नई योजना का मुख्य उद्देश्य
AIIMS Nagpur NCD prevention children Maharashtra MoU: मुंबई। महाराष्ट्र सरकार के सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग ने गुरुवार को मुंबई के स्वास्थ्य भवन में एम्स (AIIMS) नागपुर के साथ एक ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन एमओयू (MoU) पर हस्ताक्षर किए। यह राज्य का पहला व्यापक कार्यक्रम है जो बच्चों में असंसर्गजन्य रोगों (Non-Communicable Diseases) की रोकथाम और प्रबंधन के लिए समर्पित है। इस पहल को यूनिसेफ (UNICEF) महाराष्ट्र का रणनीतिक और तकनीकी सहयोग प्राप्त होगा।
भारत में बच्चों में मोटापा, टाइप-1 मधुमेह और अस्थमा जैसे रोगों के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। बचपन में शुरू होने वाले ये रोग दीर्घकालिक स्वास्थ्य और आर्थिक बोझ का कारण बन सकते हैं।
यह समझौता स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश आबिटकर, विधायक नाना पटोले, डॉ. निपुण विनायक (आईएएस), डॉ. कादंबरी बालकवड़े (आईएएस) तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में संपन्न हुआ।
क्या होगा इस कार्यक्रम में?
इस समझौते के तहत टाइप-1 मधुमेह, अस्थमा, मोटापा, मानसिक स्वास्थ्य, जन्मजात हृदय रोग और सिकल सेल रोग के लिए मानक उपचार प्रोटोकॉल तैयार किए गए हैं। राज्य के 10 जिला अस्पतालों में विशेष क्लीनिक शुरू किए जाएंगे। स्वास्थ्य कर्मियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा और समुदाय स्तर पर स्क्रीनिंग एवं रेफरल प्रणाली को मजबूत किया जाएगा। एम्स नागपुर इस पूरे कार्यक्रम का मुख्य केंद्र होगा और यूनिसेफ तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान करेगा।
एम्स नागपुर के कार्यकारी निदेशक डॉ. प्रशांत जोशी ने कहा, “इस समझौते से विशेषज्ञ चिकित्सा ज्ञान को सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली में प्रभावी रूप से लागू किया जा सकेगा।”
यूनिसेफ के संजय सिंह ने इस पहल को सफल बनाने के लिए सभी संबंधित संस्थाओं के आपसी समन्वय पर जोर दिया।
अब सभी की नजर इस बात पर होगी कि 10 जिला अस्पतालों में विशेष क्लीनिक कब तक शुरू होते हैं और इस मॉडल को राज्यभर में कैसे विस्तार दिया जाता है।
रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र