नामांकन के दौरान दिया गया खास संदेश
कोलकाता। जेल से रिहाई के बाद भारतीय जनता पार्टी ने बंदर विधानसभा क्षेत्र से राकेश सिंह को अपना प्रत्याशी घोषित किया है। गुरुवार को राकेश सिंह ने अपनी माँ को साथ लेकर और ईश्वर चंद्र विद्यासागर की मूर्ति की तस्वीर गोद में थामे नामांकन दाखिल किया।
नामांकन से पहले राकेश सिंह ने कहा कि जब कोलकाता में विद्यासागर की मूर्ति तोड़ी गई थी, उस वक्त वे शहर में मौजूद नहीं थे। इसके बावजूद उन पर उस घटना का आरोप लगाकर जेल भेजा गया। उनका दावा है कि उन्हें झूठे मामले में फँसाया गया।
राकेश सिंह ने कहा, “मैं उस समय कोलकाता में था ही नहीं, फिर भी मुझ पर मूर्ति तोड़ने का इल्ज़ाम लगाया गया और जेल भेजा गया। यह मेरे खिलाफ झूठा मामला था।”

विद्यासागर की तस्वीर के साथ उम्मीदवार ने रखी अपनी बात
उन्होंने बताया कि इसी प्रतीकात्मक विरोध के तहत वे आज विद्यासागर की तस्वीर लेकर नामांकन दाखिल करने आए हैं — ताकि यह संदेश दिया जा सके कि उन पर लगाए गए आरोप निराधार थे।
बंदर विधानसभा सीट पर अब राकेश सिंह की उम्मीदवारी चुनावी माहौल को और गर्म कर सकती है, क्योंकि विद्यासागर मूर्ति विवाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में पहले से ही एक संवेदनशील मुद्दा रहा है।

रिपोर्ट: एकबाल, पश्चिम बंगाल