
महराजगंज जिले में निर्वाचन प्रक्रिया को पारदर्शी और सुगम बनाने के लिए जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने मतदाताओं के साथ सीधा संवाद जारी रखा है। रविवार को भी बिना अवकाश लिए चौथे लगातार दिन जिलाधिकारी ने टेलीफोनिक जनसुनवाई का आयोजन किया। इस दौरान जिले की पांच विधानसभाओं से कुल 23 मतदाताओं ने अपनी समस्याएं साझा कीं। निर्वाचन आयोग द्वारा विशेष पहचान रिपोर्ट यानी एसआईआर प्रक्रिया की अंतिम तिथि को चार दिसंबर से बढ़ाकर 11 दिसंबर कर दिया गया है ताकि कोई भी पात्र मतदाता इस प्रक्रिया से वंचित न रहे। एसआईआर प्रक्रिया में मिली राहत जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने

महराजगंज जिले में निर्वाचन प्रक्रिया को पारदर्शी और सुगम बनाने के लिए जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने मतदाताओं के साथ सीधा संवाद जारी रखा है। रविवार को भी बिना अवकाश लिए चौथे लगातार दिन जिलाधिकारी ने टेलीफोनिक जनसुनवाई का आयोजन किया। इस दौरान जिले की पांच विधानसभाओं से कुल 23 मतदाताओं ने अपनी समस्याएं साझा कीं। निर्वाचन आयोग द्वारा विशेष पहचान रिपोर्ट यानी एसआईआर प्रक्रिया की अंतिम तिथि को चार दिसंबर से बढ़ाकर 11 दिसंबर कर दिया गया है ताकि कोई भी पात्र मतदाता इस प्रक्रिया से वंचित न रहे। एसआईआर प्रक्रिया में मिली राहत जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने

हमीरपुर जिले में चल रहे विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण अभियान में लापरवाही बरतने पर जिलाधिकारी घनश्याम मीना ने सख्त कार्रवाई करते हुए 17 पर्यवेक्षकों का एक दिन का वेतन रोकने का आदेश जारी किया है। यह कार्रवाई सदर विधानसभा क्षेत्र में गणना प्रपत्रों को डिजिटल करने के काम में देरी और समीक्षा बैठक से गैरहाजिर रहने के कारण की गई है। एसआईआर अभियान में धीमी रफ्तार जिले में विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण अभियान का काम लक्ष्य के मुकाबले काफी धीमी गति से चल रहा है। अब तक केवल 25.60 प्रतिशत कार्य ही डिजिटल हो पाया है। यह आंकड़ा चिंताजनक है क्योंकि निर्धारित

हमीरपुर जिले में चल रहे विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण अभियान में लापरवाही बरतने पर जिलाधिकारी घनश्याम मीना ने सख्त कार्रवाई करते हुए 17 पर्यवेक्षकों का एक दिन का वेतन रोकने का आदेश जारी किया है। यह कार्रवाई सदर विधानसभा क्षेत्र में गणना प्रपत्रों को डिजिटल करने के काम में देरी और समीक्षा बैठक से गैरहाजिर रहने के कारण की गई है। एसआईआर अभियान में धीमी रफ्तार जिले में विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण अभियान का काम लक्ष्य के मुकाबले काफी धीमी गति से चल रहा है। अब तक केवल 25.60 प्रतिशत कार्य ही डिजिटल हो पाया है। यह आंकड़ा चिंताजनक है क्योंकि निर्धारित