नागपुर में गणपति विसर्जन शुरू, ढोल-ताशों के साथ बप्पा को दी विदाई

नागपुर में गणपति विसर्जन शुरू: नागपुर में 12 दिनों तक चले गणेशोत्सव के बाद शुक्रवार से गणपति विसर्जन शुरू हो गया। श्रद्धालुओं ने ढोल-ताशों, बैंड-बाजे और गुलाल के साथ बप्पा को विदाई दी। घरों और सार्वजनिक मंडलों की प्रतिमाओं का निर्धारित स्थलों पर विसर्जन किया जा रहा है। प्रशासन ने सुरक्षा, यातायात, प्रकाश, स्वच्छता और कृत्रिम विसर्जन तालाबों की व्यवस्था की है।
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नागपुर में गणपति विसर्जन का दौर शुरू
नागपुर में गणपति विसर्जन शुरू: नागपुर, 25 सितंबर। महाराष्ट्र में 12 दिनों तक गणपति बप्पा की आराधना के बाद शुक्रवार से नागपुर में गणपति विसर्जन का दौर शुरू हो गया। शहर के विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं ने ढोल-ताशों, बैंड-बाजे और गुलाल के बीच बप्पा को भावपूर्ण विदाई दी। “गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ” के जयघोष से पूरा शहर भक्तिमय हो उठा।
घरों में स्थापित प्रतिमाओं के साथ-साथ सार्वजनिक गणेश मंडलों की प्रतिमाओं का भी विधि-विधान से विसर्जन किया जा रहा है। कई जगह श्रद्धालु ढोल-ताशों की थाप पर नाचते और गुलाल उड़ाते हुए जुलूस में शामिल हुए। महिलाओं, बच्चों और युवाओं में भी खासा उत्साह देखा गया। हालांकि श्रद्धालुओं ने पर्यावरण और सुरक्षा का ध्यान रखते हुए प्रशासन द्वारा तय किए गए विसर्जन स्थलों का ही उपयोग किया।
ढोल-ताशों के साथ श्रद्धालुओं ने बप्पा को दी विदाई
नागपुर महानगरपालिका, पुलिस प्रशासन और अन्य संबंधित विभागों ने विसर्जन के लिए व्यापक व्यवस्था की है। शहर में जगह-जगह कृत्रिम विसर्जन तालाब बनाए गए हैं। सुरक्षा, यातायात नियंत्रण, प्रकाश व्यवस्था और स्वच्छता के विशेष इंतजाम किए गए हैं। भीड़ को देखते हुए पुलिस बंदोबस्त बढ़ाया गया है और प्रमुख मार्गों पर जरूरत के अनुसार यातायात में बदलाव किया जा रहा है। प्रशासन ने नागरिकों से शांतिपूर्ण ढंग से और निर्धारित स्थानों पर ही विसर्जन करने की अपील की है।
गणपति विसर्जन के साथ ही शहर में 12 दिनों से चल रहे गणेशोत्सव का समापन हो रहा है। श्रद्धालु नम आंखों से बप्पा को विदाई देते हुए अगले वर्ष फिर से उनके आगमन की कामना कर रहे हैं।
रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र

