जरूर पढ़ें

बिहार विधानसभा चुनाव में सभी प्रवर्तन एजेंसियों को किया गया समन्वयित कार्रवाई हेतु निर्देश

Bihar Assembly Election
Bihar Assembly Election: समन्वयित कार्यवाही के लिए प्रवर्तन एजेंसियों को मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने दिए निर्देश
Updated:

बिहार विधानसभा चुनाव के मद्देनजर प्रवर्तन एजेंसियों के समन्वय का निर्देश

रांची। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री के. रवि कुमार ने शुक्रवार को निर्वाचन सदन में बिहार विधानसभा चुनाव के दृष्टिगत एक विशेष बैठक आयोजित की, जिसमें राज्य की सभी प्रवर्तन एजेंसियों के प्रमुख उपस्थित रहे। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि चुनाव स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने सभी एजेंसियों को स्पष्ट रूप से निर्देश दिया कि वे आपस में और बिहार राज्य की प्रवर्तन एजेंसियों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर कार्य करें। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी और सक्रियता चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए अत्यंत आवश्यक है।

Bihar Assembly Election
Bihar Assembly Election: समन्वयित कार्यवाही के लिए प्रवर्तन एजेंसियों को मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने दिए निर्देश

सीमा क्षेत्रों में कड़ी निगरानी और मिरर चेकपोस्ट

श्री के. रवि कुमार ने बताया कि झारखंड राज्य के 10 जिले बिहार के साथ सीमाएँ साझा करते हैं। बिहार में विधानसभा चुनाव के दौरान आदर्श आचार संहिता लागू है। इसे ध्यान में रखते हुए, दोनों राज्यों की सीमाओं पर ‘मिरर चेकपोस्ट’ स्थापित किए गए हैं। इन चेकपोस्टों का उद्देश्य अवैध सामग्रियों, नकदी, शराब, ड्रग्स और चुनाव में प्रलोभन हेतु प्रयुक्त अन्य सामग्री की आवाजाही को रोकना है।

Bihar Assembly Election
Bihar Assembly Election: समन्वयित कार्यवाही के लिए प्रवर्तन एजेंसियों को मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने दिए निर्देश

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने जोर देकर कहा कि ये चेकपोस्ट पूरी तरह सक्रिय रहेंगे और प्रवर्तन एजेंसियाँ किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि छापेमारी में प्राप्त अवैध सामग्रियों के पीछे जुड़े नेटवर्क का पता लगाना और उसकी पूर्ण कार्यवाही सुनिश्चित करना आवश्यक है।

नकदी, शराब और प्रलोभन रोकथाम पर विशेष ध्यान

बैठक में यह निर्णय लिया गया कि चुनाव प्रभावित करने वाली अवैध गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। प्रवर्तन एजेंसियों को निर्देश दिया गया कि वे नकदी, शराब, ड्रग्स और अन्य प्रलोभन की अवैध आवाजाही रोकने के लिए सक्रिय रूप से कार्य करें। इसके साथ ही सीमावर्ती इलाकों में संदिग्ध स्थानों पर लगातार छापेमारी की जाएगी।

Bihar Assembly Election
Bihar Assembly Election: समन्वयित कार्यवाही के लिए प्रवर्तन एजेंसियों को मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने दिए निर्देश

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि अवैध शराब भट्ठियों की सूचना आपस में साझा कर उसे ध्वस्त किया जाए। किसी भी प्रकार की संदिग्ध सामग्री का पता लगते ही तत्काल कार्यवाही हो और उसका पूरा ब्यौरा आयोग को उपलब्ध कराया जाए।

सभी एजेंसियों का समन्वय और प्रशिक्षण

बैठक में यह भी परामर्श लिया गया कि राज्य पुलिस, नारकोटिक्स, वन विभाग, उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग और कर विभाग सहित सभी एजेंसियों का समन्वय सुनिश्चित हो। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे सीमावर्ती इलाकों में विशेष निगरानी रखें और संदिग्ध गतिविधियों पर मिलकर कार्रवाई करें।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने यह भी निर्देश दिया कि प्रवर्तन एजेंसियों के अधिकारियों को समय-समय पर प्रशिक्षण और मार्गदर्शन दिया जाए ताकि वे चुनाव के दौरान किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को प्रभावी ढंग से रोक सकें।

बैठक में उपस्थित प्रमुख अधिकारी

बैठक में राज्य पुलिस नोडल पदाधिकारी श्री माईकल राज, आयुक्त वाणिज्य एवं कर विभाग श्री अमित कुमार, आयुक्त उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग श्री लोकेश कुमार मिश्रा, आईजी श्री धनंजय कुमार, आईजी श्री अश्विनी कुमार, नारकोटिक्स, टैक्स और वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, तथा मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री सुबोध कुमार और श्री देव दास दत्ता उपस्थित रहे।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बैठक का समापन करते हुए कहा कि सभी प्रवर्तन एजेंसियों को पूर्ण समन्वय, तत्परता और सतर्कता के साथ कार्य करना चाहिए ताकि बिहार विधानसभा चुनाव निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक रूप से संपन्न हो सके।


Rashtra Bharat
Rashtra Bharat पर पढ़ें ताज़ा खेल, राजनीति, विश्व, मनोरंजन, धर्म और बिज़नेस की अपडेटेड हिंदी खबरें।

Asfi Shadab

असफ़ी शादाब वरिष्ठ पत्रकार और संवाददाता हैं, जो राष्ट्र भारत में महाराष्ट्र और कोलकाता से क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से जुड़े विषयों की ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हैं। उन्हें जमीनी पत्रकारिता, प्रशासनिक मामलों और समसामयिक घटनाक्रमों की गहरी समझ है। उनकी रिपोर्टिंग तथ्यपरक, शोध आधारित और आधिकारिक स्रोतों पर आधारित होती है, जिससे पाठकों को विश्वसनीय और स्पष्ट जानकारी प्राप्त होती है।

अनुभव : पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य करते हुए उन्होंने महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के विभिन्न क्षेत्रों से ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है। प्रशासनिक कार्यवाहियों, सरकारी नीतियों, राजनीतिक घटनाक्रम और अपराध से जुड़े मामलों की फील्ड कवरेज उनकी प्रमुख पहचान रही है।

वर्तमान भूमिका : राष्ट्र भारत में वरिष्ठ संवाददाता के रूप में वे क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से संबंधित खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं। वे जमीनी सच्चाई को सरल और आम पाठक की भाषा में प्रस्तुत करने को प्राथमिकता देते हैं।

भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस महाराष्ट्र और कोलकाता रहा है, जहां वे स्थानीय प्रशासन, राजनीतिक गतिविधियों, अपराध और खेल जगत से जुड़े विषयों को करीब से कवर करते हैं। उनकी क्षेत्रीय समझ और फील्ड अनुभव उनकी रिपोर्टिंग को अधिक प्रामाणिक बनाते हैं।

मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) :
• क्राइम रिपोर्टिंग : अपराध, पुलिस जांच, प्रशासनिक कार्रवाई और कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों की तथ्यपरक कवरेज।
• राजनीति और शासन : सरकारी नीतियों, प्रशासनिक फैसलों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर विश्लेषणात्मक रिपोर्टिंग।
• खेल पत्रकारिता : खेल जगत की प्रमुख घटनाओं, खिलाड़ियों और प्रतियोगिताओं से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग।
• ग्राउंड रिपोर्टिंग : फील्ड विजिट, स्थानीय स्रोतों और आधिकारिक जानकारी के आधार पर जमीनी सच्चाई सामने लाना।
• जनहित पत्रकारिता : आम लोगों से जुड़े मुद्दों और प्रशासनिक प्रभावों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना।

विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) :
तथ्यों की सटीकता, आधिकारिक स्रोतों पर आधारित रिपोर्टिंग और जमीनी अनुभव ने असफ़ी शादाब को एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। क्राइम, राजनीति और प्रशासनिक विषयों पर उनकी निरंतर फील्ड रिपोर्टिंग पाठकों के बीच उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाती है।