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महंगाई की मार! अब महंगी हुई ब्रेड, रोज के नाश्ते का बढ़ा खर्च; जानिए ताजा भाव

महंगाई की मार! अब महंगी हुई ब्रेड, रोज के नाश्ते का बढ़ा खर्च; जानिए ताजा भाव
महंगाई की मार! अब महंगी हुई ब्रेड, रोज के नाश्ते का बढ़ा खर्च; जानिए ताजा भाव

सोना, पेट्रोल और दूध के बाद अब आम लोगों के नाश्ते पर भी महंगाई की मार पड़ गई है। मुंबई में ब्रेड और पाव की कीमतें अचानक बढ़ा दी गई हैं। रोज इस्तेमाल होने वाली कई ब्रेड अब पहले से महंगी मिलेंगी। आखिर कौन-कौन सी ब्रेड कितनी महंगी हुई, यहां देखें पूरी नई रेट लिस्ट।

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Dipali Kumari
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Bread Price Hike: सोना-चांदी और पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों से परेशान आम लोगों को अब एक और बड़ा झटका लगा है। मुंबई और आसपास के इलाकों में ब्रेड और पाव की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी गई है। कई बड़ी कंपनियों ने 16 मई से नए रेट लागू भी कर दिए हैं। इसका सीधा असर उन लाखों लोगों पर पड़ेगा, जिनके दिन की शुरुआत चाय और ब्रेड से होती है।

मुंबई जैसे शहर में बड़ी संख्या में छात्र, नौकरीपेशा लोग और मजदूर सुबह जल्दी काम पर निकलते हैं। ऐसे में ब्रेड उनके लिए सबसे आसान और सस्ता नाश्ता माना जाता है। लेकिन अब वही ब्रेड लोगों की जेब पर भारी पड़ने लगी है।

जानिए ब्रेड की नयी कीमत

ब्रेड की बढ़ी कीमतों ने अब आम लोगों के रोजमर्रा के खर्च को और बढ़ा दिया है। नई कीमतों के मुताबिक 400 ग्राम सैंडविच ब्रेड अब ₹35 की जगह ₹40 में मिलेगी। ब्राउन ब्रेड ₹45 से बढ़कर ₹50, होल व्हीट ब्रेड ₹55 से बढ़कर ₹60 और मल्टिग्रेन ब्रेड ₹60 से बढ़कर ₹65 हो गई है। वहीं स्मॉल ब्राउन लोफ ₹28 से ₹30 और व्हाइट लोफ ₹20 से बढ़कर ₹22 में बिकेगा। कंपनियों ने 16 मई से ये नए रेट लागू कर दिए हैं, जिसका सीधा असर आम लोगों की रसोई के बजट पर पड़ने वाला है।

ब्रेड की वैरायटीपुरानी कीमतनई कीमत
सैंडविच ब्रेड₹35₹40
ब्राउन ब्रेड₹45₹50
होल व्हीट ब्रेड₹55₹60
मल्टिग्रेन ब्रेड₹60₹65
स्मॉल ब्राउन लोफ₹28₹30
व्हाइट लोफ₹20₹22

क्यों  बढ़ें ब्रेड के दाम ?

बेकरी मालिकों के मुताबिक, कीमत बढ़ाने का फैसला मजबूरी में लेना पड़ा। उनका कहना है कि ब्रेड बनाने और सप्लाई करने की लागत लगातार बढ़ रही है। सबसे बड़ा असर पैकेजिंग पर पड़ा है। ब्रेड पैक करने में इस्तेमाल होने वाला प्लास्टिक का कच्चा माल विदेशों से आता है और डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी की वजह से इसका खर्च काफी बढ़ गया है।

ट्रांसपोर्ट का खर्च भी बढ़ा

इसके अलावा हाल ही में पेट्रोलट्रांसपोर्ट का खर्च भी बढ़ और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी से ट्रांसपोर्ट का खर्च भी बढ़ गया है। अब फैक्ट्री से दुकानों तक ब्रेड पहुंचाना पहले से ज्यादा महंगा हो गया है। वहीं प्रिजर्वेटिव्स और दूध की कीमत बढ़ने से भी बेकरी कंपनियों की लागत में इजाफा हुआ है।

आम लोगों की बढ़ी परेशनी

नई कीमतों के बाद अब सैंडविच ब्रेड, ब्राउन ब्रेड, होल व्हीट और मल्टिग्रेन ब्रेड जैसी रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाली चीजें महंगी हो गई हैं। छोटे दुकानदारों का कहना है कि ग्राहक अब पहले की तुलना में कम मात्रा में सामान खरीद रहे हैं।

लगातार बढ़ती महंगाई के बीच ब्रेड जैसी जरूरी खाने की चीज का महंगा होना आम लोगों की चिंता और बढ़ा रहा है। लोगों को डर है कि अगर इसी तरह रोजमर्रा की चीजों के दाम बढ़ते रहे, तो आने वाले दिनों में घर का बजट संभालना और मुश्किल हो जाएगा।

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Dipali Kumari

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दीपाली कुमारी सक्रिय पत्रकार और हिंदी कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में तीन वर्षों का अनुभव है। उन्होंने रांची के गोस्सनर कॉलेज से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। सामाजिक सरोकारों, जन-जागरूकता और जमीनी मुद्दों पर तथ्यपरक एवं संवेदनशील लेखन उनकी प्रमुख पहचान है। आम लोगों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाना और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत करना उनकी पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य है। अनुभव : पिछले तीन वर्षों से वे सक्रिय पत्रकारिता और डिजिटल कंटेंट लेखन से जुड़ी हुई हैं। इस दौरान उन्होंने सामाजिक मुद्दों, जनहित विषयों और स्थानीय समस्याओं पर लगातार लेखन किया है। उनकी रिपोर्टिंग और लेखन शैली जमीनी समझ, स्पष्ट प्रस्तुति और पाठक-केंद्रित दृष्टिकोण को दर्शाती है। वर्तमान फोकस : वे समाज, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, जन-जागरूकता और सामाजिक बदलाव से जुड़े विषयों पर लेखन करती हैं। उनकी प्राथमिकता ऐसी खबरें और लेख तैयार करना है, जो आम लोगों से सीधे जुड़ाव बनाएं और सकारात्मक सामाजिक प्रभाव उत्पन्न करें। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • सामाजिक मुद्दों पर लेखन : जनहित, सामाजिक बदलाव और आम लोगों से जुड़े विषयों पर संवेदनशील और प्रभावशाली रिपोर्टिंग। • जमीनी रिपोर्टिंग : स्थानीय समस्याओं और वास्तविक परिस्थितियों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। • जन-जागरूकता आधारित कंटेंट : शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता से जुड़े विषयों पर जानकारीपूर्ण लेखन। • हिंदी कंटेंट निर्माण : पाठकों के लिए सहज, विश्वसनीय और प्रभावी हिंदी कंटेंट तैयार करने में विशेषज्ञता। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : जमीनी मुद्दों की गहरी समझ, निष्पक्ष दृष्टिकोण और समाज-केंद्रित लेखन शैली ने दीपाली कुमारी को एक संवेदनशील और भरोसेमंद हिंदी पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। जनहित से जुड़े विषयों पर उनकी निरंतर सक्रियता और तथ्यपरक लेखन उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाते हैं।