नागपुर में सूखे जैसी स्थिति को देखते हुए अधिकारियों के मुख्यालय छोड़ने पर रोक

नागपुर में सूखे के कारण अधिकारियों के मुख्यालय छोड़ने पर रोक: नागपुर जिले सहित महाराष्ट्र में सूखे जैसी स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी कुमार आशीर्वाद ने अधिकारियों को मुख्यालय में उपस्थित रहने के निर्देश दिए हैं। सूखा राहत, फसल निरीक्षण, ऋण पुनर्गठन और किसान सहायता को प्राथमिकता दी जाएगी। बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ने और अवकाश लेने पर रोक रहेगी। नियम तोड़ने वाले अधिकारियों के खिलाफ सेवा नियमों और आपदा प्रबंधन कानून के तहत कार्रवाई हो सकती है।
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सूखे की स्थिति में अधिकारियों की मौजूदगी जरूरी
नागपुर में सूखे के कारण अधिकारियों के मुख्यालय छोड़ने पर रोक: नागपुर जिले सहित महाराष्ट्र में सूखे जैसी स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष कुमार आशीर्वाद ने अधिकारियों के मुख्यालय छोड़ने पर रोक लगाते हुए आदेश जारी किए हैं।
आदेश के मुताबिक राजस्व, कृषि, ग्राम विकास, नगर विकास, भूमि अभिलेख, महावितरण, पशुसंवर्धन, जलसंपदा और जलसंधारण विभाग के अधिकारियों को विशेष रूप से सतर्क रहने को कहा गया है। जिले में इन विभागों के जिला एवं तहसील स्तर के सभी अधिकारियों को मुख्यालय में पूर्ण समय उपस्थित रहना होगा। पूर्व अनुमति के बिना मुख्यालय छोड़ने पर रोक रहेगी।
राज्य सरकार सूखे जैसी परिस्थितियों में किसानों के लिए कर्जमाफी, बीज व खाद वितरण और फसल ऋण पुनर्गठन जैसी राहत योजनाएं लागू कर रही है। प्रशासनिक व्यवस्था को गतिशील बनाए रखने के लिए आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के प्रावधान लागू किए गए हैं।
बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ने पर रोक
सूखा आपातकाल समाप्त होने तक किसी भी अधिकारी का अवकाश जिलाधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना मंजूर नहीं होगा। केवल अत्यावश्यक स्वयं की चिकित्सा संबंधी छुट्टी को इससे छूट दी गई है। अधिकारी अपने स्तर पर या विभागीय प्रमुख से अवकाश मंजूर कराकर मुख्यालय से अनुपस्थित नहीं रह सकेंगे।
बिना अनुमति अवकाश लेने, छुट्टी बढ़ाने या मुख्यालय से अनुपस्थित पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ महाराष्ट्र नागरी सेवा (अनुशासन एवं अपील) नियम, 1979 के तहत कार्रवाई होगी। आपदा प्रबंधन अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत दंडात्मक एवं आपराधिक कार्रवाई भी हो सकती है।
जिलाधिकारी कुमार आशीर्वाद ने अधिकारियों को सूखा प्रभावित किसानों और ग्रामीणों की समस्याएं संवेदनशीलता से सुनकर उनका तत्काल निवारण करने के निर्देश दिए हैं।
आगे यह देखना अहम होगा कि सूखा राहत कार्यों में तेजी लाने के लिए प्रशासन आगे क्या और कदम उठाता है।
रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र

