Eternal और Wipro के शेयरों में हल्की बढ़त, Q2 रिजल्ट से पहले निवेशकों में उत्सुकता

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नई दिल्ली। आईटी दिग्गज विप्रो (Wipro) और ऑनलाइन डिलीवरी कंपनी ईटर्नल (Eternal) के शेयरों में मंगलवार को हल्की बढ़त दर्ज की गई। निवेशकों की निगाहें दोनों कंपनियों के दूसरे तिमाही (Q2) के नतीजों पर टिकी हैं, जिनकी घोषणा जल्द होने वाली है। सुबह के कारोबार में दोनों कंपनियों के शेयर 0.7% तक ऊपर रहे।
ईटर्नल: क्विक कॉमर्स यूनिट से सुधार की उम्मीद
ज़ोमैटो (Zomato) की पैरेंट कंपनी ईटर्नल से इस तिमाही में मुनाफे की दिशा में हल्की प्रगति की उम्मीद जताई जा रही है। पिछले एक वर्ष से कंपनी की क्विक कॉमर्स यूनिट — ब्लिंकिट (Blinkit) — को लागत में तेजी और विस्तार के कारण नुकसान झेलना पड़ रहा था, लेकिन अब विश्लेषकों का मानना है कि नुकसान सीमित हो सकता है।
आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज और एलेरा कैपिटल के अनुसार, ब्लिंकिट का एडजस्टेड कोर लॉस जो पिछली तिमाही में ₹162 करोड़ था, वह घटकर लगभग ₹100 करोड़ रह सकता है। इसका मुख्य कारण है बढ़ता स्टोर नेटवर्क, जिससे प्रति ऑर्डर लागत कम हुई है।
ईटर्नल के मार्जिन्स में सुधार की संभावना
विश्लेषकों के मुताबिक, ब्लिंकिट की एडजस्टेड EBITDA मार्जिन लॉस 1.4% से घटकर 0.6%-0.7% तक रह सकती है। कंपनी की यह रणनीति कि ‘तेजी से डिलीवरी के साथ लागत पर नियंत्रण’, इस तिमाही में असर दिखा सकती है।
16 अक्टूबर को सुबह 11:40 बजे ईटर्नल के शेयर ₹356.8 प्रति शेयर पर कारोबार कर रहे थे, जो पिछले दिन के मुकाबले 0.7% की बढ़त है।
विप्रो: आईटी सेक्टर में उम्मीद और चुनौती दोनों
आईटी सेवा क्षेत्र की दिग्गज कंपनी विप्रो (Wipro) से विश्लेषकों को दूसरी तिमाही में 1.7% सालाना (YoY) राजस्व वृद्धि की उम्मीद है। एलएसईजी (LSEG) के डाटा के अनुसार, कंपनी का समेकित राजस्व लगभग ₹22,690 करोड़ रह सकता है।
ब्रोकरेज हाउस मोतीलाल ओसवाल ने कहा है कि विप्रो की कॉनस्टेंट करेंसी ग्रोथ 0-3% के बीच रह सकती है, जिसका श्रेय हरमन (Harman) अधिग्रहण को जाता है। हालांकि, ऑर्गेनिक ग्रोथ फिलहाल स्थिर बनी रह सकती है।
मार्जिन्स पर दबाव लेकिन H2 में उम्मीदें मजबूत
ब्रोकरेज रिपोर्ट्स के मुताबिक, विप्रो का ऑपरेटिंग मार्जिन लगभग 16.3% पर सीमित रह सकता है। लेकिन, डील क्लोजर और प्रोजेक्ट रैंप-अप्स के चलते वित्त वर्ष की दूसरी छमाही (H2) में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद जताई जा रही है।
सिटी रिसर्च (Citi Research) का कहना है कि FY26 आईटी सेक्टर के लिए लगातार तीसरा धीमा वर्ष साबित हो सकता है। वहीं, एम्बिट कैपिटल ने चेतावनी दी है कि कमजोर वैश्विक परिस्थितियां और नीतिगत अनिश्चितता FY27 की रिकवरी पर असर डाल सकती हैं।
सेक्टर की बड़ी तस्वीर
इस महीने की शुरुआत में विप्रो की प्रतिद्वंद्वी कंपनियाँ टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) और एचसीएलटेक (HCLTech) ने उम्मीद से बेहतर राजस्व नतीजे दर्ज किए थे। दोनों ने यह भी कहा कि चालू वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में मांग का माहौल पहली छमाही की तुलना में बेहतर रहेगा।
16 अक्टूबर को दोपहर 11:45 बजे तक विप्रो के शेयर ₹252 प्रति शेयर पर 0.7% की बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे।
बाज़ार विशेषज्ञों की राय
विश्लेषकों का मानना है कि दोनों कंपनियों के Q2 नतीजे निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण संकेत देंगे। जहां ईटर्नल की नज़र मुनाफे की दिशा में स्थायित्व पर है, वहीं विप्रो आने वाले महीनों में डील क्लोजर और ग्लोबल आईटी डिमांड पर दांव लगा रही है।
बाज़ार में यह धारणा है कि अगर इन कंपनियों के नतीजे उम्मीद से बेहतर आते हैं, तो आईटी सेक्टर में फिर से भरोसा लौट सकता है — जिससे निवेशकों की दिलचस्पी में इज़ाफ़ा देखने को मिलेगा।
निष्कर्ष:
विप्रो और ईटर्नल दोनों के शेयरों की हल्की बढ़त यह संकेत देती है कि निवेशकों को Q2 नतीजों से सकारात्मक उम्मीदें हैं। आईटी सेक्टर के लिए यह तिमाही केवल प्रदर्शन नहीं, बल्कि रणनीतिक स्थिरता की परीक्षा भी होगी।

