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Encounter: नक्सलियों के खिलाफ बड़ी सफलता, छत्तीसगढ़ के सुकमा में 12 नक्सली ढेर

Encounter: नक्सलियों के खिलाफ बड़ी सफलता, छत्तीसगढ़ के सुकमा में 12 नक्सली ढेर
छत्तीसगढ़ के सुकमा में 12 नक्सली ढेर (File Photo)

छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में डीआरजी के जवानों ने सर्च ऑपरेशन के दौरान नक्सलियों के साथ मुठभेड़ में 12 नक्सलियों को मार गिराया। मौके से आधुनिक हथियार भी बरामद किए गए। यह कार्रवाई नक्सलवाद के खिलाफ बड़ी सफलता मानी जा रही है।

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Dipali Kumari
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Encounter in Sukma: छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले से एक बार फिर नक्सलवाद के खिलाफ बड़ी और निर्णायक कार्रवाई की खबर सामने आई है। लंबे समय से नक्सली हिंसा से जूझ रहे इस इलाके में सुरक्षाबलों ने आज गुरुवार को 12 नक्सलियों को ढेर कर दिया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिला रिजर्व गार्ड यानी डीआरजी के जवानों ने सुकमा के किस्टाराम इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू किया था। यह इलाका नक्सल गतिविधियों के लिए पहले से ही संवेदनशील माना जाता रहा है। सुरक्षाबलों को इनपुट मिला था कि इलाके में नक्सलियों की मौजूदगी है, जिसके बाद पूरी तैयारी के साथ अभियान चलाया गया।

तलाशी के दौरान हुई मुठभेड़

सुरक्षाबलों की टीम जैसे ही किस्टाराम क्षेत्र में आगे बढ़ी, नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद दोनों ओर से कई घंटों तक गोलीबारी होती रही। जवानों ने पूरे संयम और रणनीतिक सूझबूझ के साथ जवाबी कार्रवाई की। अंततः मुठभेड़ में 12 नक्सली मारे गए।

हथियारों का जखीरा बरामद

मुठभेड़ के बाद जब इलाके की तलाशी ली गई, तो मौके से भारी मात्रा में हथियार बरामद किए गए। इसमें एके-47 और इंसास राइफल जैसी घातक बंदूकें शामिल हैं। इससे साफ है कि नक्सली किसी बड़ी वारदात की तैयारी में थे, जिसे सुरक्षाबलों ने समय रहते नाकाम कर दिया।

नक्सलवाद पर लगातार कसता शिकंजा

पिछले कुछ वर्षों में छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के खिलाफ सुरक्षाबलों की कार्रवाई तेज हुई है। सरकार और सुरक्षा एजेंसियों की संयुक्त रणनीति का असर अब जमीन पर दिखने लगा है। सुकमा, बीजापुर और दंतेवाड़ा जैसे इलाकों में नक्सलियों की गतिविधियां लगातार सिमट रही हैं।

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Dipali Kumari

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दीपाली कुमारी सक्रिय पत्रकार और हिंदी कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में तीन वर्षों का अनुभव है। उन्होंने रांची के गोस्सनर कॉलेज से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। सामाजिक सरोकारों, जन-जागरूकता और जमीनी मुद्दों पर तथ्यपरक एवं संवेदनशील लेखन उनकी प्रमुख पहचान है। आम लोगों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाना और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत करना उनकी पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य है। अनुभव : पिछले तीन वर्षों से वे सक्रिय पत्रकारिता और डिजिटल कंटेंट लेखन से जुड़ी हुई हैं। इस दौरान उन्होंने सामाजिक मुद्दों, जनहित विषयों और स्थानीय समस्याओं पर लगातार लेखन किया है। उनकी रिपोर्टिंग और लेखन शैली जमीनी समझ, स्पष्ट प्रस्तुति और पाठक-केंद्रित दृष्टिकोण को दर्शाती है। वर्तमान फोकस : वे समाज, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, जन-जागरूकता और सामाजिक बदलाव से जुड़े विषयों पर लेखन करती हैं। उनकी प्राथमिकता ऐसी खबरें और लेख तैयार करना है, जो आम लोगों से सीधे जुड़ाव बनाएं और सकारात्मक सामाजिक प्रभाव उत्पन्न करें। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • सामाजिक मुद्दों पर लेखन : जनहित, सामाजिक बदलाव और आम लोगों से जुड़े विषयों पर संवेदनशील और प्रभावशाली रिपोर्टिंग। • जमीनी रिपोर्टिंग : स्थानीय समस्याओं और वास्तविक परिस्थितियों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। • जन-जागरूकता आधारित कंटेंट : शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता से जुड़े विषयों पर जानकारीपूर्ण लेखन। • हिंदी कंटेंट निर्माण : पाठकों के लिए सहज, विश्वसनीय और प्रभावी हिंदी कंटेंट तैयार करने में विशेषज्ञता। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : जमीनी मुद्दों की गहरी समझ, निष्पक्ष दृष्टिकोण और समाज-केंद्रित लेखन शैली ने दीपाली कुमारी को एक संवेदनशील और भरोसेमंद हिंदी पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। जनहित से जुड़े विषयों पर उनकी निरंतर सक्रियता और तथ्यपरक लेखन उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाते हैं।