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नागपुर में माफसू के कुलपति पद की अतिरिक्त जिम्मेदारी डॉ. मनाली क्षीरसागर को

नागपुर में माफसू के कुलपति पद की अतिरिक्त जिम्मेदारी डॉ. मनाली क्षीरसागर को
MAFSU Vice Chancellor Manali Kshirsagar additional charge: नागपुर में माफसू के कुलपति पद की अतिरिक्त जिम्मेदारी डॉ. मनाली क्षीरसागर को (Photo: RB / Jassi)

माफसू कुलपति मनाली क्षीरसागर को अतिरिक्त प्रभार: नागपुर के महाराष्ट्र पशु एवं मत्स्य विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. नितीन पाटील का कार्यकाल 27 सितंबर 2026 को समाप्त होगा। इसके बाद नागपुर विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. मनाली क्षीरसागर 28 सितंबर से माफसू के कार्यवाहक कुलपति का अतिरिक्त प्रभार संभालेंगी। यह जिम्मेदारी अगले आदेश तक रहेगी। उनके सामने विश्वविद्यालय के प्रशासन और लंबित कार्यों को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी होगी।

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Asfi Shadab
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माफसू के कुलपति पद की अतिरिक्त जिम्मेदारी डॉ. मनाली क्षीरसागर को

माफसू कुलपति मनाली क्षीरसागर को अतिरिक्त प्रभार: नागपुर। महाराष्ट्र पशु एवं मत्स्य विज्ञान विश्वविद्यालय (माफसू) के कुलपति पद को लेकर महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय लिया गया है। वर्तमान कुलपति डॉ. नितीन पाटील का कार्यकाल 27 सितंबर 2026 को समाप्त हो रहा है। इसके बाद राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. मनाली एम. क्षीरसागर को माफसू के कुलपति पद का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। यह जिम्मेदारी 28 सितंबर 2026 से अगले आदेश तक रहेगी।

महाराष्ट्र के राज्यपाल तथा माफसू के कुलाधिपति जिष्णु देव वर्मा ने 24 सितंबर को आदेश जारी कर यह निर्णय लिया। महाराष्ट्र पशु एवं मत्स्य विज्ञान विश्वविद्यालय अधिनियम, 1998 की धारा 16(8) के तहत प्राप्त अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए डॉ. क्षीरसागर को कार्यवाहक कुलपति नियुक्त किया गया है।

डॉ. क्षीरसागर वर्तमान में नागपुर विश्वविद्यालय की कुलपति हैं। अब उन्हें एक साथ दो विश्वविद्यालयों की प्रशासनिक जिम्मेदारी संभालनी होगी। माफसू में पशु चिकित्सा शिक्षा, पशुपालन, मत्स्य विज्ञान, अनुसंधान, विस्तार शिक्षा और किसानों-पशुपालकों से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्य होते हैं, जिनमें प्रशासनिक निरंतरता बनाए रखना उनके सामने प्रमुख चुनौती होगी।

28 सितंबर से संभालेंगी कार्यवाहक कुलपति का प्रभार

कुलपति बदलने के बावजूद विश्वविद्यालय के सामने विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों से जुड़े मुद्दे, रिक्त पद, नियुक्तियां, पदोन्नति, शोध परियोजनाएं और शैक्षणिक सुविधाएं जैसे विषय बने रहेंगे। कार्यवाहक कुलपति से इन लंबित मामलों को गति देने की अपेक्षा है।

माफसू ने स्थापना के 25 वर्ष पूरे किए हैं। ऐसे में पशुधन, दुग्ध व्यवसाय, मत्स्य व्यवसाय और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए अनुसंधान व तकनीक के माध्यम से विश्वविद्यालय से प्रभावी योगदान की अपेक्षा भी बनी हुई है।

आगे क्या: 28 सितंबर से डॉ. क्षीरसागर माफसू की कार्यवाहक कुलपति की जिम्मेदारी संभालेंगी, और विश्वविद्यालय के विद्यार्थी, शिक्षक व कर्मचारी प्रशासनिक स्थिरता, पारदर्शिता तथा लंबित कार्यों में तेजी की अपेक्षा कर रहे हैं।


रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र

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