सड़क पर मिट्टी-मलबे का ढेर बना हादसे की वजह, नागपुर-काटोल रोड पर कई बार पलटी कार

नागपुर-काटोल मार्ग पर घोराड गांव के पास मिट्टी और मलबे के ढेर से टकराकर कार दो से तीन बार पलट गई। हादसे के बाद निर्माण क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे।
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मलबे के ढेर ने बढ़ाई वाहन चालकों की परेशानी
नागपुर-काटोल मार्ग पर शुक्रवार रात एक कार हादसे का शिकार हो गई। घोराड गांव के पास देवानी फार्म्स के नजदीक निर्माणाधीन फ्लाईओवर के क्षेत्र में सड़क पर पड़े मिट्टी और मलबे के ढेर से टकराने के बाद कार दो से तीन बार पलट गई। हादसे में वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। कार में सवार अरनव कावडकर के मुताबिक वे लोग फोरलेन मार्ग से नागपुर की ओर जा रहे थे। देवानी फार्म्स के पास फ्लाईओवर का काम चल रहा है। इसी दौरान अचानक सड़क पर मिट्टी और मलबे का बड़ा ढेर सामने आ गया। चालक को वाहन संभालने का पर्याप्त समय नहीं मिला और कार सीधे मलबे के ढेर से जा टकराई। टक्कर के बाद कार नियंत्रण से बाहर हो गई और दो से तीन बार पलटते हुए सड़क के बाईं ओर जा गिरी। हादसे के बाद कार की हालत बेहद खराब हो गई। वाहन के आगे और पीछे के हिस्से के साथ बॉडी को भी काफी नुकसान पहुंचा।
बैरिकेडिंग न होने का आरोप
अरनव के मुताबिक इस मार्ग पर फ्लाईओवर का निर्माण कार्य अभी जारी है। निर्माण कार्य के कारण सड़क के पास बड़ी मात्रा में मिट्टी और मलबा जमा था। उनका आरोप है कि हादसे वाले स्थान पर वाहन चालकों को सावधान करने के लिए पर्याप्त बैरिकेडिंग, चेतावनी संकेतक अथवा रात में दिखाई देने वाले ग्लो साइन नहीं लगाए गए थे। अचानक सामने आए मिट्टी के ढेर की वजह से कार उस पर चढ़ गई और नियंत्रण खोने के बाद पलट गई। हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने दुर्घटनाग्रस्त कार की स्थिति देखी। कार का अगला और पिछला हिस्सा समेत बॉडी का बड़ा हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
स्थानीय स्तर पर निर्माणाधीन सड़क पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। वाहन चालकों का कहना है कि निर्माण क्षेत्र में बैरिकेडिंग रिफ्लेक्टर और पर्याप्त चेतावनी संकेत लगाए जाना जरूरी है, ताकि रात के समय ऐसे हादसों को रोका जा सके।
रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र
एडिट: शिंकी सिंह

