
धनबाद जिले के केंदुआ इलाके में बुधवार को एक भयानक घटना सामने आई जब जमीन से जहरीली गैस का रिसाव शुरू हो गया। इस हादसे में एक मासूम बच्चे की जान चली गई और दो दर्जन से अधिक लोग गंभीर रूप से बीमार हो गए। करीब एक हजार से अधिक लोग इस गैस रिसाव से प्रभावित हुए हैं। घटना की गंभीरता को देखते हुए पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है और प्रशासन तथा बीसीसीएल की टीमें राहत कार्य में जुट गई हैं। गैस रिसाव से पूरे इलाके में मची अफरातफरी केंदुआडीह थाना क्षेत्र में बीसीसीएल की कोयला परियोजना वाले

धनबाद जिले के केंदुआ इलाके में बुधवार को एक भयानक घटना सामने आई जब जमीन से जहरीली गैस का रिसाव शुरू हो गया। इस हादसे में एक मासूम बच्चे की जान चली गई और दो दर्जन से अधिक लोग गंभीर रूप से बीमार हो गए। करीब एक हजार से अधिक लोग इस गैस रिसाव से प्रभावित हुए हैं। घटना की गंभीरता को देखते हुए पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है और प्रशासन तथा बीसीसीएल की टीमें राहत कार्य में जुट गई हैं। गैस रिसाव से पूरे इलाके में मची अफरातफरी केंदुआडीह थाना क्षेत्र में बीसीसीएल की कोयला परियोजना वाले

नई दिल्ली-हावड़ा विशेष ट्रेन का परिचालन रविवार से अचानक बंद हो गया, जिससे यात्रियों में असुविधा और चिंता की स्थिति उत्पन्न हो गई। धनबाद रेलवे स्टेशन से प्राप्त जानकारी के अनुसार, 04452 नई दिल्ली-हावड़ा विशेष ट्रेन का रविवार से संचालन रोक दिया गया है। हावड़ा-नई दिल्ली विशेष ट्रेन भी लगातार देरी से चल रही थी, और अब इसके बंद होने से यात्रियों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। परिचालन में रुकावट का कारण रेलवे अधिकारियों के अनुसार, तकनीकी और परिचालन कारणों के चलते नई दिल्ली-हावड़ा विशेष ट्रेन का पहिया रविवार से थम गया। कोहरे के मौसम की शुरुआत के कारण

नई दिल्ली-हावड़ा विशेष ट्रेन का परिचालन रविवार से अचानक बंद हो गया, जिससे यात्रियों में असुविधा और चिंता की स्थिति उत्पन्न हो गई। धनबाद रेलवे स्टेशन से प्राप्त जानकारी के अनुसार, 04452 नई दिल्ली-हावड़ा विशेष ट्रेन का रविवार से संचालन रोक दिया गया है। हावड़ा-नई दिल्ली विशेष ट्रेन भी लगातार देरी से चल रही थी, और अब इसके बंद होने से यात्रियों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। परिचालन में रुकावट का कारण रेलवे अधिकारियों के अनुसार, तकनीकी और परिचालन कारणों के चलते नई दिल्ली-हावड़ा विशेष ट्रेन का पहिया रविवार से थम गया। कोहरे के मौसम की शुरुआत के कारण

दिवाली-छठ पर यात्रियों को राहत: लोकमान्य तिलक-धनबाद स्पेशल में छह जनरल कोच धनबाद। त्योहारों का मौसम आते ही रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ने लगी है। इसी भीड़ को देखते हुए रेलवे ने बड़ा फैसला लिया है। मुंबई के लोकमान्य तिलक टर्मिनस से धनबाद के बीच चलने वाली साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन में अब चार के बजाय छह जनरल कोच जोड़े जाएंगे। यह निर्णय दिवाली और छठ पर्व के मद्देनज़र लिया गया है, ताकि यात्रियों को सीट की समस्या का सामना न करना पड़े। साप्ताहिक ट्रेन में दो अतिरिक्त जनरल कोच वर्तमान में इस ट्रेन में कुल चार जनरल

दिवाली-छठ पर यात्रियों को राहत: लोकमान्य तिलक-धनबाद स्पेशल में छह जनरल कोच धनबाद। त्योहारों का मौसम आते ही रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ने लगी है। इसी भीड़ को देखते हुए रेलवे ने बड़ा फैसला लिया है। मुंबई के लोकमान्य तिलक टर्मिनस से धनबाद के बीच चलने वाली साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन में अब चार के बजाय छह जनरल कोच जोड़े जाएंगे। यह निर्णय दिवाली और छठ पर्व के मद्देनज़र लिया गया है, ताकि यात्रियों को सीट की समस्या का सामना न करना पड़े। साप्ताहिक ट्रेन में दो अतिरिक्त जनरल कोच वर्तमान में इस ट्रेन में कुल चार जनरल

छठ पूजा के यात्रियों की बढ़ती भीड़, रेलवे की स्पेशल ट्रेनों पर जोर धनबाद से लेकर दिल्ली और गोरखपुर तक छठ पूजा को लेकर यात्रियों की भीड़ बढ़ गई है। इस बार नियमित ट्रेनें दो महीने पहले ही फुल हो चुकी हैं। रेलवे ने स्थिति को देखते हुए 53 स्पेशल ट्रेनें चलाने का निर्णय लिया है, जिनमें बुकिंग की शुरुआत के साथ ही सीटें भर रही हैं। त्योहारी सीजन में यात्रियों की सबसे बड़ी प्राथमिकता वे ट्रेनें हैं जो नहाय-खाय से खरना तक के समय पर गंतव्य तक पहुंचाएं। अधिक किराए के बावजूद इन ट्रेनों की सीटें तेजी से भर

छठ पूजा के यात्रियों की बढ़ती भीड़, रेलवे की स्पेशल ट्रेनों पर जोर धनबाद से लेकर दिल्ली और गोरखपुर तक छठ पूजा को लेकर यात्रियों की भीड़ बढ़ गई है। इस बार नियमित ट्रेनें दो महीने पहले ही फुल हो चुकी हैं। रेलवे ने स्थिति को देखते हुए 53 स्पेशल ट्रेनें चलाने का निर्णय लिया है, जिनमें बुकिंग की शुरुआत के साथ ही सीटें भर रही हैं। त्योहारी सीजन में यात्रियों की सबसे बड़ी प्राथमिकता वे ट्रेनें हैं जो नहाय-खाय से खरना तक के समय पर गंतव्य तक पहुंचाएं। अधिक किराए के बावजूद इन ट्रेनों की सीटें तेजी से भर

नवी मुंबई एयरपोर्ट का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नवी मुंबई में नए अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन किया। इस प्रोजेक्ट में धनबाद के केंद्रीय खनन एवं ईंधन अनुसंधान संस्थान (सिंफर) का विशेष योगदान रहा। सिंफर के वैज्ञानिकों ने उलवे पहाड़ की ऊँचाई कम कर और उलवे नदी की धारा को मोड़कर एयरपोर्ट का विकास किया। तकनीकी विवरण पहाड़ और नदी का समतलीकरण: सिंफर की ब्लास्टिंग तकनीक से रनवे और टर्मिनल का निर्माण हुआ। रणवे और टर्मिनल: समुद्र और नदी के बीच विमान उड़ान भरेंगे। एमओयू: 2017 में सिंफर और सिडको महाराष्ट्र लिमिटेड के बीच तकनीकी सहयोग के लिए समझौता

नवी मुंबई एयरपोर्ट का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नवी मुंबई में नए अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन किया। इस प्रोजेक्ट में धनबाद के केंद्रीय खनन एवं ईंधन अनुसंधान संस्थान (सिंफर) का विशेष योगदान रहा। सिंफर के वैज्ञानिकों ने उलवे पहाड़ की ऊँचाई कम कर और उलवे नदी की धारा को मोड़कर एयरपोर्ट का विकास किया। तकनीकी विवरण पहाड़ और नदी का समतलीकरण: सिंफर की ब्लास्टिंग तकनीक से रनवे और टर्मिनल का निर्माण हुआ। रणवे और टर्मिनल: समुद्र और नदी के बीच विमान उड़ान भरेंगे। एमओयू: 2017 में सिंफर और सिडको महाराष्ट्र लिमिटेड के बीच तकनीकी सहयोग के लिए समझौता