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Bihar Assembly Election में प्रत्याशियों की आपराधिक कुंडली की जांच में जुटी झारखंड पुलिस, सत्येंद्र साह के बाद अब अन्य उम्मीदवारों पर नजर

Bihar Assembly Election में प्रत्याशियों की आपराधिक कुंडली की जांच में जुटी झारखंड पुलिस, सत्येंद्र साह के बाद अब अन्य उम्मीदवारों पर नजर
Bihar Election Candidates Criminal Record - झारखंड पुलिस की सतर्कता, चुनाव में निष्पक्षता सुनिश्चित (FIle Photo)
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Asfi Shadab
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चुनावी तैयारी में कड़ी नजर

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की तैयारियों के बीच, झारखंड पुलिस ने अपने पड़ोसी राज्य में सक्रिय अपराधियों की जानकारी जुटाने का कार्य तेज कर दिया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि चुनावी प्रक्रिया में किसी भी अपराधी का प्रवेश न हो और निर्वाचन निष्पक्ष रूप से संपन्न हो।

राज्य ब्यूरो, रांची के अनुसार, झारखंड पुलिस ने विशेष रूप से उन उम्मीदवारों पर ध्यान केंद्रित किया है जिनके खिलाफ पुराने और गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। गढ़वा जिले में हुए डकैती कांड के फरार अभियुक्त और राजद के सासाराम विधानसभा क्षेत्र से प्रत्याशी सत्येंद्र साह को गिरफ्तार कर इस अभियान की शुरुआत की गई।

सत्येंद्र साह की गिरफ्तारी का मामला

सत्येंद्र साह ने महागठबंधन के प्रतिनिधि के रूप में अपना नामांकन पत्र दाखिल किया था। नामांकन के ठीक बाद झारखंड पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। यह गिरफ्तारी 21 वर्ष पुराने अपराध के मामले में हुई।

झारखंड पुलिस के आईजी अभियान, डॉ. माइकल राज एस., ने बिहार की सीमा से सटे जिलों के पुलिस अधीक्षकों को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि बिहार में सक्रिय झारखंड के वारंटियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए और जेल भेजा जाए। इसके तहत पुलिस ने उम्मीदवारों के आपराधिक रिकॉर्ड की पूरी जाँच शुरू की।

प्रत्याशियों के हलफनामे से भी जानकारी

झारखंड पुलिस न केवल पुराने मामले बल्कि उम्मीदवारों के हलफनामों की भी समीक्षा कर रही है। उम्मीदवारों द्वारा दाखिल हलफनामे में दिए गए आपराधिक विवरण, गुप्तचर रिपोर्ट और खुफिया सूचनाओं का विश्लेषण किया जा रहा है।

भारत निर्वाचन आयोग के दिशानिर्देशों के अनुसार, किसी भी चुनावी प्रक्रिया में शामिल प्रत्याशी का आपराधिक इतिहास जाँचना अनिवार्य है। इस प्रक्रिया में पुलिस यह निर्धारित करती है कि कौन से प्रत्याशी के विरुद्ध किन थानों में प्राथमिकी दर्ज है और उसकी अद्यतन स्थिति क्या है।

झारखंड और बिहार पुलिस का सहयोग

इस विशेष अभियान में बिहार और झारखंड पुलिस के बीच समन्वय स्थापित किया गया है। दोनों राज्यों की पुलिस एक-दूसरे को ताजा रिपोर्ट उपलब्ध करा रही है ताकि चुनाव के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस कदम से न केवल कानून का शासन मजबूत होगा बल्कि आम जनता का विश्वास भी चुनाव प्रक्रिया में बढ़ेगा। चुनाव में निष्पक्षता बनाए रखने के लिए ऐसे कदम आवश्यक हैं।

जांच प्रक्रिया में शामिल पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह अभियान केवल अपराधियों की पहचान तक सीमित नहीं है। इसका उद्देश्य संभावित उम्मीदवारों को कानून का भय दिखाना और उन्हें अपराध से दूर रखना भी है।

अभियान का असर उम्मीदवारों और राजनीतिक दलों पर भी पड़ रहा है। अधिकांश दलों ने इस कार्रवाई का स्वागत किया है और आश्वस्त किया है कि वे अपने प्रत्याशियों के आपराधिक रिकॉर्ड की जाँच में सहयोग करेंगे।

चुनाव आयोग और पुलिस की यह सतर्कता चुनावी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। आम मतदाता भी इस प्रक्रिया के प्रति जागरूक हो रहे हैं और अपने मत का सही प्रयोग करने के लिए सजग हैं।

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Asfi Shadab

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असफ़ी शादाब वरिष्ठ पत्रकार और संवाददाता हैं, जो राष्ट्र भारत में महाराष्ट्र और कोलकाता से क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से जुड़े विषयों की ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हैं। उन्हें जमीनी पत्रकारिता, प्रशासनिक मामलों और समसामयिक घटनाक्रमों की गहरी समझ है। उनकी रिपोर्टिंग तथ्यपरक, शोध आधारित और आधिकारिक स्रोतों पर आधारित होती है, जिससे पाठकों को विश्वसनीय और स्पष्ट जानकारी प्राप्त होती है। अनुभव : पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य करते हुए उन्होंने महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के विभिन्न क्षेत्रों से ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है। प्रशासनिक कार्यवाहियों, सरकारी नीतियों, राजनीतिक घटनाक्रम और अपराध से जुड़े मामलों की फील्ड कवरेज उनकी प्रमुख पहचान रही है। वर्तमान भूमिका : राष्ट्र भारत में वरिष्ठ संवाददाता के रूप में वे क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से संबंधित खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं। वे जमीनी सच्चाई को सरल और आम पाठक की भाषा में प्रस्तुत करने को प्राथमिकता देते हैं। भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस महाराष्ट्र और कोलकाता रहा है, जहां वे स्थानीय प्रशासन, राजनीतिक गतिविधियों, अपराध और खेल जगत से जुड़े विषयों को करीब से कवर करते हैं। उनकी क्षेत्रीय समझ और फील्ड अनुभव उनकी रिपोर्टिंग को अधिक प्रामाणिक बनाते हैं। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • क्राइम रिपोर्टिंग : अपराध, पुलिस जांच, प्रशासनिक कार्रवाई और कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों की तथ्यपरक कवरेज। • राजनीति और शासन : सरकारी नीतियों, प्रशासनिक फैसलों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर विश्लेषणात्मक रिपोर्टिंग। • खेल पत्रकारिता : खेल जगत की प्रमुख घटनाओं, खिलाड़ियों और प्रतियोगिताओं से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग। • ग्राउंड रिपोर्टिंग : फील्ड विजिट, स्थानीय स्रोतों और आधिकारिक जानकारी के आधार पर जमीनी सच्चाई सामने लाना। • जनहित पत्रकारिता : आम लोगों से जुड़े मुद्दों और प्रशासनिक प्रभावों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तथ्यों की सटीकता, आधिकारिक स्रोतों पर आधारित रिपोर्टिंग और जमीनी अनुभव ने असफ़ी शादाब को एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। क्राइम, राजनीति और प्रशासनिक विषयों पर उनकी निरंतर फील्ड रिपोर्टिंग पाठकों के बीच उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाती है।