहेगा। इस कार्रवाई का मुख्य मकसद सड़कों पर सुरक्षा बढ़ाना और आम नागरिकों की जान-माल की रक्षा करना है। नशे की हालत में गाड़ी चलाना न सिर्फ चालक के लिए खतरनाक है, बल्कि सड़क पर मौजूद अन्य लोगों की जिंदगी के लिए भी गंभीर खतरा बनता है। देश भर में हर साल हजारों लोग सड़क दुर्घटनाओं में अपनी जान गंवा देते हैं।

महाराष्ट्र राज्य में ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर एक बड़ा फैसला लिया गया है। राज्य सरकार ने ऐलान किया है कि अब ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को बॉडी कैमरा दिया जाएगा और बिना इस कैमरे के कोई भी चालान नहीं काटा जा सकेगा। यह निर्णय विधान परिषद में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने घोषित किया। इस कदम से ट्रैफिक व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी और पुलिस तथा आम नागरिकों के बीच होने वाले विवादों में कमी आने की उम्मीद है। विधान परिषद में उठा सवाल विधान परिषद के सत्र के दौरान विधायक सुनील शिंदे ने एक महत्वपूर्ण मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि राज्य में ट्रैफिक

महाराष्ट्र राज्य में ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर एक बड़ा फैसला लिया गया है। राज्य सरकार ने ऐलान किया है कि अब ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को बॉडी कैमरा दिया जाएगा और बिना इस कैमरे के कोई भी चालान नहीं काटा जा सकेगा। यह निर्णय विधान परिषद में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने घोषित किया। इस कदम से ट्रैफिक व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी और पुलिस तथा आम नागरिकों के बीच होने वाले विवादों में कमी आने की उम्मीद है। विधान परिषद में उठा सवाल विधान परिषद के सत्र के दौरान विधायक सुनील शिंदे ने एक महत्वपूर्ण मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि राज्य में ट्रैफिक