नागपुर में डॉ. मनाली क्षीरसागर ने माफसू के कुलपति का अतिरिक्त कार्यभार संभाला

माफसू की कुलपति डॉ. मनाली क्षीरसागर: नागपुर में डॉ. मनाली क्षीरसागर ने 28 सितंबर 2026 को महाराष्ट्र पशु एवं मत्स्य विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलपति का अतिरिक्त कार्यभार संभाला। माफसू के निवर्तमान कुलपति डॉ. नितीन पाटील का कार्यकाल समाप्त होने के बाद उन्हें यह जिम्मेदारी मिली। उन्होंने अधिकारियों के साथ प्रशासनिक और शैक्षणिक मुद्दों पर चर्चा की तथा किसानों के कल्याण, अनुसंधान और विस्तार कार्यों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया।
विषयसूची
डॉ. मनाली क्षीरसागर ने माफसू की जिम्मेदारी संभाली
माफसू की कुलपति डॉ. मनाली क्षीरसागर: नागपुर, 28 सितंबर। राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय आरटीएमएनयू (RTMNU) की कुलपति डॉ. मनाली क्षीरसागर ने सोमवार को महाराष्ट्र पशु एवं मत्स्य विज्ञान विश्वविद्यालय माफसू (MAFSU), नागपुर के कुलपति का पदभार ग्रहण किया।
इस अवसर पर माफसू (MAFSU) के निवर्तमान कुलपति डॉ. नितीन पाटील सहित विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारी, अधिष्ठाता और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में डॉ. शिरीष उपाध्ये (संचालक शिक्षा एवं अधिष्ठाता, पशु चिकित्सा विज्ञान संकाय), डॉ. नितीन कुरकुरे (संचालक अनुसंधान), डॉ. एम.आर. पाटील (अधिष्ठाता डेयरी टेक्नोलॉजी), डॉ. भूषण रामटेके (अधिष्ठाता स्नातक शिक्षा), रजिस्ट्रार मोना ठाकुर, उपकुलसचिव डॉ. अजय गावंडे, परीक्षा नियंत्रक डॉ. एन.सी. नंदेश्वर, नियंत्रक मनीषा शेंडे और विश्वविद्यालय अभियंता प्रमोद तायडे मौजूद थे। आरटीएमएनयू (RTMNU) के रजिस्ट्रार डॉ. विजय खंडाल भी इस मौके पर उपस्थित रहे।
समारोह में एक लघु फिल्म प्रदर्शित की गई, जिसमें महाराष्ट्र के किसानों की आजीविका सुरक्षा में माफसू (MAFSU) के योगदान और पिछले तीन वर्षों की उपलब्धियों को दर्शाया गया।
किसानों के कल्याण और अनुसंधान पर दिया जोर
निवर्तमान कुलपति डॉ. नितीन पाटील ने अपने कार्यकाल में हुई शोध, शैक्षणिक और विस्तार सेवाओं की प्रगति का उल्लेख किया और विश्वविद्यालय के शिक्षकों-कर्मचारियों के सहयोग के लिए आभार जताया।
पदभार संभालने के बाद डॉ. क्षीरसागर ने अधिकारियों के साथ चर्चा कर तत्काल ध्यान देने योग्य मुद्दों की जानकारी ली। उन्होंने किसानों के कल्याण में माफसू (MAFSU) के अनुसंधान कार्यों की सराहना करते हुए शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिए पूर्ण सहयोग और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता जताई।
आगामी दिनों में डॉ. क्षीरसागर के नेतृत्व में विश्वविद्यालय की प्राथमिकताओं और नई योजनाओं पर स्पष्टता सामने आने की उम्मीद है।
रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र

