Maharashtra Cabinet Decisions 2026: महाराष्ट्र कैबिनेट के बड़े फैसले, पंढरपुर के लिए 3,993 करोड़ की योजना

Maharashtra Cabinet : महाराष्ट्र कैबिनेट ने मंगलवार को कई बड़े फैसलों पर मुहर लगाई। जयकवाड़ी परियोजना के लिए 6,477.88 करोड़ रुपये, पंढरपुर विकास के लिए विशेष पुनर्वास नीति और गढ़चिरौली में खेल सुविधाओं के लिए 80.12 करोड़ रुपये मंजूर किए गए। पुणे को 2032 की विश्व साइकिल चैंपियनशिप की मेजबानी के लिए दावेदारी की भी मंजूरी मिली।
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सिंचाई पर 6,477 करोड़ और पुणे को विश्व साइकिल चैंपियनशिप की तैयारी
Maharashtra Cabinet Decisions 2026: महाराष्ट्र सरकार ने मंगलवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में विकास और जनहित से जुड़े कई बड़े फैसले लिए। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई बैठक में पंढरपुर पुनर्वास नीति, जयकवाड़ी सिंचाई परियोजना, खेल सुविधाओं, खनन व्यवस्था, सरकारी विभागों के पुनर्गठन और किसानों से जुड़े मामलों को मंजूरी दी गई। इन फैसलों में सबसे बड़ी रकम जयकवाड़ी परियोजना के दूसरे चरण के लिए 6,477.88 करोड़ रुपये की है। वहीं पंढरपुर में मंदिर और आसपास के विकास कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए विशेष पुनर्वास नीति को मंजूरी दी गई है।
पंढरपुर के लिए विशेष पुनर्वास नीति
महाराष्ट्र के धार्मिक शहर पंढरपुर के विकास को गति देने के लिए सरकार ने विशेष पुनर्वास नीति को मंजूरी दी है। पंढरपुर में श्री विट्ठल-रुक्मिणी मंदिर परिसर और वाणिज्यिक परिसर से जुड़े करीब 3,993.90 करोड़ रुपये के विकास कार्य प्रस्तावित हैं। इन परियोजनाओं से जिन लोगों पर असर पड़ेगा, उनके पुनर्वास के लिए अलग व्यवस्था की गई है। सरकार ने यह नीति पंढरपुर की धार्मिक और पारंपरिक अहमियत, यहां आने वाले वारकरी श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या और स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखकर बनाई है। सरकार का उद्देश्य है कि पंढरपुर का विकास भी हो और परियोजनाओं से प्रभावित लोगों को उचित पुनर्वास और सहायता भी मिले।
जयकवाड़ी परियोजना के लिए 6,477 करोड़ रुपये
मंत्रिमंडल ने जयकवाड़ी परियोजना के दूसरे चरण के लिए 6,477.88 करोड़ रुपये के वित्तीय प्रावधान को मंजूरी दी है। इससे गोदावरी घाटी में सिंदफणा नदी पर बन रहे माजलगांव बांध से जुड़े काम को गति मिलने की उम्मीद है। इस परियोजना का सबसे बड़ा फायदा खेती को होगा। सरकार के अनुसार, परियोजना से छत्रपति संभाजीनगर, अहिल्यानगर, बीड, परभणी और नांदेड जिलों में करीब 1,31,652 हेक्टेयर जमीन की सिंचाई हो सकेगी। इसके अलावा औद्योगिक क्षेत्रों को पानी, मछली पालन और बिजली उत्पादन में भी मदद मिलेगी। अगर परियोजना समय पर आगे बढ़ती है तो मराठवाड़ा के कई इलाकों में किसानों को सिंचाई के लिए पानी की बेहतर सुविधा मिल सकती है।
पुणे में 2032 की विश्व साइकिल चैंपियनशिप की तैयारी
महाराष्ट्र सरकार ने पुणे में 2032 की यूसीआई रोड वर्ल्ड चैंपियनशिप आयोजित करने के लिए बोली लगाने को भी मंजूरी दी है। सरकार ने अंतरराष्ट्रीय साइकिलिंग संस्था यूसीआई को समर्थन पत्र भेजने और करीब 36.5 लाख रुपये की बोली फीस देने की मंजूरी दी है। अगर पुणे को मेजबानी मिलती है तो यह एशिया में इस प्रतियोगिता की पहली मेजबानी हो सकती है। हालांकि, अभी पुणे को मेजबानी मिली नहीं है। महाराष्ट्र सरकार ने इसके लिए अपनी दावेदारी पेश करने की प्रक्रिया शुरू की है। अंतिम फैसला यूसीआई की ओर से होना है। सरकार के मुताबिक, प्रतियोगिता सफल होने पर महाराष्ट्र को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने के साथ करीब 330 करोड़ रुपये से अधिक का आर्थिक लाभ होने की संभावना है। होटल, परिवहन, पर्यटन, खेल और छोटे कारोबारों को भी इसका फायदा मिल सकता है।
गढ़चिरौली में खेल सुविधाओं को बढ़ावा
गढ़चिरौली में जिला खेल परिसर के दूसरे चरण के तहत अलग-अलग खेल सुविधाएं विकसित करने का फैसला लिया गया है। इसके लिए करीब 80 करोड़ 12 लाख रुपये का बजट मंजूर किया गया है। इससे खिलाड़ियों को अभ्यास और प्रतियोगिताओं के लिए बेहतर सुविधाएं मिलने की उम्मीद है। खासकर ग्रामीण और आदिवासी इलाकों के खिलाड़ियों को अगर स्थानीय स्तर पर अच्छी सुविधाएं मिलती हैं तो उन्हें आगे बढ़ने का बेहतर मौका मिल सकता है।
सोलापुर में शैक्षणिक गतिविधियों के लिए जमीन
सोलापुर शहर में श्री जंबुमणि मोची समाज सेवा मंडल को शैक्षणिक गतिविधियों के लिए जमीन देने की मंजूरी दी गई है। सदर बाजार क्षेत्र में शिक्षा के लिए आरक्षित करीब 3,910 वर्ग मीटर जमीन इस संस्था की शैक्षणिक गतिविधियों के लिए उपलब्ध कराई जाएगी। सरकार का उद्देश्य शिक्षा से जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा देना है।
पुणे में आदिवासी समुदाय के लिए विशेष केंद्र
पुणे जिले के मौजे मोशी में करीब 15 हेक्टेयर सरकारी जमीन क्रांतिवीर चापेकर समिति, क्रांतितीर्थ चाफेकर बंधु राष्ट्रीय संग्रहालय और पुनरुद्धार समरसता गुरुकुलम सहायता प्राप्त आदिवासी आश्रम विद्यालय को देने की मंजूरी दी गई है। यहां पिछड़े और वंचित आदिवासी समुदाय के समग्र विकास के लिए विशेष केंद्र विकसित करने की योजना है। इसका उद्देश्य केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि आदिवासी समुदाय के सामाजिक और आर्थिक विकास को भी बढ़ावा देना है।
अवैध खनन पर नजर रखने के लिए नया सिस्टम
मंत्रिमंडल ने महाराष्ट्र लघु खनिज खनन नियम, 2013 में संशोधन को भी मंजूरी दी है। अब खनन क्षेत्र, खनिज भंडारण और उनके परिवहन से जुड़ी जानकारी महाखनिज 2.0 पोर्टल पर उपलब्ध कराई जाएगी। सरकार को उम्मीद है कि इससे यह पता लगाना आसान होगा कि खनिज कहां से निकाला गया, कहां रखा गया और कहां भेजा जा रहा है। दूसरे राज्यों से महाराष्ट्र में आने वाले लघु खनिजों के परिवहन के लिए परिवहन लाइसेंस अनिवार्य करने का भी फैसला लिया गया है। इससे अवैध खनन और बिना अनुमति खनिजों के परिवहन पर नियंत्रण मजबूत हो सकता है।
वित्त और योजना विभाग का होगा पुनर्गठन
सरकार ने वित्त विभाग और योजना विभाग के पुनर्गठन का भी फैसला लिया है। बजट से जुड़े विषय और योजना विभाग के कुछ पद वित्त विभाग को हस्तांतरित किए जाएंगे। सरकार का कहना है कि इससे दोनों विभागों के कामकाज में बेहतर तालमेल और कार्यक्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी।
धान और मोटे अनाज के परिवहन के लिए 328 करोड़
Maharashtra Cabinet Decisions 2026: सरकार ने 2024-25 के मौसम में खरीदे गए धान और मोटे अनाज के परिवहन खर्च के लिए 328.47 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की है। इससे खरीदे गए अनाज को गोदामों तक पहुंचाने और आगे वितरण की प्रक्रिया को गति देने में मदद मिलने की उम्मीद है।
महाराष्ट्र सरकार के फैसलों का असर खेती, पानी, शिक्षा, खेल, धार्मिक पर्यटन, उद्योग और प्रशासन-कई क्षेत्रों पर पड़ सकता है। खासकर जयकवाड़ी परियोजना और पंढरपुर विकास योजना से बड़ी संख्या में लोगों को सीधे या अप्रत्यक्ष रूप से फायदा मिलने की उम्मीद है।

