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झारखंड ट्रेजरी घोटाला: बोकारो एसपी ऑफिस का सिपाही गिरफ्तार, घर से 8.75 लाख कैश बरामद

झारखंड ट्रेजरी घोटाला: बोकारो एसपी ऑफिस का सिपाही गिरफ्तार, घर से 8.75 लाख कैश बरामद
झारखंड ट्रेजरी घोटाला: बोकारो एसपी ऑफिस का सिपाही गिरफ्तार, घर से 8.75 लाख कैश बरामद (सांकेतिक तस्वीर)

झारखंड के करोड़ों रुपये के ट्रेजरी घोटाले में CID-SIT ने बोकारो एसपी ऑफिस के सिपाही काजल मंडल को गिरफ्तार किया। उसके घर से 8.75 लाख रुपये नकद बरामद हुए। जांच में बड़े नेटवर्क के संकेत मिले हैं। अब रिमांड पर पूछताछ से कई और नाम सामने आने की उम्मीद है।

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Dipali Kumari
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Jharkhand Treasury Scam: झारखंड में सरकारी खजाने से करोड़ों रुपये की अवैध निकासी के मामले में अब जांच की आंच और तेज हो गई है। जिला कोषागारों से गलत तरीके से वेतन और अन्य मदों में पैसे निकालने के बड़े घोटाले में CID की विशेष जांच टीम (SIT) लगातार कार्रवाई कर रही है। इसी कड़ी में गुरुवार को बोकारो एसपी कार्यालय की लेखा शाखा में तैनात सिपाही काजल मंडल को गिरफ्तार किया गया।

इस गिरफ्तारी के बाद पूरे पुलिस विभाग में हलचल मच गई है, क्योंकि जांच में सामने आया है कि सरकारी पैसे की इस हेराफेरी में अंदरखाने कई लोग जुड़े हो सकते हैं।

घर से 8 लाख 75 हजार रुपये नकद बरामद

SIT की पूछताछ में काजल मंडल ने कई अहम बातें कबूल कीं। उसके बयान और निशानदेही पर जब टीम ने बोकारो स्थित उसके घर पर छापेमारी की, तो वहां से 8 लाख 75 हजार रुपये नकद बरामद हुए। जांच अधिकारियों के मुताबिक यह रकम सरकारी खजाने से अवैध तरीके से निकाले गए पैसों का हिस्सा है।

जांच में यह भी पता चला है कि काजल मंडल इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड माने जा रहे एसपी कार्यालय के लेखापाल कौशल कुमार पांडेय का करीबी सहयोगी था। आरोप है कि कौशल पांडेय यात्रा भत्ता और अन्य सरकारी मदों से अवैध निकासी कर रकम काजल मंडल के बैंक खाते में भेजता था। बाद में यह पैसा अलग-अलग तरीकों से छिपाया जाता था।

मामले में चौथी गिरफ्तारी

इस मामले में काजल मंडल चौथा गिरफ्तार आरोपी है। इससे पहले कौशल कुमार पांडेय, गृह रक्षक सतीश कुमार और एएसआई अशोक कुमार भंडारी को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। फिलहाल ये तीनों रांची के होटवार स्थित बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा में बंद हैं।

करीब 1.93 करोड़ और 18 लाख रुपये के एफडी फ्रीज

SIT की जांच में अब तक सिर्फ नकदी ही नहीं, बल्कि करोड़ों की संपत्ति का भी खुलासा हुआ है। बोकारो के तेलीडीह इलाके में जमीन के दस्तावेज, तीन मंजिला आलीशान मकान और अलग-अलग बैंकों में करोड़ों रुपये के फिक्स्ड डिपॉजिट भी जब्त किए गए हैं। अधिकारियों ने करीब 1.93 करोड़ और 18 लाख रुपये के एफडी खाते फ्रीज कर दिए हैं।

झारखंड सरकार के सख्त निर्देश के बाद SIT अब बोकारो, हजारीबाग और चाईबासा में दर्ज ऐसे मामलों की गहराई से जांच कर रही है। अधिकारियों को शक है कि यह सिर्फ कुछ लोगों का खेल नहीं, बल्कि एक बड़ा नेटवर्क हो सकता है। अब सभी गिरफ्तार आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी, ताकि इस घोटाले में शामिल बाकी चेहरों से भी पर्दा उठ सके।

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Dipali Kumari

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दीपाली कुमारी सक्रिय पत्रकार और हिंदी कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में तीन वर्षों का अनुभव है। उन्होंने रांची के गोस्सनर कॉलेज से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। सामाजिक सरोकारों, जन-जागरूकता और जमीनी मुद्दों पर तथ्यपरक एवं संवेदनशील लेखन उनकी प्रमुख पहचान है। आम लोगों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाना और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत करना उनकी पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य है। अनुभव : पिछले तीन वर्षों से वे सक्रिय पत्रकारिता और डिजिटल कंटेंट लेखन से जुड़ी हुई हैं। इस दौरान उन्होंने सामाजिक मुद्दों, जनहित विषयों और स्थानीय समस्याओं पर लगातार लेखन किया है। उनकी रिपोर्टिंग और लेखन शैली जमीनी समझ, स्पष्ट प्रस्तुति और पाठक-केंद्रित दृष्टिकोण को दर्शाती है। वर्तमान फोकस : वे समाज, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, जन-जागरूकता और सामाजिक बदलाव से जुड़े विषयों पर लेखन करती हैं। उनकी प्राथमिकता ऐसी खबरें और लेख तैयार करना है, जो आम लोगों से सीधे जुड़ाव बनाएं और सकारात्मक सामाजिक प्रभाव उत्पन्न करें। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • सामाजिक मुद्दों पर लेखन : जनहित, सामाजिक बदलाव और आम लोगों से जुड़े विषयों पर संवेदनशील और प्रभावशाली रिपोर्टिंग। • जमीनी रिपोर्टिंग : स्थानीय समस्याओं और वास्तविक परिस्थितियों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। • जन-जागरूकता आधारित कंटेंट : शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता से जुड़े विषयों पर जानकारीपूर्ण लेखन। • हिंदी कंटेंट निर्माण : पाठकों के लिए सहज, विश्वसनीय और प्रभावी हिंदी कंटेंट तैयार करने में विशेषज्ञता। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : जमीनी मुद्दों की गहरी समझ, निष्पक्ष दृष्टिकोण और समाज-केंद्रित लेखन शैली ने दीपाली कुमारी को एक संवेदनशील और भरोसेमंद हिंदी पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। जनहित से जुड़े विषयों पर उनकी निरंतर सक्रियता और तथ्यपरक लेखन उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाते हैं।