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Nagpur National Lok Adalat: 14 मार्च को जिले के सभी न्यायालयों में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन

Nagpur National Lok Adalat: नागपुर जिले के सभी न्यायालयों में 14 मार्च को होगा आयोजन
Nagpur National Lok Adalat: नागपुर जिले के सभी न्यायालयों में 14 मार्च को होगा आयोजन (File Photo)

Nagpur National Lok Adalat: नागपुर जिले में 14 मार्च को सभी न्यायालयों में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन राष्ट्रीय विधी सेवा समिती और महाराष्ट्र राज्य विधी सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार होगा। इसमें समझौता योग्य दीवानी, फौजदारी, मोटर दुर्घटना, वैवाहिक और बैंक वसूली मामलों का निपटारा बिना शुल्क के किया जाएगा। निर्णय अंतिम होगा।

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नागपुर में 14 मार्च को जिले के सभी न्यायालयों में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन राष्ट्रीय विधी सेवा समिती, सर्वोच्च न्यायालय और महाराष्ट्र राज्य विधी सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार किया जा रहा है। इस संबंध में प्रमुख जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा जिला विधी सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष दिनेश पी. सुराणा के मार्गदर्शन में तैयारियां पूरी की जा रही हैं।

जिला विधी सेवा प्राधिकरण, नागपुर की ओर से सभी पक्षकारों से अपील की गई है कि वे अपने लंबित मामलों और दाखिल होने से पहले के मामलों को आपसी समझौते के लिए लोक अदालत में प्रस्तुत करें। लोक अदालत के माध्यम से मामलों का सरल और शीघ्र निपटारा किया जाता है।

जिले में एक साथ होगा आयोजन

यह राष्ट्रीय लोक अदालत जिले के सभी न्यायालयों में एक ही दिन आयोजित की जाएगी। इसमें जिला न्यायालय के साथ-साथ सभी तहसील न्यायालय भी शामिल रहेंगे। इसके अलावा श्रम एवं औद्योगिक न्यायालय, पारिवारिक न्यायालय, ग्राहक विवाद निवारण मंच और अन्य संबंधित न्यायाधिकरणों में भी लोक अदालत का आयोजन होगा।

जिला विधी सेवा प्राधिकरण, नागपुर और वकील संघ के संयुक्त तत्वावधान में यह आयोजन किया जा रहा है। सभी न्यायालयों में आवश्यक व्यवस्था की जा रही है ताकि अधिक से अधिक मामलों का निपटारा किया जा सके।

किन मामलों का होगा निपटारा

लोक अदालत में ऐसे मामलों को लिया जाता है जिनमें समझौते की संभावना हो। इसमें दीवानी और फौजदारी के समझौता योग्य मामले शामिल रहेंगे। इसके अलावा मोटर दुर्घटना मुआवजा प्रकरण, भूमि अधिग्रहण से जुड़े मामले, राजस्व से संबंधित मामले और वैवाहिक विवाद भी लोक अदालत में रखे जा सकते हैं।

बैंक और अन्य वित्तीय संस्थाओं के वसूली प्रकरण भी लोक अदालत में लिए जाएंगे। इन मामलों में पक्षकार आपसी सहमति से समाधान निकाल सकते हैं। इससे लंबे समय से चल रहे विवादों का अंत संभव हो पाता है।

कोई शुल्क नहीं, निर्णय अंतिम

लोक अदालत की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि इसमें किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाता। पक्षकार बिना किसी अतिरिक्त खर्च के अपने मामलों का निपटारा कर सकते हैं। इससे आम लोगों को आर्थिक राहत मिलती है।

लोक अदालत में दिए गए निर्णय के विरुद्ध अपील नहीं की जाती। इसका अर्थ है कि एक बार समझौते के आधार पर निर्णय हो जाने के बाद मामला वहीं समाप्त हो जाता है। इससे समय की बचत होती है और न्याय प्रक्रिया सरल बनती है।

समय और धन की बचत

न्यायालयों में कई मामले वर्षों तक लंबित रहते हैं। ऐसे में लोक अदालत एक प्रभावी माध्यम के रूप में सामने आती है। यहां पक्षकार आपसी सहमति से समाधान निकालते हैं, जिससे लंबे समय तक चलने वाली प्रक्रिया से राहत मिलती है।

लोक अदालत के माध्यम से न केवल समय की बचत होती है, बल्कि धन की भी बचत होती है। वकीलों की फीस और अन्य खर्चों में कमी आती है। साथ ही, दोनों पक्षों के बीच संबंधों में भी सुधार होता है, क्योंकि समाधान सहमति से होता है।

जिला विधी सेवा प्राधिकरण ने लोगों से अपील की है कि वे इस अवसर का लाभ उठाएं। जिन लोगों के मामले न्यायालयों में लंबित हैं या जो मामले अभी दाखिल नहीं हुए हैं, वे भी लोक अदालत में समझौते के लिए आवेदन कर सकते हैं।

14 मार्च को आयोजित होने वाली यह राष्ट्रीय लोक अदालत आम लोगों को त्वरित और सुलभ न्याय देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। प्रशासन की ओर से अपेक्षा की जा रही है कि बड़ी संख्या में पक्षकार इसमें भाग लेकर अपने मामलों का समाधान करेंगे।

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Asfi Shadab

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